17 महीने बाद नवाज से मिले, सेहत और मां का हाल पूछा

अस्ताना. भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी के बीच गुरुवार शाम दोनों देशों के प्रधानमंत्री कजाकिस्तान में मिले। अफसरों की मानें तो शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट से पहले ओपेरा के दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया। 25 दिसंबर 2015 के बाद दोनों नेताओं की ये पहली मुलाकात है। इस बीच, नवाज की ओपन हार्ट सर्जरी भी हुई थी। मोदी ने नवाज से सेहत के बारे में पूछा। साथ ही, मां और परिवार का हाल जाना। भारत और पाक को शुक्रवार को एससीओ की फुल मेंबरशिप दी जाएगी। दोनों नेता इसीलिए वहां पहुंचे हैं।
लीडर्स लाउंज में मिले मोदी-नवाज…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक अफसरों ने बताया, “दोनों नेताओं ने अस्ताना ओपेरा के लीडर्स लाउंज में कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले मुलाकात की।” पिछले साल जून में लंदन में नवाज की ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी।
भारत-पाक के बीच क्यों है तनाव?
– मई में पाक की बॉर्डर एक्शन टीम (BAT) भारतीय जवानों के शवों के सिर काटकर ले गए थे। LoC पर पाक की तरफ से रोज घुसपैठ के मामले सामने आ रहे हैं।
– होम मिनिस्ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, 2015-16 में पाक ने रोज सीजफायर वॉयलेशन किया।
– वहीं, इसी साल पाकिस्तान की आर्मी कोर्ट ने भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई। फिलहाल, इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी है।
नवाज को जन्मदिन की बधाई देने लाहौर गए थे मोदी
– 25 दिसंबर, 2015 को मोदी अफगानिस्तान से लौटते वक्त लाहौर में रुके थे।
– मोदी ने नवाज को जन्मदिन की बधाई दी थी। इस पर नवाज ने उन्हें नातिन की शादी के मौके पर इनवाइट किया था।
– तब मोदी बीते 10 साल में पाक जाने वाले पहले पीएम बने थे।
क्या नवाज-मोदी की ऑफिशियल मुलाकात होगी?
– विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन गोपाल बागले के मुताबिक, “मोदी जिनपिंग से मुलाकात कर सकते हैं। हम शेड्यूल पर वर्कआउट कर रहे हैं।”
– “जहां तक मोदी और नवाज की मीटिंग की बात है, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पहले ही साफ कर चुकी हैं कि न तो उनकी तरफ से कोई रिक्वेस्ट आई है और न ही हमने कोई प्रपोजल भेजा है। इस स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।”
क्या है SCO?
– SCO के 6 मेंबर चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान हैं। इसका हेडक्वार्टर बीजिंग में है।
– हाल ही में मोदी रूस समेत चार देशों के दौरे पर गए थे। प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन ने भारत की SCO में फुल मेंबरशिप को लेकर भरोसा दिया था।