15 अगस्त पर मोदी को खतरा ज्यादा: इस बार खुले मंच की बजाय बुलेटप्रूफ कवर की सलाह

नई दिल्ली.खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि इस बार इंडिपेंडेंस डे पर नरेंद्र मोदी की जान को खतरा ज्यादा है। आईएस और अल कायदा जैसे कई आतंकी संगठन लाल किले पर हमले की फिराक में हैं। इसके मद्देनजर एजेंसियों ने मोदी को 15 अगस्त के दिन लाल किले में बुलेटप्रूफ इनक्लोजर से स्पीच देने की सलाह दी है। एनएसजी ने इस मुद्दे पर नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर अजीत डोेभाल से भी बात की है। बता दें कि मोदी ने 2014 और 2015 के इंडिपेंडेंस डे पर बिना बुलेटप्रूफ कवर के ही लाल किले पर खुले मंच से स्पीच दी थी।
अगस्त के पहले हफ्ते में हमले की आशंका…
– एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, सिक्युरिटी एजेंसियों को उम्मीद है कि खतरे को देखते हुए इस बार मोदी सलाह को अनदेखा नहीं करेंगे।
– बता दें कि पिछले साल 15 अगस्त के दिन पीएम ने आखिरी पलों में बुलेटप्रूफ इनक्लोजर से स्पीच देने का फैसला बदल दिया था।
– सूत्रों की मानें तो कश्मीर में तनाव, एलओसी पर घुसपैठ और देश में आईएस की एक्टिविटीज को देखते हुए सिक्युरिटी बढ़ाने का फैसला किया गया।
– इसके साथ ही सिक्युरिटी एजेंसियों, एसपीजी और एटीएस ने कुछ दिन पहले अगस्त के पहले हफ्ते में हमले की आशंका जताई थी।
– एजेंसियों ने जानकारी शेयर की है कि अल कायदा और आईएस इंडियन आर्मी और पुलिस ठिकानों को भी निशाना बना सकते हैं।
ड्रोन अटैक का खतरा
– सूत्रों ने बताया है कि 15 अगस्त को लाल किले के आसपास एसपीजी, आईबी, पैरा मिलिट्री फोर्स और दिल्ली पुलिस के 5000 जवान चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। यहां ड्रोन कैमरे से भी हर एक्टिविटी को वॉच किया जाएगा।
– आशंका जताई जा रही है कि आतंकवादी ड्रोन से पीएम के सुरक्षा घेरे को तोड़ने की कोशिश कर सकते हैं।
– पिछली बार लाल किले पर ड्रोन अटैक का खतरा था। इस वजह से किले के 500 मीटर के दायरे में एनएसजी कमांडो तैनात किए गए थे। बड़ी इमारतों पर एंटी एयरक्राफ्ट मशीन गन रखी गई थीं।
इंदिरा की हत्या की बाद बढ़ाई गई सिक्युरिटी
– प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हर 15 अगस्त को बुलेटप्रूफ इनक्लोजर से ही प्रधानमंत्री के स्पीच देने की परंपरा बन गई थी।
– लेकिन मोदी ने बीते दो सालों में 15 अगस्त के मौके पर इस परंपरा को तोड़ा और बिना इनक्लोजर के जनता को ऐड्रेस किया था। तब एजेंसियों ने उनके लिए वर्चुअल कवर का यूज किया था।
दोनों बार प्रोटोकॉल तोड़ा और बच्चों से मिले
– मोदी ने 2014 और 2015 के इंडिपेंडेंस डे पर प्रोटोकॉल तोड़कर बच्‍चों से मुलाकात की थी।
– पिछले साल वे स्पीच खत्म करने के बाद लाल किले की प्राचीर से उतरे, तो प्रोटोकॉल तोड़ते हुए लोगों के बीच पहुंच गए। इसी दौरान वहां मैदान में बैठे बच्चे खड़े हो गए।
– बच्चों की भीड़ इतनी बढ़ गई कि जैसे ही मोदी उनसे मिलने पहुंचे, वे बीच में घिर गए। बच्चों में हाथ मिलाने और पैर छूने की होड़ लग गई। इस होड़ में कुछ बच्‍चे उनसे जा टकराए।
– पल भर के लिए मोदी का बैलेंस बिगड़ गया और वे लड़खड़ाते हुए अपनी कार से टकरा गए। वहां मौजूद एसपीजी के गार्ड्स ने हालात को तुरंत संभाला।
– मोदी 26 जनवरी की परेड के दौरान भी प्रोटोकॉल तोड़कर लोगों से मिलने पहुंच जाते हैं।