स्पिनर अक्षय ने एक ओवर में दोनों हाथ से की बॉलिंग, हैरान हुए इरफान जैसे प्लेयर्स

मुंबई. विदर्भ के 23 साल के स्पिनर अक्षय कर्णेवार ने यहां बड़ौदा के खिलाफ टी-20 मैच में दोनों हाथ से बॉलिंग की। एक ही ओवर में उनकी इस रैंडम बॉलिंग स्टाइल से बैट्समैन परेशान रहे और लंबे शॉट नहीं खेल पाए।
अक्षय ने एक ओवर में ऐसे की बॉलिंग… हैरान रह गए देखने वाले और खेलने वाले…
1st Ball- राइट आर्म राउंड द विकेट। बड़ौदा से बैटिंग कर रहे इरफान पठान ने कवर्स में शॉट खेला। लेकिन फील्डर ने कैच छोड़ दिया। एक रन।
वाइड बॉल- लेफ्ट आर्म राउंड द विकेट। हार्दिक पांड्या ने इसे खेलने की कोशिश की। लेकिन ये बॉल वाइड रही।
2nd Ball- लेफ्ट अार्म राउंड द विकेट। पांड्या ने एक रन बनाया।
3rd Ball- राइट आर्म राउंड द विकेट। इरफान ने एक रन लिया।
4th Ball- लेफ्ट आर्म राउंड द विकेट। पांड्या बॉल नहीं समझ पाए। उन्होंने हवा में फाइन लेग की तरफ शॉट मारा पर कैच छूट गया।
5th Ball- राइट आर्म राउंड द विकेट। पांड्या ने एक रन लिया।
6th Ball- लेफ्ट आर्म राउंड द विकेट। इरफान ने लॉन्ग ऑफ पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन एक ही रन बन सका।
अक्षय के ओवर से पहले क्या थी मैच की सिचुएशन
– यह टी-20 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का मैच था जो बीते शुक्रवार हुआ।
– अक्षय 15th ओवर करने आए। उस समय बड़ौदा ने 93 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए 36 बॉल में 70 रन और चाहिए थे।
इरफान ने अक्षय से पूछा- तुम क्या हो?
– अक्षय की बॉलिंग से हैरान बड़ौदा के कैप्टन इरफान उनके पास आए और पूछा- ”तुम क्यो हो? राइट आर्म स्पिनर या लेफ्ट आर्म स्पिनर?”
– मुस्कुराते हुए अक्षय ने जवाब दिया, ”मैं दोनों तरह से बॉल कर सकता हूं।”
कौन हैं अक्षय?
– 23 साल के अक्षय ने करियर की शुरुआत राइट आर्म ऑफ स्पिनर के रूप में की थी।
– वे 6 की उम्र से क्रिकेट खेल रहे हैं। बाय बर्थ वे लेफ्ट हैंडर हैं।
– इस साल विजय हजारे ट्रॉफी में विदर्भ की कामयाबी में अक्षय का अहम रोल रहा। उन्होंने 7 मैचों में 16 विकेट चटकाए।
– अक्षय बताते हैं- जब मैं 13 साल कर था। तब मेरे कोच बालू नावघेरे ने मुझसे कहा कि दोनों हाथों से बॉलिंग ट्राय करो। शुरुआत में यह बहुत दिक्कत हुई। मैं बड़ी मुश्किल से 22 यार्ड तक बॉल फेंक पाता था। उसके बाद मैंने धीरे-धीरे इसकी प्रैक्टिस की। अब मैं यह आसानी से कर लेता हूं।
– वे कहते हैं- मेरा मकसद जल्दी विकेट लेना और रन रोकना होता है। मैं पहले बैट्समैन की खेलने की तकनीक को ऑब्जर्व करता हूं। इसके बाद तय करता हूं कि क्या मुझे वाकई दोनों हाथों से बॉलिंग करने की जरूरत है। कभी-कभी इसकी जरूरत नहीं भी पड़ती।
लीगल है दोनों हाथ से बॉलिंग
– ऐसे एंबिडेक्सट्रस स्पिनर (ऑफ स्पिन और लेफ्ट आर्म स्पिन करनेवाला) कम ही देखने को मिलते हैं।
– ऐसी बॉलिंग आईसीसी ने लीगल मानी है।
आने वाला वक्त क्या ऐसे ही क्रिकेटर्स का? अभी देश में ऐसे कितने खिलाड़ी?

– 2008 में आईपीएल के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स के ट्रायल में दोनों हाथ से बॉलिंग करने वाले दो खिलाड़ी आ पहुंचे थे।
– चंडीगढ़ के विकास चौहान दोनों हाथों से पेस बॉलिंग करते हैं। वहीं, केरल से आने वाले मोहम्मद इब्राहिम सनुथ राइट आर्म ऑफ और लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं।
– उस वक्त केकेआर के कोच जॉन बुकानन ने कहा था कि आने वाला वक्त इसी तरह के क्रिकेटर्स का है।
1958 में गैरी सोबर्स ने किया था ऐसी बॉलिंग का सामना..
– राइट आर्म स्पिनर पाकिस्तान के हनीफ मोहम्मद ने 1958 में दोनों हाथ से बॉलिंग की थी।
– उन्होंने वेस्ट इंडीज के गैरी सोबर्स को टेस्ट में 365 रन की रिकॉर्ड पारी से रोकने के लिए लेफ्ट आर्म से भी बॉल डाली।
– हालांकि, सोबर्स ने ओवर की दूसरी और तीसरी बॉल पर चौके लगाए और वर्ल्ड रिकाॅर्ड (364) की बराबरी की।
– हनीफ ने लेफ्ट हैंड का इस्तेमाल किया। ओवर की अगली दो बॉल परफेक्ट लेंथ पर रहीं।
– लेकिन आखिरी बॉल पर सोबर्स ने 365 का जादुई आंकड़ा छू ही लिया।
– हनीफ की कोशिश बेकार गई।
सुरिंदर अमरनाथ को पिता ने बनाया था लेफ्टी
– पूर्व इंडियन बैट्समैन सुरिंदर अमरनाथ ने अपने करियर की शुरुआत राइट हैंड बैट्समैन के तौर पर की थी।
– उनके पिता लाला अमरनाथ ने उन्हें लेफ्ट हैंड बैट्समैन के तौर पर खेलने को कहा। क्योंकि, टीम में आने के लिए उनका मुकाबला अपने भाई मोहिंदर अमरनाथ से था।
– पिता की ये सलाह सुरिंदर के काम आई। उन्होंने 1976 में अपने डेब्यू टेस्ट में ही सेन्चुरी मारी। न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए इस मैच में उनके भाई मोहिंदर भी खेल रहे थे।

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