सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड का निजीकरण नहीं करने का आश्वासन दिया

सरकार के कोल इंडिया लिमिटेड का निजीकरण नहीं करने और कामगारों के हितों की रक्षा करने के आश्‍वासन के बाद कोयला श्रमिकों ने कल रात अपनी देशव्‍यापी हड़ताल समाप्‍त कर दी।

हड़ताल का कल दूसरा दिन था। कोयला मंत्री पीयूष गोयल और कोयला श्रमिकों के प्रतिनिधियों के बीच छह घंटे तक चली बैठक के बाद यह फैसला किया गया। बैठक के बाद श्री गोयल ने घोषणा की कि श्रमिकों के हितों पर गौर करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी। स्ट्राइक को वापस ले लिया गया है। मेरी मुख्यमंत्रियों से भी बातचीत हो गई है कि किसी प्रकार का कोई विन्डिक्टिवनेस, कोई पुलिस अधिकारी लोअर लेवल पे या किधर भी गलत प्रकार का व्यवहार न हो कामगारों के साथ। और सरकार, मेनेजमेंट और कामगार हम साथ मिलकर भारत की जनता की सेवा में लगे हैं। इस समिति में संयुक्‍त सचिव स्‍तर के अधिकारी के नेतृत्‍व में हड़ताल करने वाले पांच मज़दूर संघों के एक-एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा। हड़ताल के कारण तीन सौ करोड़ रूपये के नुकसान होने का अनुमान है। हड़ताल समाप्‍त होने से बिजली क्षेत्र को भी राहत मिली है।