सिनेमा ही मेरा दाना-पानी, इसका शुक्रगुजार हूं : अक्षय कुमार

tatpar 20 june 2013

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार कहते हैं कि उनकी जिंदगी में शोहरत, इज्जत, दौलत, तारीफ, जीवनशैली, भव्यता सब कुछ सिनेमा जगत की देन है। उन्होंने अपने 20 साल के करियर में जितना कुछ भी हासिल किया है, उसका श्रेय सिनेमा जगत को जाता है। सिनेमा उनके लिए सब कुछ है।

अक्षय (45) ने 1991 में फिल्म ‘सौगंध’ से अपना फिल्मी करियर शुरू किया था और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनका करियर लगातार नई ऊंचाइयों को छूता गया।

उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया, सिनेमा मेरा दाना-पानी है। यहीं से मैंने शुरुआत की। मैं फिल्म जगत का शुक्रगुजार हूं। सिनेमा मेरे लिए सब कुछ है।

सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेताओं में गिने जाने वाले अक्षय ने पिछले साल ‘हाउसफुल 2’ और ‘राउडी राठौर’ जैसी सफलतम फिल्में दी थीं। दोनों फिल्मों ने बॉक्सऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी।

अक्षय ने फायदेमंद अभिनेता कहे जाने के जवाब में कहा, सिनेमा जगत में कौन ऐसा अभिनेता नहीं बनना चाहता, जो निर्माताओं और प्रदर्शकों को पूरा फायदा दे। मुझे अपने लिए यह सुनकर खुशी होती है।

अक्षय ने फिल्मों की सामग्री और गुणवत्ता के बारे में बात करते हुए कहा, फिल्मों में जमे रहना जरूरी होता है। वितरकों और प्रदर्शकों को खुश करना जरूरी होता है। आखिरकार इन्हीं लोगों से आपका काम चलता है। बॉक्सऑफिस का परिणाम ज्यादा मायने रखता है। हर कोई क्या कहता है, यह जरूरी नहीं है।

करियर की शुरुआत में अक्षय को मारधाड़ वाली फिल्मों के अभिनेता के रूप में पहचाना जाता था। उन्होंने ‘खिलाड़ी’ और ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’ जैसी सफल मारधाड़ प्रधान फिल्मों में काम किया था। बाद में अक्षय ने ‘वक्त : रेस अगेंस्ट टाइम’ और ‘हेरा-फेरी’ जैसी सफलतम हास्य फिल्मों में भी काम किया।

फिल्म ‘खिलाड़ी 786’ में अक्षय दोबारा अपने पुराने मारधाड़ वाले नायक के किरदार में नजर आए। जल्द ही उनकी फिल्म ‘वंस अपॉन ए टाइम इन मुम्बई दोबारा’ भी सिनेमाघरों में आने वाली है। अक्षय ने कहा कि उन्हें मारधाड़ और हास्य मिश्रित फिल्में करना पसंद है।