मंत्री मदन मित्रा शारदा चिट फंड घोटाला मामले में गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सी बी आई ने पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री मदन मित्रा को करोड़ों रुपये के शारदा चिट फंड घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। सी बी आई सूत्रों ने बताया कि श्री मित्रा को आपराधिक षडयंत्र

, धोखाधड़ी, गबन और समूह से अनुचित लाभ उठाने के बारे में सरसरी तौर पर सबूत मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया। इससे पहले, जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विश्वास-पात्र समझे जाने वाले श्री मित्रा से आज कोलकाता में घंटों पूछताछ की।

इस बीच, कोलकाता की एक अदालत ने इसी मामले में तृणमूल कांग्रेस के निलंबित सांसद कुणाल घोष, सुदीप्तो सेन और देबजानी मुखर्जी की न्यायिक हिरासत इस महीने की 22 तारीख तक बढ़ा दी है। सुश्री ममता बनर्जी ने कहा कि श्री मदन मित्रा की गिरफ्तारी अवैध और असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि वे श्री मित्रा से मिलने जाएंगी और केंद्र सरकार में हिम्मत है, तो उन्हें गिरफ्तार करे। सुश्री बनर्जी ने कहा कि श्री मित्रा ने त्याग-पत्र दे दिया है, लेकिन वे इसे स्वीकार नहीं करेंगी, क्योंकि उन्हें एक षडयंत्र के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा की सरकार तानाशाह की तरह काम कर रही है।उधर, भारतीय जनता पार्टी ने श्री मित्रा की गिरफ्तारी के बाद सुश्री ममता बनर्जी के इस्‍तीफे की मांग की है। पार्टी सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह ने आकाशवाणी से बातचीत में कहा कि श्री मित्रा, मुख्‍यमंत्री के विश्‍वासपात्र हैं इसलिए वे इस मामले में जिम्‍मेदारी से नहीं बच सकतीं।

ममता बैनर्जी को हम पर आरोप लगाने से पहले खुद सोचना चाहिए कि ये जो पहला आरोप लगाया है तो भारतीय जनता पार्टी ने भूमि के राज्‍य सभा के सांसद कुणाल घोष उन्‍होंने लगाया था और इंक्‍वायरी जो सीबीआई कि हो रही है, वो ऑर्डर करी थी सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल, 2014 में ममता बैनर्जी को जवाब देना चाहिए। नैतिकता के आधार पर अपना इस्‍तीफा भी दे देना चाहिए।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मांग की है कि सी बी आई को शारदा चिट फंड घोटाले के सिलसिले में सुश्री बनर्जी से भी पूछताछ करनी चाहिए। पार्टी नेता वृंदा करात ने कहा कि श्री मित्रा की गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि मुख्यमंत्री की सहमति से ये अनियमितताएं हुई हैं।