25 MP सस्पेंडः धरने पर राहुल

नई दिल्ली. सांसदों को सस्पेंड किए जाने से नाराज कांग्रेस मंगलवार को संसद परिसर में धरने पर बैठ गई। गांधी मूर्ति के सामने कांग्रेस के सभी सांसद हाथ पर काली पट्टी पहन कर पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा, ”मोदी सरकार चाहे तो हम सभी (सांसदों) को बाहर फेंक दे लेकिन हम इस्तीफे की मांग करते रहेंगे। सरकार 25 सांसदों के साथ ऐसा नहीं कर रही है बल्कि देश की जनता, किसान, स्टूडेंट्स, इंटरनेट सभी जगह यही मनमानी हो रही है। मोदी को मन की बात करने की आदत है, कभी वे हिंदुस्तान के मन की भी बात सुन लें।” सोनिया गांधी ने कहा कि कांग्रेस के 25 सांसदों को सस्पेंड करने का फैसला लोकतंत्र की हत्या है। धरना-प्रदर्शन में शामिल सांसद- मोदी सरकार हाय- हाय के नारे लगाए। (कांग्रेस के 44 में से 25 सांसद सस्पेंड , डिटेल खबर यहां पढ़ें)
क्या कहा राहुल ने
राहुल ने कहा, ” हमारे 25 सांसद तो सिर्फ सेंबल हैं, पूरे हिंदुस्तान ऐसा किया जा रहा है। इंटरनेट, स्टूडेंट्स, किसानों के साथ यही किया जा रहा है। जमीन के मामले पर इन्होंने (मोदी सरकार) ने बहुत धमकियां दीं, चिल्लाए और फिर भाग गए। करप्शन के मामले व्यापमं, राजस्थान की चीफ मिनिस्टर और सुषमा मसले पर हम प्रेशर कम नहीं करेंगे। चाहें तो ये सबको बाहर फेंक दें फिर भी तीनों के इस्तीफे की मांग पर अभी भी हम कायम हैं। व्यापमं ने हजारों बच्चों का भविष्य बिगाड़ा है। सुषमा स्वराज ने लॉ तोड़ा और राजस्थान की चीफ मिनिस्टर ने ललित मोदी को वित्तीय मदद की।” उन्होंने कहा, ”मैं या कांग्रेस पार्टी इस्तीफा नहीं मांग रहे, इस्तीफा देश की जनता मांग रही है। मैं केवल पीएम को बताना चाहता हूं कि उन्हें मन की बात करने की आदत है, एक बार वह हिंदुस्तान के मन की बात भी सुन लें।”
क्यों विरोध कर रही है कांग्रेस
स्पीकर समित्रा महाजन ने सोमवार को कांग्रेस के 25 सांसदों को सस्पेंड कर दिया था। तख्ती दिखाने और काली पट्टी पहन कर हंगामा करने के कारण स्पीकर ने यह कदम उठाया था। पांच दिनों तक ये सांसद लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। इसके बाद कांग्रेस ने पांच दिनों तक संसद में सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करने का एलान किया है।