सरस्‍वती पूजा के लिए जुटे हिंदू, मुसलमान नमाज के लिए तैयार

इंदौर/धार। भोजशाला में गुरुवार को छूट के बावजूद हिंदू संगठनों ने सरस्वती पूजन नहीं किया। कुछ लोग पहुंचे जरूर, लेकिन सिर्फ दर्शन कर लौट गए। शुक्रवार को सूर्योदय के साथ सरस्वती पूजन शुरू हो गया है। हजारों की तादाद में हिंदू पूजा के लिए जुट रहे हैं। कई बार पुलिस के साथ झड़प भी हुई है।  हिंदू संगठनों ने पूरे दिन पूजा की तैयारी की है। संत नरेंद्रानंद सरस्वती सहित कई संत भी इस पूजन में शामिल हो सकते हैं। 
दूसरी तरफ, प्रशासन ने गुरुवार को कोर्ट में वादा किया है कि भोजशाला में शुक्रवार को 1 से 3 बजे तक नमाज करवाई जाएगी। इसके लिए पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। हालांकि, एक साथ पूजा व नमाज कैसे होगी, इस पर अधिकारी मौन हैं। नमाज के दौरान भोजशाला खाली करवाई जाएगी या नहीं? 2006 की तरह नमाज छत पर होगी या फिर परिसर में, इसका भी खुलासा नहीं किया गया है।
सुरक्षा के मद्देनजर धार को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए दो स्थलों को अस्थाई जेल घोषित किया गया है। कलेक्टर सीबी सिंह ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिक संख्या में गिरफ्तारियां हो सकती हैं। 2003 में भोजशाला के ताले खुलने के बाद यह पहला मौका है, जब प्रशासन ने वसंत पंचमी से एक दिन पहले तनाव की बात स्वीकारी है।
आईजी अनुराधा शंकर और संभागायुक्त प्रभात पाराशर ने सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट को परिस्थिति के हिसाब से मौके पर ही फैसला लेने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि वरिष्ठ अफसर के निर्देश की प्रतीक्षा के चक्कर में देर न करें। स्वविवेक से निर्णय लें। कोई गड़बड़ी करता है तो सख्ती से निपटें। धार में प्रवेश के सभी रास्तों पर भी चौकसी बरती जा रही है। शहर से जुड़े मुख्य मार्गों से आने वाले वाहनों को भोजशाला से एक किमी दूर ही रोक दिया जाएगा। कलेक्टर सी.बी. सिंह ने बताया कि किला परिसर की पुरानी जेल और पॉलिटेक्निक कॉलेज को अस्थायी जेल बनाया गया है।