सैड सॉन्‍ग के लिए मशहूर पंजाबी गायक ने लगाई फांसी, नहीं मिल रहा था काम

बठिंडा (पंजाब)। सैड सॉन्ग्स के लिए पंजाब के ग्रामीण इलाकों में बेहद मशहूर रहे सिंगर धर्मप्रीत का अंतिम संस्‍कार मंगलवार शाम उनके पैतृक गांव बिलासपुर (मोगा) में कर दिया गया। अंतिम विदाई के वक्त पंजाब के प्रसिद्ध कलाकार, बड़ी संख्या में प्रशंसक और गांव के लोग मौजूद थे। धर्मप्रीत ने बठिंडा के भारत नगर स्थित अपने घर पर सोमवार को फांसी लगा कर जान दे दी थी। 38 साल के धर्मप्रीत अपने करियर की वजह से बीते एक साल से डिप्रेशन में चल रहे थे। बाजार में गानों के एल्बम्स की बिक्री में गिरावट आने की वजह से कंपनियां सिंगर्स के नए गाने नहीं रिकॉर्ड कर रही थी। प्रशंसक उनकी आने वाली एल्बम के बारे में पूछते, जिसकी वजह से धर्मप्रीत काफी परेशान थे। धर्मप्रीत का आखिरी एल्बम ‘इमोशन ऑफ हार्ट’ था, जो 2010 में रिलीज हुआ था। इसके बाद से वे सिर्फ लोकल शो कर रहे थे। 18 जून को धर्मप्रीत का एक शो होने वाला था।
कमरे में किया खुद को बंद
सिंगर की मां बलवीर कौर ने बताया कि धर्मप्रीत की पत्नी अपने बेटे के साथ मायके गई हुई थीं। रविवार शाम धर्मप्रीत अखाड़े से लौटे और अपने कमरे में चले गए। उन्होंने अपने कमरे का एसी ऑन कर लिया और दरवाजा बंद कर लिया। धर्मप्रीत सुबह रोजाना 6 बजे उठ जाता था, लेकिन सोमवार को नहीं उठा। दरवाजा खटखटाया तो नहीं खोला। बाद में उनके दोस्तों को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा कि उन्होंने फंदा लगा रखा था। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा।
धर्मप्रीत का करियर
धर्मप्रीत का पहला एल्बम 1993 में आया, जिसके बाद वे पंजाब के ग्रामीण इलाकों में एक चर्चित नाम बन गए। एक दशक के करियर में धर्मप्रीत के 15 एल्बम रिलीज हुए। मोगा जिले के गांव बिलासपुर के रहने वाले धर्मप्रीत का असली नाम भूपिंदर सिंह था। सिंगिंग के करियर में आने के बाद गीतकार भिंदर डबवाली ने उनका नाम धर्मप्रीत रखा। भिंदर डबवाली के साथ धर्मप्रीत ने 7 एल्बमें की। धर्मप्रीत के मशहूर गानों में -निक्के निक्के भाईयां दा प्यार किन्ना हुंदा, बडडे होकर बनदे शरीक मेरी मां, टुटटे दिल नी जुड़दे, दिल नाल खेडदी रही, एैना कदे वी ना रोया, तेरे बिना रह नहीं सकदी आदि शामिल हैं। धर्मवीर पारंपरिक पंजाबी सिंगर थे और उन्होंने कभी अपना स्टाइल बदलने की कोशिश नहीं की।