स्मृति के काफिले से हादसाः विक्टिम ने कहा- दबाव डालकर FIR में गलत नंबर लिखवाया

आगरा. यमुना एक्सप्रेस वे पर पिछले दिनों स्मृति ईरानी के काफिले के साथ हादसे होने के बाद विवाद जारी है। एक्सीडेंट में पिता को खो चुके एक शख्स ने अब सीधे प्रेसिडेंट को लेटर लिखा है। इसमें आरोप लगाया है कि पुलिस के एक अफसर ने उन पर दबाव डालकर एक्सीडेंट करने वाली कार का गलत नंबर एफआईआर में लिखवाया था। बता दें कि वृंदावन के पास हुए इस हादसे में बाइक सवार एक शख्स की मौत हो गई थी।
फैमिली और पुलिस के बयान में क्या है फर्क…
 प्रेसिडेंट कोक्या लिखा लेटर?
 – हादसे में पिता को खो चुकी डॉ. नागर की बेटी संदली ने स्मृति पर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया था कि स्मृति के काफिले की कारें लापरवाही से चल रही थीं। एक्सप्रेस वे पर एचआरडी मंत्री के काफिले की गाड़ी से भिड़ने पर ही नागर की मौत हुई थी।
– अब डाॅ. नागर के बेटे अभिषेक ने प्रेसिडेंट को लिखे लेटर में कहा- एफआईआर में गलत कार का नंबर मेंशन करने के लिए हम पर स्टेशन-इंचार्ज ने दबाव डाला था।
 लेटर में अभिषक ने क्या लगाए आरोप?
– एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में अभिषेक ने कहा,”हमने प्रेसिडेंट से इन्साफ की गुहार लगाई है।” उन्होंने फिर से आरोप लगाया कि मिनिस्टर ने फैमिली की कोई मदद नहीं की।
– अभिषेक का कहना है कि अगर उन्हें इन्साफ नहीं मिला और स्मृति के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी फैमिली धरना पर बैठेगी।
– उन्होंने कहा, ”जब मिनिस्टर के काफिले की कार ने मेरे पिता को यमुना एक्सप्रेस वे पर टक्कर मारी तो उसके तुरंत बाद ड्राइवर भाग गया। मिनिस्टर भी नई दिल्ली चली गईं।”
– ”मेरे पिता और दो जख्मी बच्चों को छोड़कर वे चले गए।” बता दें कि संदली पहले ही कह चुकी है कि हाथ जोड़कर गुहार लगाने के बाद भी मिनिस्टर ने कोई मदद नहीं की।
– ”बाद में मुझ पर दबाव डाल कर शिकायत में कार का नंबर DL 3C BA 5315 लिखवाया गया, जबकि मैंने वो कार कभी देखी ही नहीं।”
– ”यदि उस नंबर प्लेट की कोई कार है तो मैं उसे देखना चाहूंगा। मंथ पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने कहा था कि अगर मैं अपनी शिकायत में किसी और कार का नंबर लिखता हूं तो वे एफआईआर दर्ज नहीं करेंगे।”
– ”इंस्पेक्टर ने कहा कि उन्होंने (पुलिस ने) मौके से कार को जब्त कर लिया है, लेकिन मेरे कहने के बाद भी वो कार मुझे दिखाई नहीं गई।”
– वहीं, डिप्टी सुप्रिटेंडेंट जनक सिंह का कहना है, ”किसी ने भी डॉक्टर के बेटे को एफआईआर में कार का नंबर लिखने के लिए दबाव नहीं डाला था। उन्होंने खुद ही दिल्ली की कार का नंबर दिया।”
 कैसे हुआ था हादसा?
– स्मृति बीते शनिवार वृंदावन में हुए भाजयुमो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होकर दिल्ली लौट रही थीं।
– हादसा रात 10.30 बजे यमुना एक्सप्रेस-वे पर मथुरा के नजदीक वृंदावन में हुआ।
– आई विटनेस के अनुसार, आगरा से नोएडा जा रहे रमेश कुमार की बाइक को पीछे से होंडा सिटी कार (DL 3C BA 5315) ने टक्कर मारी थी।
– होंडा सिटी कार के पीछे स्मृति ईरानी के काफिले की गाड़ियां चल रही थी, जो अचानक हादसे के बाद एक-दूसरे से टकरा गईं।
– इसमें बाइक चला रहे एक डॉक्टर रमेश नागर की मौत हो गई थी।
पुलिस ने क्या किया था दावा?
 – पुलिस का दावा है कि जब स्मृति वहां पहुंचीं, तब हादसा पहले ही हो चुका था।
– एक दूसरे से भिड़ी गाड़ियों से स्मृति के काफिले की कार टकरा गई थी। इसी वजह से मंत्री को भी चोट आई।
– मथुरा के एसएसपी राकेश कुमार ने tatparpatrika.com को बताया था- “पांच मार्च की रात को स्मृति ईरानी की कार ने बाइक को टक्कर नहीं मारी थी।”
– “पहली टक्कर दिल्ली की होंडा सिटी कार ने बाइक चला रहे डॉ. रमेश को मारी थी।”
– “इसके बाद दो दूसरी गाड़ियों की टक्कर होंडा सिटी से हुई। चौथी गाड़ी पुलिस जिप्सी थी, जो स्मृति ईरानी की कार को एस्कॉर्ट कर रही थी। उसे भी नुकसान हुआ।”
– “स्मृति ईरानी इनावो कार में थीं। वह कुछ देर तक यहां रुकीं, इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।”
– “जिस होंडा सिटी कार ने बाइक सवार रमेश को टक्कर मारी वह दिल्ली के डिंपल अरोड़ा की है।”
जख्मी लड़की लगा चुकी है स्मृति पर आरोप
– रमेश की बेटी संदली ने इस मामले में पहले ही मिनिस्टर पर आरोप लगाया था।
– एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि मंत्री ने हमारी मदद करने से साफ मना कर दिया था। हादसे के वक्त संदली और उसका भाई पंकज भी बाइक पर रमेश के साथ थे।
– संदली ने कहा था, ”एक्सीडेंट के बाद हमने पापा को जल्द हॉस्पिटल ले जाने की गुजारिश की थी, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। वे (स्मृति) नीचे उतरीं, देखने के बाद फिर कार में बैठ गईं। इसके बाद शीशा चढ़ाया और निकल गईं।

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