18 साल बाद कांग्रेस प्रेसिडेंट की पोस्ट छोड़ेंगी सोनिया, नवंबर तक राहुल को कमान

नई दिल्ली. राहुल गांधी को कांग्रेस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी मिल सकती है। यानी 1998 से प्रेसिडेंट सोनिया 18 साल बाद पोस्ट छोड़ेंगी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के स्पेशल सेशन में इसका एलान हो सकता है। जानकारों की मानें तो ये सेशन अगले महीने या फिर नवंबर में दिल्ली में हो सकता है। प्रियंका भी जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। फिलहाल 46 साल के राहुल कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट हैं।
कांग्रेस जनरल सेक्रेटरीज बदलेंगे…
– 69 साल की सोनिया गांधी 1998 से कांग्रेस प्रेसिडेंट हैं। बताया जा रहा है कि वे राहुल के लिए पोस्ट छोड़ेंगी। हालांकि वे कांग्रेस पार्लियामेंटरी पार्टी (CPP) की चेयरपर्सन बनी रह सकती हैं।
– माना जा रहा है कि प्रेसिडेंट बनने के बाद राहुल संगठन में खासे बदलाव करेंगे।
– नए जनरल सेक्रेटरीज के अलावा कई पदाधिकारियों में बदलाव किए जा सकते हैं।
– सूत्रों की मानें तो राहुल की टीम में नए और एक्सपीरियंस्ड दोनों चेहरे होंगे।
क्या है राहुल को प्रेसिडेंट बनाने की वजह?
– पार्टी के सीनियर लीडर्स की मानें तो सोनिया के प्रेसिडेंट और राहुल के वाइस प्रेसिडेंट होने से पार्टी के अंदर दो सत्ता के केंद्र बने हुए हैं।
– फैसले लेने के लिहाज से इसे सही नहीं कहा जा सकता। वर्कर्स को भी कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है।
– वहीं 2014 में लोकसभा इलेक्शन में हार के बाद कांग्रेस ने किसी भी चुनाव में बड़ी जीत दर्ज नहीं की है।
– अब कांग्रेस यूपी और 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को कड़ी टक्कर देने की तैयारी कर रही है।
प्रियंका को बाद में मिलेगी जिम्मेदारी
– सूत्रों की मानें तो स्पेशल सेशन में प्रियंका औपचारिक रूप कोई जिम्मेदारी नहीं संभालेंगी। लेकिन बाद में उन्हें जनरल सेक्रेटरी बनाया जा सकता है।
– ये भी खबरें आ रही हैं कि उत्तर प्रदेश में असेंबली इलेक्शन को लेकर वे पार्टी में कोई पद ले सकती हैं।
इसलिए अगस्त या नवंबर में होगा सेशन
– अगस्त या नवंबर में स्पेशल सेशन के लिए इसलिए सोचा जा रहा है कि क्योंकि 20 अगस्त को राजीव गांधी, 14 नवंबर को जवाहर लाल नेहरू और 17 नवंबर इंदिरा गांधी की जयंती रहती है।
– दो सीनियर जनरल सेक्रेटरीज का कहना है कि सेशन को लेकर चर्चा जारी है। जल्द ही डेट्स के बारे में फैसला ले लिया जाएगा।
– हालांकि अगस्त में सेशन बुलाए जाने की ज्यादा पॉसिबिलिटीज बताई जा रही है। क्योंकि नए प्रेसिडेंट को आगामी यूपी, पंजाब और गुजरात इलेक्शन के लिए अपनी जमीन तैयार करने का मौका मिल जाएगा।
लंबे वक्त से राहुल को लेकर कयास
– राहुल को 2013 में पार्टी का वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया था।
– पिछले 2 साल से राहुल को बड़ी जिम्मेदारी देने की बात चल रही है।
– वहीं राहुल ने 2014 के लोकसभा चुनाव में खुद को पीएम कैंडिडेट बनाए जाने से इनकार कर दिया था।