हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है: संजय राउत

2019 के चुनाव से पहले अयोध्या राजनीतिक दलों के लिए अखाड़ा बनता जा रहा है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे  25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे. उनकी यात्रा से पहले शिवसेना के सांसद संजय राउत ने बीजेपी को राम मंदिर को लेकर अध्यादेश लाने को कहा है. उन्होंने कहा,” राम मंदिर पर सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए. अगर मोदी जी चाहेंगे तो अध्यादेश आ सकता है”

संयज राउत ने कहा,”हमने 17 मिनट में बाबरी तोड़ दी थी तो कानून बनाने में कितना समय लगता है. राष्ट्रपति भवन से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है. राज्य सभा में कई ऐसे लोग हैं जो राम मंदिर के साथ खड़े रहेंगे. जो विरोध करेगा उसका देश में घूमना मुश्किल होगा.”

संयज राउत ने कहा, ”उद्धव एक तीर्थयात्रि के तौर पर अयोध्या आ रहे हैं. इससे पहले 1992 में बाला साहेब की प्रेरणा से हज़ारों शिव सैनिक अयोध्या आये थे. हमने किसी रैली के लिए अनुमति नहीं मांगी थी.” राउत ने आगे कहा,” हमने सरकार से अध्यादेश लाने की मांग की है. इस मामले पर सरकार को कानून बनाना चाहिए. कोर्ट से कोई उम्मीद नहीं है. अगर 24 घण्टे में नोटबन्दी का फैसला हो सकता है तो कानून क्यों नहीं बन सकता”

बता दें कि इससे पहले भी शिवसेना राममंदिर के मुद्दे पर अपनी सहयोगी पार्टी बीजेपी पर हमलावर रही है और राम मंदिर के बीजेपी के वादे को जुमला बता चुकी है. वहीं कल अयोध्या में शिवसेना सांसद संजय राउत ने शंखनाद किया. पूजा-अर्चना के बाद राउत ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि राम मंदिर पर चूके तो 2019 में सत्ता से चूक जाओगे.

वहीं अयोध्या में उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम के आयोजक अमरनाथ मिश्रा ने ठाकरे के पूरे प्लान के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उद्धव ठाकरे अपनी पत्नी और बेटे आदित्य ठाकरे के साथ यहां पहुंचेंगे.

उद्धव ठाकरे का अयोध्या में पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है

1- दोपहर 2:00 बजे अयोध्या पहुंचेंगे उद्धव ठाकरे. उसके बाद दोपहर करीबन 3:00 बजे लक्ष्मण किला पहुंचेंगे जहां पर संतों का सम्मान करेंगे और एक जजमान की तरह पूजा अर्चना करेंगे. बकायदा यज्ञ विधि बनाई गई है जहां पर हवन होगा और संतों और ब्राह्मणों के बैठने के लिए एक अलग जगह तय की गई है.

2- इस कार्यक्रम के बाद शाम को सरयू आरती करेंगे.

3-अगले दिन सुबह 9:00 बजे रामलला का दर्शन करेंगे

4- वह संत धर्म सभा में शामिल नहीं होंगे क्योंकि वह एक यजमान के तौर पर यहां पहुंच रहे हैं किसी राजनीतिक हस्ती के तौर पर नहीं.