हमारी विनम्रता को कमजोरी न समझें: सीजफायर वॉयलेशन पर राजनाथ की पाकिस्तान को वॉर्निंग

चंडीगढ़.गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीजफायर वॉयलेशन पर पाकिस्तान को वॉर्निंग दी। उन्होंने यहां कहा कि पाकिस्तान भारत जैसे एक ताकतवर देश की विनम्रता और शालीनता को उसकी कमजोरी समझने का दुस्साहस नहीं करे। उन्होंने कहा कि बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) और पाकिस्तान के रेंजरों की हाल ही में एक बैठक हुई थी, जिसमें पड़ोसी देश ने सीमा पर सीजफायर वॉयलेशन न करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद सिलसिला जारी है। बता दें कि इस साल 23 जनवरी तक सीजफायर वॉयलेशन की 134 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं।

– राजनाथ सिंह ने यहां भारतीय जनता युवा मोर्चा के यूथ कन्क्लेव में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा- “भारत अपने पड़ोसियों समेत सभी देशों के साथ हमेशा अच्छे रिलेशन रखना चाहता है।”
– “पाकिस्तान के साथ भी उसने दोस्ताना रिश्ते बनाये रखने की पहल की है। इस पड़ोसी देश को भी भारत के प्रति दोस्ताना रवैया रखना चाहिये।”
– “सीमा पर पाकिस्तान की उकसाने वाली हरकतों पर वह इतना जरूर कहना चाहते हैं कि हमारी विनम्रता और शालीनता की भी एक सीमा है तथा इसका कदापि गलत मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए। भारत अब एक कमजोर देश नहीं रहा है, बल्कि एक ताकतवर देश बन चुका है।”

राजनाथ ने पहले कहा था- जरूरत पड़ी तो PAK को फिर घर में घुसकर मारेंगे
– इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हम पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते रखना चाहते हैं, लेकिन पाकिस्तान इस बात को नहीं मानता है।
– उन्होंने कहा था कि भारत अब दुनिया के ताकतवर देश के रूप में जाना जाता है। हमारे बहादुर सैनिकों ने पाकिस्तान की धरती पर जाकर बदला लिया। आगे भी जरूरत पड़ी तो फिर घुसकर दुश्मन को मार सकता हैं।

भारत का सिर नहीं झुकने देंगे’
– राजनाथ सिंह ने कहा था- “आश्वस्त करना चाहता हूं कि दुनियाभर में भारत का कभी सिर नहीं झुकेगा। उसकी छवि एक मजबूत देश के रूप में बन चुकी है। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि दुनियाभर में भारत का कभी सिर नहीं झुकेगा। उसकी छवि एक मजबूत देश के रूप में बन चुकी है।”

2017 में 860 बार सीजफायर वॉयलेशन
– एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में 860 बार पाकिस्तान ने सीजफायर वॉयलेशन किया है। वहीं, 2016 में 271 और 2015 में 387 बार पाकिस्तान ने सीमा पार से फायरिंग की थी।

– वहीं, इस साल 23 जनवरी तक सीजफायर वॉयलेशन की 134 से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं।