सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की AIPMT परीक्षा, अंडरगारमेंट में चिप लगा कर हुई थी नकल

पेपर लीक हो जाने के चलते तीन मई को लिया गया ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट (AIPMT)-2015 रद्द कर दिया गया है। परीक्षा में शामिल हुए लगभग सभी साढ़े छह लाख स्‍टूडेंट्स को अब दोबारा टेस्‍ट देना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को यह फैसला सुनाते हुए सीबीएसई को चार हफ्ते में दोबारा परीक्षा आयोजित कराने के लिए कहा है।

क्‍यों रद्द हुई परीक्षा

तीन मई को परीक्षा के दौरान कई सेंटर्स पर गड़बड़ी सामने आई थी। पेपर लीक हो गए थे। छात्र नकल करते पकड़े गए थे। कई छात्रों ने नकल के लिए अंडरगारमेंट में‍ चिप लगा रखी थी। सबसे अधिक (15) सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) सेंटर पर गड़बड़ी सामने आई थी। रोहतक के 11, अजमेर के चार, जमशेदपुर के तीन और चंडीगढ़, देहरादून, भोपाल सहित कई सेंटर्स पर परीक्षा के पेपर लीक होने के मामले सामने आए थे।

अंडरगारमेंट्स में चिप फिट कर माइक्रो ब्लूटूथ से नकल कराने की थी योजना

पुलिस ने बताया था कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने अंडर गारमेंट्स में मोबाइल चिप फिट करके नकल कराने की योजना थी। माइक्रो ईयर फोन और डिजिटल वॉच का भी प्रयोग होना था। एक मोबाइल में पेपर की आन्सर-की भी मिली है, जो वॉट्सऐप के जरिए भेजी गई। पुलिस ने कहा था कि आरोपियों ने 30 अप्रैल को पानीपत के एक होटल में पेपर आउट करने की योजना बनाई थी। रोहतक और पानीपत पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की थी। इनके पास से मोबाइल, ब्लूटूथ और एक कार बरामद हुई थी। महिलाओं और पुरुषों के अंडर गारमेंट्स मिले। इनमें मोबाइल चिप फिट की गई थी। पकड़े गए लोगों में रोहतक के गुढ़ाना निवासी भूपेंद्र, बसंत विहार कॉलोनी निवासी संजीत (दोनों डेंटल डॉक्टर), गद्दी खेड़ी के राजेश और नोएडा (यूपी) निवासी व पीजीआई रोहतक में एमबीबीएस सेकंड ईयर छात्र रवि शामिल थे।

15 से 20 लाख में तय हुआ था सौदा
पुलिस ने बताया था कि रोहतक के 9 छात्रों से सौदा तय था। इनमें भपेंद्र के 3, राजेश के 2 और 4 छात्र रवि के थे। हर किसी से 15 से 20 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। दांगी ने ही वॉट्सऐप और एसएमएस के जरिए आन्सर-की भेजी थी। भपेंद्र के मोबाइल के इनबॉक्स में 90 प्रश्नों की आन्सर-की मिली।

3 जून को नतीजे जारी करने पर लगाई थी रोक

3 जून को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एआईपीएमटी के परीक्षा परिणाम पर पर रोक लगा दी थी। अदालत ने हरियाणा पुलिस से पेपर लीक में शामिल स्टूडेंट की सूची व उनके केंद्रों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने इस दौरान अदालत में 44 ऐसे परीक्षार्थियों की सूची देकर दावा किया कि इन सभी ने न केवल गिरोह से साठ-गांठ की थी, बल्कि उनसे आंसर-की हासिल करने के बाद परीक्षा में उसका इस्तेमाल भी किया था।

सीबीएसई की साख पर सवाल

इस फैसले से कहीं न कहीं सीबीएसई की साख पर भी सवाल खड़े हुए हैं। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सुप्रीम कोर्ट देश के सभी केंद्रों की परीक्षा रद्द न करके कुछ ही सेंटरों की परीक्षा रद्द करेगी, लेकिन सु्प्रीम कोर्ट ने कड़ा निर्णय सुनाते हुए सभी सेटरों की परीक्षा रद्द कर दी है।