सस्ता होगा होम और ऑटो लोन, चिदंबरम का बैंको को फरमान

tatpar 3 july 2013

नई दिल्ली,  ब्यूरो। पिछले चार वर्षो के दौरान कर्ज की दरों को नीचे लाने में असफल रही केंद्र सरकार चुनावी साल में कोई कोताही नहीं करना चाहती। ऐसे समय जब रिजर्व बैंक भी ब्याज की दरों को घटाने को लेकर हाथ खड़े कर चुका है, वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बैंकों को साफ कह दिया है कि वे कर्ज सस्ता करें। वित्त मंत्री के इस फरमान का असर जल्द दिखने के आसार हैं। सरकारी बैंक होम लोन, ऑटो लोन सहित अन्य कर्ज की दरों में एक चौथाई फीसद की कमी कर सकते हैं।

आज सरकारी बैंकों के प्रमुखों के साथ वित्त मंत्री की बैठक थी। वित्त मंत्री का साफ निर्देश था कि बैंकों को बेस रेट [जिस दर पर कर्ज की दरें तय होती हैं] घटाना चाहिए। बाद में वित्त मंत्री ने बताया भी कि, बैंकों के लिए मुद्रा की लागत कम हुई है। उनके पास ब्याज दरों को घटाने का मौका है। हमने उन्हें सुझाव दिया है कि वे जुलाई के महीने में भी बेस रेट को घटाने पर विचार करें। बैंकों का यह कदम घरेलू अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार को तेज करने में काफी अहम साबित हो सकता है।

इस समय भारतीय स्टेट बैंक को छोड़ कर अन्य सरकारी बैंकों का औसत बेस रेट 10.2 फीसद है। स्टेट बैंक का बेस रेट 9.7 फीसद है जो पूरे बैंकिंग उद्योग में सबसे कम है। दरअसल, ब्याज दरों को घटाने का रास्ता रिजर्व बैंक साफ करता है लेकिन महंगाई के खतरे की वजह से आरबीआइ गर्वनर डी सुब्बाराव ने इस तरह का कदम उठाने से लगातार मना कर रहे हैं। आरबीआइ का कहना है कि अगर ब्याज दरें घटाई गई तो महंगाई फिर भड़क सकती है। दूसरी तरफ केंद्र सरकार बार-बार यह कहती रहती है कि कर्ज की दरें कम होनी चाहिए। पिछली दफे मौद्रिक नीति की समीक्षा में जब आरबीआइ ने ब्याज दरों को नहीं घटाया था तब वित्त मंत्री ने कहा था कि, अगर विकास दर को तेज करने की जिम्मेदारी सिर्फ वित्त मंत्रालय की है तो फिर यही सही। बहरहाल, अब साफ है कि वित्त मंत्रालय आगामी चुनावों को देखते हुए कर्ज को सस्ता करने के लिए अपने स्तर पर ही दबाव बनाने में जुट गया है।