सरकार ने राज्यसभा में लंबित मोटर वाहन संशोधन विधेयक जल्द पारित करने में सहयोग की अपील की

सड़क दुर्घटनाओं में हर साल डेढ़ लाख लोगों की मौत होने का जिक्र करते हुए सड़क परिवहन परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य सभा में लंबित मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2017 जल्द पारित करने में सहयोग की आज अपील की। गडकरी ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि देश में सड़क दुर्घटनाओं में 18 से 35 आयु वर्ग के 65 प्रतिशत लोगों की मौत होती है । इन सभी की जान बचाने के लिए यह विधेयक लाया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह विधेयक एक साल से राज्य सभा में लंबित है। इसे पारित कराने में आप सहयोग करिए। ’’ उन्होंने कहा कि 786 ब्लैक स्पॉट्स (सड़कों पर गड्ढों) की पहचान की गई है। उन्हें दुरस्त करने के लिए राशि आवंटित की गई है। गडकरी ने कहा कि कुछ सड़कें राज्य सरकारों के हैं, जबकि कुछ जिला सड़कें हैं। इससे जुड़ी समस्या का समाधान करने के लिए संबद्ध जिलों के सांसदों की अध्यक्षता में कमेटी बनाने के लिए एक गजट अधिसूचना भी जारी की गई है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि पूरी दुनिया में सबसे आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस भारत में बनता है। देश में 30,000 बोगस ड्राइविंग लाइसेंस हैं।

मंत्री ने वाहनों के पंजीकरण का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) से लेकर डीलरों को दिए जाने के विषय पर कहा कि एक नयी गाड़ी पर कर लगाना राज्य सरकार का विशेषाधिकार है। कर बढ़ाने का भी पूरा अधिकार राज्य सरकारों का है। उन्होंने कहा, ‘‘हम राज्य सरकारों का कोई अधिकार नहीं लेंगे।’’ गडकरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सभी राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों के पुलिस विभागों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 के दौरान सड़कों पर गड्ढों के चलते 3597 लोगों की मौतें हुई। वर्ष 2015 में यह आंकड़ा 3416 था, जबकि 2016 में 2324 लोग इन दुर्घटनाओं में मारे गए।