स्मृति ने राज्यसभा सांसद के तौर पर संस्कृत में ली शपथ, शाह ने भी संभाली जिम्मेदारी

नई दिल्ली. अमित शाह और स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ ली। ईरानी ने शपथ संस्कृत में पढ़ी। बता दें कि हाल ही में गुजरात की तीन सीटों के लिए हुए राज्यसभा चुनाव में दोनों बीजेपी नेताओं ने जीत दर्ज की थी। दोनों नेताअों को 46-46 वोट मिले थे। तमाम विवादों के बीज कांग्रेस लीडर अहमद पटेल को भी तीसरी सीट से जीत हासिल हुई थी।
सुषमा, उमा हर्षवर्धन ने भी संस्कृत में ली थी शपथ…
– इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद सुषमा स्वराज, उमा भारती और हर्षवर्धन ने भी संस्कृत में शपथ ली थी।
– उस वक्त डीवी सदानंद गौड़ा, अनंत कुमार और जीएम सिद्धेश्वर में कन्नड़ में, सर्वानंद सोनोवाल ने असमी और जुआल ओराम ने उड़िया में शपथ ली थी।
UP में 12 विधायकों ने संस्कृत में ली थी शपथ
– उत्तर प्रदेश में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के 12 विधायकों ने संस्कृत में शपथ ली थी। इनमें संजय शर्मा, अनुपमा जयसवाल, सतीश द्विवेदी, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, पवन केडिया, धनंजय कनौजिया, आनंद स्वरूप शुक्ला, सुनील वर्मा, महेंद्र सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, नीरज वोरा और शशांक त्रिवेदी शामिल थे।
गुजरात में काउंटिंग के वक्त 8 घंटे चला था ड्रामा
– गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव में अहमद पटेल की सीट को लेकर विवाद की स्थित बन गई थी। 8 अगस्त को वोटिंग विवाद पर करीब 8 घंटे तक काउंटिंग रुकी रही थी।
– देर रात इलेक्शन कमीशन ने कांग्रेस की मांग पर कांग्रेस के दो एमएलए के वोट रद्द कर दिए, जिसके बाद फिर काउंटिंग शुरू हुई। कांग्रेस के अहमद पटेल अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। पटेल ने बीजेपी कैंडिडेट बलवंत सिंह को मात दी थी।
कैसे आसान हुई अहमद पटेल की जीत ?
– मंगलवार को 176 विधायकों ने वोट डाले। इस हिसाब से अहमद पटेल को जीत के लिए 45 वोट चाहिए थे। रात को कांग्रेस की शिकायत के बाद इलेक्शन कमीशन ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोट रद्द कर दिए।
– इसके बाद कुल विधायकों की संख्या घटकर 174 हो गई। अब जीत के लिए अहमद पटेल को 44 वोट की जरूरत थी, जो उन्हें मिल गए। नियमों के मुताबिक एक कैंडिडेट को जीत के लिए कुल वोट का एक चौथाई वोट जरूरी होता है।
– पहले विधायकों का यह समीकरण था- गुजरात असेंबली में कुल 182 सीटें हैं। 6 विधायकों ने कांग्रेस छोड़ी है। सभी विधानसभा से भी इस्तीफा दे चुके हैं। इसके बाद असेंबली में 176 MLA बचे । बीजेपी के 121 विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के पास 51 विधायक हैं। इनमें से 6 विधायक बागी हो गए थे।

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