स्मृति का मंत्रालय बदलने पर जेडीयू सांसद का आपत्तिजनक कमेंट, विरोध शुरू

नई दिल्ली.मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी का पोर्टफोलियो बदले जाने पर जेडीयू सांसद अली अनवर ने बेहद आपत्तिजनक बयान दिया है। अनवर से जब स्मृति का मंत्रालय बदने जाने पर पूछा गया तो उन्होंने कहा- अच्छा हुआ स्मृति को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है, कम से कम तन ढकने के काम आएगा।’ ‘आप’ नेता कुमार विश्वास ने ट्वीट कर बिना नाम लिए अनवर के बयान को अनैतिक बताया है। दूसरी ओर, स्मृति ने बुधवार को टेक्सटाइल मिनिस्ट्री ज्वॉइन की। इस दौरान एक सवाल के जवाब में कहा- कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना…।
बुधवार को एक चैनल ने जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर से स्मृति ईरानी का मंत्रालय बदले जाने पर सवाल किया।
– जवाब में अली ने कहा, “अच्छा हुआ स्मृति को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है, कम से कम तन ढकने के काम आएगा। वे विवाद ही पैदा कर रही थीं।”
– बाद में अली अनवर ने सफाई भी दी। हालांकि उनकी पार्टी की तरफ से इस मसले पर कुछ नहीं कहा गया है।
– अनवर के बयान को आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास ने असभ्य-अशालीन व निन्दनीय टिप्पणी बताया है। उन्होंने कहा- राजनैतिक असहमति में “नैतिक” मर्यादा भूलना ज़्यादा अनैतिक होता है।
आखिर क्यों बदला गया स्मृति का मंत्रालय?
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरएसएस और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह की नाराजगी की वजह से स्मृति का मंत्रालय बदला गया है।
– रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल बेंगलुरु में बीजेपी की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग में बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह की स्मृति से नाराजगी साफतौर पर नजर आई थी।
– शाह स्मृति की परफॉर्मेंस से खुश नहीं थे। शाह और आरएसएस को लगता था कि स्मृति के साथ जुड़ने वाले विवादों की वजह से मिनिस्ट्री के काम पर असर पड़ता है।
– कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा गया था कि स्मृति आरएसएस को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रही थीं। हालांकि आरएसएस ने कभी खुले तौर पर इसका जिक्र नहीं किया।
– सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह को लगता था कि स्मृति ने कई विवादों को ठीक तरह से डील नहीं किया। इसकी वजह से सरकार को दिक्कतें भी हुईं।
बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी तो नहीं
– स्मृति से रसूख वाला HRD मंत्रालय छीने जाने पर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लेकिन खबर यह भी है कि बीजपी उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
– माना जा रहा है कि उन्हें अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में बतौर सीएम कैंडिडेट उतारा जा सकता है।
– इसकी वजह यह भी है कि पिछले लोकसभा चुनाव में ईरानी ने अमेठी से राहुल गांधी को कड़ी टक्कर दी थी।
ईरानी से जुड़े ये 10 विवाद भी बताए जा रहे पोर्टफोलियो बदले जाने की वजह
1- डिग्री विवाद
स्मृति ईरानी के मंत्री बनते ही सबसे पहले उनकी डिग्री पर सवाल उठाए गए। आरोप लगा कि उन्होंने दो अलग-अलग चुनाव में अपनी डिग्री की अलग-अलग जानकारी दी।
2- रोहित वेमुला और जेएनयू मामला
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित रिसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला की खुदकुशी और जेएनयू में कन्हैया कुमार वाले मामले में ईरानी अपोजीशन के निशाने पर आ गईं। उन्हें संसद में बयान तक देना पड़ा। ज्यादा जोश दिखाने पर अपोजीशन ने उन्हें “आंटी नेशनल’ तक कहा।
3- संस्कृत में हो आईआईटी
ईरानी ने कुछ दिन पहले IIT की पढ़ाई संस्कृत में कराने की सलाह दी थी। इस फैसले पर उनका खूब विरोध हुआ। संस्कृत को प्रमोट करने के लिए उन्होंने एक कमेटी भी बनाई थी।
4- डीयू ग्रेजुएट कोर्स विवाद
दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में चार साल के ग्रेजुएट डिग्री कोर्स को तीन साल करने का आदेश दिया। स्मृति के मंत्री बनते ही UGC ने यह आदेश दिया था। हालांकि, विवाद बढ़ा तो आदेश वापस ले लिया गया।

5- जर्मन की जगह संस्कृत पढ़ाने का मामला

HRD मंत्रालय ने फैसला किया कि “केंद्रीय विद्यालयों’ में जर्मन भाषा की जगह संस्कृत को थर्ड लैंग्वेज बनाया जाए। विरोध हुआ तो यह फैसला भी वापस ले लिया गया।

6- आईआईएम बिल

HRD मिनिस्ट्री द्वारा लाए गए IIM बिल-2015 का भी जमकर विरोध हुआ। इस बिल को IIM की ऑटोनोमी के लिए खतरा बताया गया। बाद में तय हुआ कि इस बिल में बदलाव किया जाएगा।

7- आईआईटी डायरेक्टर का इस्तीफा

IIT-दिल्ली के डायरेक्टर आरके शेवगांवकर ने रिटायरमेंट से 2 साल पहले दिसंबर 2014 में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मृति ईरानी IIT के कामकाज में बेवजह दखल देती हैं।

8- काकोदकर के आरोप

न्यूक्लियर साइंटिस्ट अनिल काकोदकर ने IIT-मुंबई बोर्ड के चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इसके लिए भी HRD मंत्रालय के दखल को जिम्म्दार बताया।

9- वेज-नॉनवेज के लिए अगल कैंटीन का मामला

IIT कैंटीन में विवाद में भी ईरानी का नाम आया। तब एजुकेशन मिनिस्ट्री ने IIT को वेजेटेरियन छात्रों के लिए अलग कैंटीन बनाने का निर्देश जारी किया था।
10- डियर विवाद
ईरानी की बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से ट्विटर पर हुई तकरार चर्चा में रही। ईरानी को चौधरी का डियर कहना पसंद नहीं आया। ईरानी ने ऑब्जेशन लिया, तो सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें ही आड़े हाथों ले लिया।