2जी स्कैम: ए. राजा ने अपनी योजना के बारे में मनमोहन को पहले बताया था?

tatpar/Mar 18, 2013, 02.17PM IST

नई दिल्ली।। 1.76 लाख करोड़ के 2जी घोटाले से पीएमओ बिल्कुल अनजान नहीं था। नए सबूतों से पता चलता है कि तत्कालीन टेलिकॉम मिनिस्टर ए. रजा के 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन पर लिए गए फैसले और प्रधानमंत्री की जानकारी में बेहद कम दूरी थी। ए. राजा के विवादित फैसले को पीएमओ के अधिकारियों ने ही तत्काल जांच के आधार पर हरी झंडी दिखाई थी। ए. राजा ने अपने निर्णय को पीएमओ से साझा किया था। नए खुलासों से पता चलता है कि 2जी स्कैम से पहले ए. राजा के फैसले को पीएमओ के कुछ अधिकारियों ने समर्थन किया था।

गैरतलब है कि 2जी स्पेक्ट्रम पर 2008 में लिए गए फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने एकतरफा, असंगत, मनमानी और विरोधाभासी करार दिया था। कोर्ट ने कहा था कि यह निर्णय लोगों के हितों के खिलाफ है और समानता के सिद्धांतों का उल्लघंन करता है। इस मामले में सीबीआई ने ए. राजा समेत उनके सीनियर अधिकारियों और उद्योगपतियों को आरोपी बनाकर 1.76 लाख करोड़ घपले में आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया था। 1.76 लाख करोड़ के नुकासन का अनुमान कैग ने लगाया था।

अंग्रेजी दैनिक ‘द हिन्दू’ ने पीएमओ की एक फाइल के जरिए नए सबूतों का खुलासा किया है। फाइल नंबर-180/31/c/26/os.EST, Vol,4 जो कि ‘हिन्दू’ के पास है जिससे कई नए तथ्य सामने आए हैं। इस डॉक्युमेंट से पता चलता है कि तत्कालीन टेलिकॉम मंत्री ए. राजा ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को स्पेक्ट्रम आवंटन में ‘पहले आओ, पहले पाओ’ नीति में हेरफेर कर सूचना दी थी। राजा ने यह सूचना पत्र लिखकर दी थी जिसे 29 दिसंबर 2007 को तत्काल जांच के आधार पर इस नीति को हरी झंडी दे दी गई। प्रधानमंत्री के निर्देश के आधार पर पीएमओ में प्रधान सचिव टी.के.ए. नायर और पीएमओ सचिव पुलक चटर्जी ने राजा के लिखित सूचना की स्टडी कर ए. राजा को इस नीति पर आगे बढ़ने की अनुमति दे दी।

इस गोपनीय डॉक्युमेंट्स के सामने आने के बाद यह धारणा भी टूट जाती है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजा को रोकने की कोशिश की थी लेकिन वह सफल नहीं रहे। इस गोपनीय फाइल से पता चलता है कि पीएमओ ने राजा की तरफ से दी गई लिखित सूचना पर विचार करने के बाद अपनी सहमति दी थी। 2जी पर प्रधानमंत्री का डिटेल डायरेक्शन और ए. राजा के 6 पेज का सूचना पत्र जो कि पीएम के पास भेजा गया था का अति गोपनीय नोट तत्कालीन विदेश मंत्री और स्पेक्ट्रम मामले में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर के चेयरमैन प्रणव मुखर्जी के पास रखा गया था। इसके बाद यह नोट पीएमओ के अधिकारियों को सौंपा गया।

उधर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने इस खुलासे के बाद मनमोहन सिंह पर करारा हमला बोला है। बीजेपी के सीनियर नेता यशवंत सिन्हा ने कहा राजा जो भी कर रहे थे प्रधानमंत्री से उसकी अनुमति मिली हुई थी। सिन्हा ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आएं हैं कि इस स्कैम में केवल राजा शामिल नहीं थे। बीजेपी नेता राजीव प्रताप रुड़ी ने भी कहा कि टू-जी स्कैम में राजा के घपले से पीएमओ अनजान नहीं था। बल्कि सब कुछ पता था।