समाज के सम्पन्न वर्गों से रसोई गैस पर सब्सिडी गरीबों के लिए छोड़ने का अनुरोध किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार सहकारी संघीय व्यवस्था में विश्वास करती है और चाहती है कि राज्य मजबूत बनें। बैंगलूरू में कल रैली में श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार सही मायने में सहकारी संघीय व्यवस्था का पालन कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि राज्य सशक्त बनें ताकि देश प्रगति कर सके। कोऑपरेटिव फेडरिलिज्म भारत संघीय ढांचा है और हमने राज्य को भी राष्ट्र निर्माण में दिल्ली सरकार और राज्य सरकार को हमने पार्टनर माना है। किसी भी दल की सरकार क्यों न हो, दिल्ली सरकार के लिए सब सरकारें समान हैं। सब सरकारों को विकास के कार्यक्रमों में जितनी मदद हो सके कोऑपरेटिव फेडरिलिज्म का लेटर एंड स्पिरिट में पालन हो, उस दिशा में हमने कदम उठाया है। इसीलिये नीति आयोग का निर्माण हुआ है। हम चाहते हैं राज्य मजबूत बने। राज्य आगे बढ़ेगा, तो देश आगे बढ़ेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदला है और वह सभी राज्यों को भागीदार मानती है भले ही इन राज्यों में किसी भी दल की सरकार हो। श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार, राज्यों पर विश्वास करना चाहती है ताकि वे राशि का इस्तेमाल अपने-अपने राज्य के विकास के लिए कर सकें।

भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाषण देते हुए श्री मोदी ने समाज के संपन्न वर्गों से रसोई गैस पर सब्सिडी छोड़ने का आग्रह किया, ताकि इसका इस्तेमाल गरीबों को सब्सिडी वाले रसोई गैस कनेक्शन मुहैया कराने के लिए किया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि सब्सिडी छोड़ने के अभियान को स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के तौर पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।