सीट शेयरिंग पर उपेंद्र कुशवाहा ने खेला दांव- बताया, नफा-नुकसान का फॉर्मूला

रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने आज दिल्ली स्थित अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें उन्होंने मीडिया के समक्ष अपनी बात रखी और अपने इस्तीफे की खबरों को सिरे से खारिज किया। प्रेस से किए सवाल-जवाब में उन्होंने कहा कि अभी सीट बंटवारे की बात फाइनल नहीं हुई है। अगले दौर में ये फाइनल होगा कि किसे कितनी सीटें मिलेंगी? इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हम 66 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।

सीटों की संख्या पर छलका कुशवाहा का दर्द

सीटों की संख्या पर उन्होंने कहा कि हमने तीन सीटों की मांग की है और ये जायज भी है क्योंकि इससे पहले भी हमने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके साथ ही उपेंद्र कुशवाहा का दर्द छलका और उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था में लाभ-हानि का बंटवारा संस्था के सभी सदस्यों को झेलना पड़ता है। एेसा नहीं होता कि लाभ हुआ तो आपका और घाटा हुआ तो मेरा।

उन्होंने कहा कि भूपेन्द्र यादव के साथ पॉजिटिव बातचित हुई है। आगे दोबारा बात होगी, फिर फैसला होगा।बात नहीं बनने पर पीएम से भी बात करेंगे।

लाभ-हानि सबके हिस्से हो, हमें तीन सीट क्यों नहीं

उन्होंने कहा कि बीजेपी ने बातचीत के लिए मुझे बुलाया था। हमने भूपेन्द्र यादवजी से बता दिया है कि हमे कितनी सीट चाहिए। आज भूपेंद्र यादव जी से भी कहा कि हमारी हिस्सेदारी सिर्फ लाभ में ही नहीं, हानि में भी होनी चाहिए।

आज बिहार में एनडीए में जदयू के आने से बड़ी जीत मिली तो खुशी सबकी लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए सीटें की संख्या कम हो गईं तो इसका खामियाजा सिर्फ हम ही झेलें, एेसा तो नहीं होता ना।उन्होंने इसके साथ ही ये भी कहा है कि अब मध्यप्रदेश में भी हम चुनाव लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी हिस्सेदारी केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी है। लेकिन, आज अगर हिस्सेदारी की बात हो रही है तो हमें इससे वंचित क्यों किया जा रहा है? मेरा ये सवाल है। कुशवाहा ने ये जोर देकर कहा कि हम एनडीए में हैं और रहेंगे।

अभी इंतजार कीजिए, हो जाएगा फैसला

भाजपा-जदयू के बीच फिफ्टी-फिफ्टी सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा कि अभी उनकी बात हुई है, फिफ्टी-फिफ्टी का मतलब तो 50-50 भी होता है और दस-दस भी होता है। अभी एेसा कुछ नहीं है। हमारी रामविलास पासवान से भी बात होगी। फिर भाजपा से अगले दौर की बात होगी तो फाइनल होगा कि किसे कितनी सीटें मिल रहीं हैं। अभी इंतजार कीजिए।

सीट बंटवारे की बात करने गए थे  दिल्ली

बता दें कि सीट बंटवारे को लेकर रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली आए हैं और आज उनकी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात होनी थी। लेकिन उससे पहले कुशवाहा ने आज बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। जिसके बाद कहा जा रहा है कि उन्होंने तीन सीटों की मांग की जिसपर डील फाइनल नहीं हुई है।

भूपेंद्र यादव से मिले कुशवाहा

उपेंद्र कुशवाहा आज सुबह दिल्ली में बिहार बीजेपी प्रभारी भूपेन्द्र यादव से मिलने उनके आवास पहुंचे जहां उन्होंने उनसे करीब आधे घंटे बात की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों नेताओं के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा हुई लेकिन बात नहीं बन सकी है।

भाजपा ने कहा-एनडीए में रहेंगे कुशवाहा

वहीं संभावना ये भी जताई जा रही है कि  अगर एनडीए में सम्मानजनक सीट मिलेगा तो कुशवाहा एनडीए में रहेंगे। वहीं बीजेपी नेताओं का भी कहना है कि कुशवाहा एनडीए के मजबूत साथी हैं और एनडीए में ही रहेंगे लेकिन कुशवाहा एनडीए में रहेंगे या नहीं ये तो कुशवाहा और सीट बंटवारे पर निर्भर करता है।

अमित शाह ने बुलाया था दिल्ली 

इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शनिवार को सीट बंटवारे के मामले को सुलझाने के लिए कुशवाहा को दिल्ली बुलाया था। लेकिन, अमित शाह के बुलावे को नजरअंदाज करते हुए कुशवाहा ने कहा कि अभी 28 अक्टूबर तक वह जनता के साथ संवाद में हैं। वह 29 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर अमित शाह से मुलाकात कर पाएंगे। पर ये मुलाकात 29 अक्टूबर को को भी नहीं हो पाई।

कहा जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा, अमित शाह और नीतीश कुमार के 50-50 यानी बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ने के फार्मूले से खुश नहीं हैं। लिहाजा, वो अमित शाह से मुलाकात से पहले ये जतला देना चाहते हैं कि सीट बंटवारे में एनडीए के अन्य घटक दलों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।