हार के डर से गुजरात-हिमाचल में चुनाव नहीं लड़ेगी AAP, दिल्ली पर होगा फोकस

नई दिल्ली.पंजाब और गोवा असेंबली इलेक्शन में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली के बाहर इलेक्शन नहीं लड़ेगी। पार्टी सूत्रों के हवाले से बुधवार को न्यूज एजेंसी ने खबर दी कि अब पार्टी सिर्फ दिल्ली पर फोकस करना चाहती है। इस सूत्र ने बताया कि दिल्ली में कमिटेड वर्कर्स की कमी है। जल्द ही पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की मीटिंग में इस पर आखिरी फैसला लिया जाएगा। बता दें कि दिल्ली एमसीडी इलेक्शन में भी पार्टी को बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा।
AAP गुजरात-हिमाचल में चुनाव नहीं लड़ेगी…
– यह साल AAP के लिए काफी उठापटक भरा रहा है। पार्टी ने फरवरी में गोवा और पंजाब के असेंबली इलेक्शन में चुनौती दी, लेकिन दोनों ही जगहों पर उसे मुंह की खानी पड़ी। पंजाब में उम्मीद से कम 20 सीट मिलीं, जबकि गोवा में उसका खाता भी नहीं खुल सका।
– अब टॉप लीडरशिप ने फैसला किया है कि पार्टी गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव नहीं लड़ेगी। बता दें कि दोनों राज्यो में चुनाव इस साल दिसंबर तक होंगे।
– सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में AAP के स्टेट लीडर्स के साथ एक मीटिंग हुई, जिसमें दिल्ली से बाहर चुनाव नहीं लड़ने की बात कही गई। हालांकि, स्टेट लीडर चुनाव लड़ने के फेवर में थे, लेकिन लीडरशिप ने उन्हें किसी तरह समझाया। इसके पहले जून में स्टेट लीडर्स ने पार्टी वर्कर्स की संख्या और पॉवर का सर्वे कर आलाकमान को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें चुनाव लड़ने को लेकर दोहरे विचार सामने आए।
केजरी ने गुजरात में शुरू किया था कैंपेन
– आम आदमी पार्टी ने 2012 में हिमाचल में असेंबली इलेक्शन नहीं लड़ा था। उस वक्त दलील दी थी कि पार्टी अपना पहला चुनाव सिर्फ दिल्ली में लड़ेगी। इस बार भी पार्टी हिमाचल में चुनाव लड़ने के मूड में नहीं है।
– दूसरी ओर, गुजरात में AAP ने चुनाव लड़ने की तैयारी बहुत पहले से कर ली थी। अरविंद केजरीवाल ने कई सभाएं कींं। इसके लिए उन्होंने पाटीदार कम्युनिटी के लोगों को जोड़ने की कोशिश भी की थी। साथ ही दलितों के साथ हुईं हिंसा की घटनाओं को मुद्दा बनाया।
नेशनल लेवल पर ले जाने का किया था एलान
– पिछले साल AAP के नेताओं ने पार्टी को नेशनल लेवल पर ले जाने का एलान किया था। इसके तहत गोवा और पंजाब में चुनाव लड़ने का फैसला किया था, लेकिन दोनों जगहों पर पार्टी को हार मिली।
– यूपी में बीजेपी की एकतरफा जीत से AAP को अब दिल्ली में सत्ता छिनने का डर सता रहा है।
– दिल्ली की तीनों (नॉर्थ, साउथ और ईस्ट) एमसीडी इलेक्शन में भी AAP को बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद AAP के दिल्ली प्रभारी दिलीप पांडे को पार्टी ने हटा दिया था और गोपाल राय को प्रभारी बनाया था। चुनाव इस साल मई में हुए थे।

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