सीएम शिवराज की चेतावनी; 7 दिन में सिस्टम में सुधार नहीं अाया तो हटेंगे आईजी-एसपी

भोपाल.महिला सुरक्षा और भावांतर योजना के क्रियान्वयन को लेकर रविवार को डिवीजनल कमिश्नर, कलेक्टर, आईजी और एसपी के साथ हुई वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था को 7 दिन में सुधार नहीं किया गया तो आईजी और एसपी का हटना तय है। अपराधियों का कोई मानवाधिकार नहीं होता है। इनसे सख्ती से निपटा जाए। महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर ठीक से काम नहीं हो रहा है। अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए। बेटियों के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार करने वाले मनचलों का जुलूस निकाला जाए। अपराधियों के खिलाफ ऐसा एक्‍शन हो जिससे उनकी रूह कांप जाए। इसके लिए पुलिस को कैसे काम करना है, इसकी पूरी छूट है। मुझे हर हाल में रिजल्ट चाहिए।

चौहान ने कलेक्टरों से कहा कि यदि भावांतर योजना के क्रियान्वयन में दिक्कत आई तो माना जाएगा कि आप काम नहीं कर पा रहे है और कलेक्टर रहने लायक नहीं हैं। महिला अपराध और भावांतर योजना को लेकर 27 मार्च को समीक्षा की जाएगी। इस बीच सिस्टम में सुधार कर लिया जाए।

मेरे कहने के बाद ही क्यों सक्रिय होती है पुलिस

प्रदेश में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री खासे नाराज हैं। उन्होंने अफसरों से सख्त लहजे में कहा है कि मुझे सिर्फ और सिर्फ एक्शन चाहिए, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। हालांकि उन्होंने इंदौर पुलिस की तारीफ करते हुए डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा और चंबल आईजी संतोष सिंह की कार्यप्रणाली की सराहना की, लेकिन साथ में यह भी कहा कि ऐसा भोपाल में क्यों नहीं हुआ। जब मैंने कहा, तब पुलिस सड़क पर दिखाई दी। मुझे हर बात क्यों कहना पड़ रही है।

पहले भी कलेक्टर-एसपी को आड़े हाथों ले चुके हैं सीएम

12 जून 2017 (कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में )- निचले स्तर पर चल रहे भ्रष्टाचार के लिए कलेक्टरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था- इसमें सुधार नहीं किया तो हटा दिए जाएंगे।
13 जुलाई 2017 (बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में )- काम न करने वाले कलेक्टरों को उल्टा लटका दूंगा। उन्हें कलेक्टरी करने लायक नहीं छोड़ा जाएगा।
15 दिसंबर 2017 (आईएएस मीट में )- एमपी की ब्यूरोक्रेसी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है। एक अच्छा कलेक्टर व एसपी पूरे जिले को बदल सकते हैं।

गेहूं समर्थन मूल्य पर या मंडी में बेचें, सबको मिलेंगे 265 रुपए

किसान चाहे तो समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचे या फिर मंडी में। सरकार सभी किसानों को 265 रुपए प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि देगी। अभी तक केवल समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले गेहूं पर 265 रुपए दिए जाने की घोषणा की गई थी। लेकिन मुख्यमंत्री ने मंडी में बेचे गए गेहूं पर भी प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है। इसे मुख्यमंत्री समृद्धि योजना नाम दिया गया है। यानी कोई किसान मंडी में 2500 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से गेहूं बेचता है तो उसे अतिरिक्त 265 रुपए मिलेंगे। लेकिन निम्न क्वालिटी का गेहूं 1 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव से बेचा जाता है तो भी उसके खाते में अतिरिक्त 265 रुपए जाएंगे।