सांसद चाहते हैं दोगुनी सैलरी: मोदी को एतराज, पैकेज बढ़ाने के लिए दिया नया सुझाव

नई दिल्ली. सांसद चाहते हैं कि उनकी सैलरी और अलाउंस में 100% का इजाफा हो जाए। एक पार्लियामेंट्री कमेटी इसकी सिफारिश भी कर चुकी है। लेकिन मोदी को इस पर एतराज है। उन्होंने कहा है कि अपने सैलरी पैकेज के बारे में सांसदों को खुद फैसला नहीं करना चाहिए। उन्होंने इसके बदले नया रास्ता सुझाया है।
मोदी ने कहा- कोई और बॉडी तय करे…
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम का मानना है कि सांसदों की सैलरी का फैसला पे कमीशन या उस जैसी कोई और बॉडी करे, जो वक्त के हिसाब से इसमें बढ़ोतरी करती रहे।
– मोदी का सुझाव है कि सांसदों की सैलरी को प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट या कैबिनेट सेक्रेटरी जैसी पोस्ट की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी से लिंक कर देना चाहिए।
– पीएम के मुताबिक, सांसद इस पर खुद फैसला ना करें, बल्कि इन टॉप पोस्ट्स पर बैठे लोगों की सैलरी बढ़ाने का जब कभी कोई पे कमीशन फैसला करे, वही कमीशन सांसदों की सैलरी पर भी गौर करे।
सांसदों की क्या है मांग?
– ज्यादातर सांसदों का मानना है कि खर्च और महंगाई बढ़ने के कारण सैलरी बढ़ाने की जरूरत है।
– पिछले दिनों राज्यसभा में सपा मेंबर नरेश अग्रवाल ने यह मुद्दा उठाया था।
– कुछ सांसदों का कहना है कि उनकी सैलरी कम से कम कैबिनेट सेक्रेटरी से ज्यादा हो। कुछ की मांग है कि इसे दोगुना किया जाए।
– बता दें कि सांसदों की सैलरी और अलाउंस पर बनी ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी के चेयरमैन गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ हैं।
– उन्होंने केंद्र को इस मुद्दे पर सुझाव दिए थे जो कि फाइनेंस डिपार्टमेंट के पास भेजे गए थे।
– यह कमेटी न केवल सांसदों की सैलरी, बल्कि उनके फोन बिल, ट्रेवलिंग, डेली अलाउंस, मेडिकल फैसेलिटीज जैसे खर्चों को लेकर भी चर्चा करती है।
कमेटी ने क्या सिफारिशें भेजी?
– पार्लियामेंट्री कमेटी ने सांसदों की सैलरी 50 हजार से एक लाख रुपए हर महीने करने की सिफारिश की है।
– कॉन्स्टिट्यून्सी अलांउस भी 45 हजार से 90 हजार करने की बात कही गई है।
– अगर ये सभी सिफारिशें मान ली जाती हैं तो सांसदों का कम्पनसेशन पैकेज एक लाख चालीस हजार रुपए महीने से बढ़कर दोगुना यानी 2 लाख 80 हजार रुपए हर महीने हो जाएगा।
– कमेटी ने पेंशन में भी 75 फीसदी की बढ़ोतरी का सुझाव दिया है।
– ये भी सिफारिश है कि एक तय वक्त के बाद सैलरी का रिवीजन किया जाए।
पीएमओ में अभी नहीं हुई चर्चा
– ज्वाइंट कमेटी ने भले ही सैलरी बढ़ाने को लेकर रिपोर्ट दी है लेकिन अभी तक इस बारे में पीएमओ में कोई चर्चा नहीं हुई है।
– पीएमओ और फाइनेंस डिपार्टमेंट ने इस बारे में अभी कोई बात नहीं की है।
– पिछली बार सांसदों की सैलरी 2010 में बढ़ाई गई थी।