सीरियल रेपिस्ट ने कबूला गुनाह, 15 में से 14 बच्चियों का मर्डर के बाद किया था रेप

नई दिल्ली. मासूम बच्चियों का बलात्‍कार और मर्डर करने वाले आरोपी रविंद्र कुमार ने पुलिस की पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। सीरियल रेपिस्ट रविंद्र ने बताया कि वह बहला-फुसला कर बच्चियों को किसी सूने घर या अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में ले जाता था। वहां वह सबसे पहले उन बच्चियों की गला दबाकर हत्या कर देता और फिर उनकी लाश के साथ सेक्स करता था। आरोपी ने कबूला है कि उसने वर्ष 2008 में 17 साल की उम्र में ही इस तरह का पहला गुनाह किया था। रविंद्र ने बताया कि वह सबूत मिटाने के इरादे से पहले बच्चियों की हत्या कर देता था और फिर उसके बाद उनके साथ रेप करता था। रविंद्र अब तक 15 बच्चियों को अपना शिकार बना चुका है, जिसमें से 14 की हत्या करना उसने कबूल किया है।
कोई पछतावा नहीं
आरोपी रविंद्र को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। वह इसके लिए अपनी नशे की आदत को जिम्मेदार मानता है। रविंद्र ने कबूल किया है कि वह जो भी करता था, शराब के नशे में करता था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाले रविंद्र कक्षा 6 तक पढ़ा है और बस कंडक्टर का काम करता था।
रविंद्र ने बताया कि वह बदायूं, अलीगढ़, नोएडा और दिल्ली में ऐसी वारदात को अंजाम दे चुका है। आरोपी ने यह भी कबूला कि उसने अकेले दिल्ली में ही ऐसी सात वारदात को अंजाम दिया है। उसने स्वीकार किया कि यूपी और हरियाणा में भी उसने बच्चियों की हत्या करने के बाद उनकी लाशों के साथ रेप किया है। रविंद्र ने बताया कि उसने दो मर्डर और रेप नोएडा में किए। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने साल 2014 में समयपुर बादली और बेगमपुर में दो और मासूमों को अपना शिकार बनाने की बात कबूली है।
कैसे खुला रविंद्र के गुनाह का राज
साल 2014 में दिल्ली के बेगमपुर इलाके में रविंद्र ने एक 6 साल के छोटे लड़के को अपना शिकार बनाने की कोशिश की। रविंद्र ने उसका गला काट कर हत्या कर दी। कुछ दिन बाद उस लड़के की लाश बेगमपुर इलाके में ही एक गटर के पास मिली। 14 जुलाई, 2014 की सुबह पुलिस को बेगमपुर के एक मकान से एक बैग मिला था और इसी से मिले सुराग के आधार पर पुलिस रविंद्र तक पहुंच गई।
ऐसे देता था वारदात को अंजाम
रविंद्र ने पुलिस को बताया कि वह टॉफी खिलाने या खिलौने दिलाने का लालच देकर छोटी बच्चियों से घुलमिल जाता था। इसके बाद इन बच्चियों को बहला-फुसलाकर उसी इलाके में किसी सूनी जगह पर ले जाता था। वहां उस बच्ची को हवस का शिकार बनाता था। रविंद्र ने बताया कि वह इन बच्चियों की हत्या करने के बाद उनसे शराब के नशे में रेप करता था। इसके बाद लाश को या तो आसपास की किसी खाली जगह पर फेंक देता या फिर उन्हें दफना देता था। खास बात यह है कि ऐसी वारदातों को रविंद्र अकेले अंजाम देता था। पूछताछ में भी सामने आया है कि एक घटना को अंजाम देने के बाद रविंद्र वहां ज्यादा देर तक नहीं रुकता था। आरोपी बस कंडक्टर था, इसलिए वह एक जगह से दूसरी जगह चला जाता था।