हेलिकॉप्टर डील: कांग्रेस ने मोदी सरकार से पूछे 10 सवाल, वसुंधरा-रमन को भी घेरा

नई दिल्ली.छह साल पुरानी अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील पर कांग्रेस ने मोदी सरकार से 10 सवाल किए हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कंपनी पर लगे बैन को मोदी सरकार ने हटा दिया। कंपनी को ‘मेक इन इंडिया’ का भी हिस्सा बनाया गया। कंपनी के हेलिकॉप्टर्स ने 2015 में डिफेंस एक्स्पो में भी हिस्सा लिया। अपने सवालों में कांग्रेस ने बीजेपी के दो मुख्यमंत्रियों वसुंधरा राजे और रमन सिंह पर भी आरोप लगाए। इससे पहले बुधवार को संसद में भी ये मामला गर्माया रहा।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे ये सवाल…
 1 अगस्ता वेस्टलैंड फिनमैकेनिका पर लगे बैन को मोदी सरकार ने क्यों हटा लिया?
2 अगस्ता वेस्टलैंड को ‘मेक इन इंडिया’ में पार्ट क्यों लेने दिया गया। जबकि, सीबीआई और ईडी ने इसका विरोध किया था।
3 मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड और टाटा के ज्वाइंट वेंचर वाले हेलिकॉप्टर्स AW119 के प्रोडक्शन के लिए FIPB के जरिए इन्वेस्टमेंट की इजाजत क्यों दी?
4 अप्रैल 2015 में मोदी सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को 100 नेवल यूटिलिटी हेलिकॉप्टर्स की नीलामी में शामिल होने की परमिशन क्यों दी?
5 मोदी सरकार के दो साल के कार्यकाल में सीबीआई अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ जांच पूरी क्यों नहीं कर पाई।
6 जेम्स क्रिश्चन के सीबीआई और ईडी के सामने पेश होने का ऑफर देने के बाद भी मोदी सरकार ने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया।
7 क्या कांग्रेस के लीडर्स को फंसाने के लिए भारतीय मछुआरों की हत्या के दोषी इतालवी नौसैनिक को सौदे के तहत छोड़ा।
8 क्या ये सच है कि पूर्व एयरचीफ मार्शल एसपी त्यागी ‘विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन’ का हिस्सा हैं। त्यागी, एनएसए अजीत डोभाल और पीएम के पीएस नृपेंद्र मिश्रा के बीच क्या रिश्ता है। डोभाल और मिश्रा भी इस फाउंडेशन से जुड़े हैं। डोभाल इस फाउंडेशन के डायरेक्टर भी हैं।
9 कैग रिपोर्ट में अगस्ता वेस्टलैंड डील में बीजेपी की छत्तीसगढ़ सरकार को भी शामिल बताया गया था। मोदी ने क्या कोई एक्शन लिया? जबकि कैग कि रिपोर्ट के मुताबिक इस डील से 65 लाख रुपए का नुकसान हुआ था।
10 मोदी सरकार ने राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे के खिलाफ कोई एक्शन क्यों नहीं लिया। जबकि कैग की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर खरीद कर जनता के 1.14 करोड़ रुपए का नुकसान किया था।
स्वामी ने सोनिया पर लगाया आरोप
 – सुब्रमण्यम स्वामी ने जैसे ही सोनिया गांधी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया, कांग्रेस मेंबर्स वेल में आकर विरोध करने लगे। इसके बाद कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। बाद में इसे सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया।
– सोनिया ने कहा, ”मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। मेरा नाम लेने दें। मैं डरती नहीं हूं। यह सरकार दो साल से सत्ता में है। अभी तक जांच क्यों नहीं कराई? जल्द से जल्द जांच कराएं। सबकुछ साफ हो जाएगा।”
– वहीं, आरोप लगने पर सोनिया के पॉलिटिकल सेक्रेटरी अहमद पटेल ने कहा- अगर हम गलत हैं तो हमें फांसी लगा दीजिए।
एंटनी-पर्रिकर के अपने-अपने दावे
 – मनोहर पार्रिकर ने कांग्रेस के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया कि पहली बार इस मामले के सामने आने के बाद उस समय की यूपीए सरकार ने अगस्ता कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया था।

– उन्होंने पूछा कि वह इस कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने से जुड़ा आदेश और उसकी तारीख बताए। उन्होंने कहा कि वह इस डील से जुड़े सभी सवालों का जवाब संसद में देंगे।
– कांग्रेस के एके एंटनी ने कहा कि डिफेंस मिनिस्टर रहते हुए उन्होंने डील की शर्तों के उल्लंघन को देखते हुए इस कंपनी को ब्लैक लिस्ट में डालने का प्रॉसेस शुरू करके उसके साथ हेलिकॉप्टर डील को जनवरी 2014 में रद्द कर दिया था।
– इसकी जानकारी राज्यसभा में देने के साथ ही बीजेपी नेता थावरचंद गहलोत को लेटर लिखकर दी गई थी।

कांग्रेस ने लगाया डील क
– राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजीशन गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि केंद्र ने भारतीय मछुआरों की हत्या के दोषी इतालवी नौसैनिक को सौदे के तहत छोड़ा गया है।
– उन्होंने पूछा, ‘क्या दोनों देशों के पीएम के बीच कोई मुलाकात हुई?’ यूपीए सरकार ने जिस कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया, उसे एनडीए सरकार ने मेक इन इंडिया का हिस्सा क्यों बनाया?’
सरकार ने क्या दिया जवाब?
– राज्यसभा में लीडर ऑफ द हाउस अरुण जेटली ने कहा, ”कांग्रेस जिस मीटिंग की बात कर रही है, वैसी कोई मीटिंग ही नहीं हुई। यह गलत है। इसलिए जो रिपोर्ट दी गई है, उससे कुछ साबित नहीं होता।”
– ”असल मुद्दा डिफेंस लेनदेन का है। वहां रिश्वत का आरोप है।”
– ”रिश्वत देने वाला दोषी करार दिया गया है। रिश्वत लेने वालों की पहचान स्टैबलिश करनी है।”