3 राज्यों में क्रॉस वोटिंग, सपा के शिवपाल भी कोविंद के साथ

नई दिल्ली. देश का 14वां राष्ट्रपति चुनने के लिए सोमवार को वोटिंग हुई। पहला वोट नरेंद्र मोदी ने डाला। अमित शाह ने संसद में वोट डाला। वे गुजरात की नारनपुरा सीट से विधायक हैं। देशभर में 3 राज्यों- त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और गुजरात में क्रॉस वोटिंग की खबर है। त्रिपुरा में टीएमसी के 6 और कांग्रेस के 1 विधायक ने एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद को वोट दिया। उत्तर प्रदेश में सपा विधायक शिवपाल यादव का दावा है कि उन्हें मिलाकर उनकी पार्टी के 15 विधायकों ने कोविंद को वोट दिया है। हालांकि, सपा ने अॉफिशियली यूपीए कैंडिडेट मीरा कुमार को सपोर्ट करने का एलान किया था। गुजरात में भी बीजेपी के एक बागी ने मीरा कुमार के पक्ष में वोट डाला है। बता दें कि 63 फीसदी वोटों के साथ कोविंद की जीत तय मानी जा रही है। वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी।
कांग्रेस सीपीएम के अपराधों के खिलाफ वोट…
त्रिपुरा में TMC के 6 और कांग्रेस के 1 MLA ने की क्रॉस वोटिंग
– त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के छह विधायकों और कांग्रेस के एक विधायक रतन लाल नाथ ने रामनाथ कोविंद को वोट दिया।
– टीएमसी के 6 विधायकों की अगुआई कर रहे विधायक आशीष साहा ने कहा कि ये उनका कांग्रेस, सीपीएम और खुद उनकी पार्टी की ओर से किए गए अपराधों के खिलाफ प्रोटेस्ट है। बता दें कि टीएमसी ने ऑफिशियली मीरा कुमार को सपोर्ट किया है।
– राज्य में कांग्रेस से बगावत करने वाले रतन लाल को अमित शाह से मिलने और नोटबंदी के फैसले की तारीफ करने पर उनकी पार्टी नोटिस दे चुकी है।
सपा के कुछ सांसदों ने भी कोविंद को वोट दिया- शिवपाल
– सपा विधायक शिवपाल यादव ने कोविंद को सपोर्ट किया है, जबकि उनकी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव ने मीरा कुमार को सपोर्ट करने का एलान किया था।
– शिवपाल का दावा है कि उन्हें मिलाकर सपा के 15 विधायकों ने कोविंद को वोट दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ सांसदों ने भी कोविंद को वोट किया है।
– बता दें कि 403 सीटों वाली उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के 47 विधायक हैं।
गुजरात में BJP के बागी ने की क्रॉस वोटिंग
– बीजेपी के बागी विधायक नलिन कोटडिया ने मीरा कुमार को वोट दिया है।
– इसके अलावा गुजरात में जेडीयू के एकलौते विधायक छोटूभाई वसावा ने वोटिंग का बहिष्कार कर दिया।
– बता दें कि 182 मेंबर वाली गुजरात विधानसभा में बीजेपी के 123 विधायक हैं।
झारखंड में 3 निर्दलीय विधायकों ने दिया काेविंद को वोट
– झारखंड में गीता कोडा, भानु प्रताप शाही और एनोस एक्का ने एनडीए कैंडिडेट रामनाथ कोविंद को वोट दिया।
राजस्थान में 3 घंटे पहले ही पूरी हो गई वोटिंग
– राजस्थान में दोपहर सुबह 10 बजे वोटिंग शुरू हुई और दोपहर 2:15 बजे पूरी हो गई, जबकि इसके लिए 5:00 बजे शाम तक का वक्त तय था।
– 200 मेंबर्स वाली राजस्थान विधानसभा में 199 विधायकों ने वोटिंग की। पूर्व सीएम अशोक गेहलोत ने गुजरात में वोटिंग की।
पेन ले जाने की नहीं थी इजाजत
– इस बार राष्ट्रपति चुनाव में सांसदों-विधायकों को पोलिंग बूथ में पेन ले जाने की इजाजत नहीं थी। उन्होंने मैसूर में डिजाइन किए गए बैगनी रंग के पेन से वोट दिया।
– पिछले साल हरियाणा में राज्यसभा के लिए सुभाष चंद्रा के चुनाव में गलत पेन से वोटिंग के कारण वोट रद्द होने पर विवाद हो गया था।
– सांसदों के लिए हरे रंग का और विधायकों के लिए गुलाबी रंग के बैलेट पेपर की व्यवस्था की गई।
– कुल 32 पोलिंग बूथ बनाए गए। एक संसद भवन और राज्य विधानसभाओं में एक-एक बूथ बनाया गया।
– बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म होगा। नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को पद संभालेंगे।
एनडीए के 16 दल और 6 अपोजिशन पार्टियां भी कोविंद के साथ
– राष्ट्रपति का चुनाव जीतने के लिए 50% वोट चाहिए।
– एनडीए के पास 48% वोट हैं। एनडीए को जो पार्टियां समर्थन दे रही हैं, उनके 15% वोट हैं।
– यूपीए+विपक्ष के पास 34% वोट हैं। अन्य के पास 3% वोट हैं।
रामनाथ कोविंद: करीब 63%
– एनडीए को AIADMK, BJD, TRS, JDU, वाईएसआर कांग्रेस और इनेलो का भी समर्थन है।
मीरा कुमार: करीब 34%
– कांग्रेस के साथ टीएमसी, सपा, बसपा, आरजेडी, लेफ्ट पार्टियां, आप, डीएमके, एनसीपी सहित 18 दल हैं।
ऐसे होगा राष्ट्रपति चुनाव
– 4851 वोटर राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें 4077 MLAs और 774 MPs शामिल हैं।
– 20 AAP के विधायकों के खिलाफ हाउस ऑफ प्रॉफिट के मामले में केस चल रहा है, लेकिन इलेक्शन कमीशन का कहना है कि आज की बात करें तो ये लोग वोट डाल सकेंगे।
– 12 नॉमिनेटेड राज्यसभा मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके अलावा, लोकसभा में दो एंग्लो-इंडियन कम्युनिटी के नॉमिनेटेड मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे।
– 10 खाली सीटें हैं राज्यसभा की, जिनके लिए चुनाव की घोषणा राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही की जाएगी।
कितने वोट जरूरी
– किसी भी दल को अपनी पसंद का प्रेसिडेंट बनाने के लिए 50% यानी 5,49, 442 वोटों की जरूरत है।
– टोटल MLAs: 4120
– टोटल MPs: 776
– MLAs की वोट वैल्यू: 5,49,474
– MPs की वोट वैल्यू: 5,48,408
– टोटल वोट वैल्यू: 10,98,882
रामनाथ कोविंद v/s मीरा कुमार
– रामनाथ कोविंद: यूपी में जन्मे, बिहार के गर्वनर रहे। सादगीभरी छवि, कानून के जानकार, संविधान की समझ, दलित चेहरा। दो चुनाव लड़े, लेकिन हार गए।
– मीरा कुमार:बिहार में जन्मीं मीरा साफ-सुथरी छवि, कानून की जानकार, संविधान की जानकारी (लोकसभा स्पीकर रहीं)। विदेश नीति की जानकारी (इंडियन फॉरेन सर्विस में रहीं)। दलित चेहरा और पूर्व डिप्टी पीएम जगजीवन राम की बेटी। रामविलास पासवान और मायावती जैसे बड़े दलित लीडर्स को चुनाव में हरा चुकी हैं। करोलबाग से 3 बार MP भी रहीं।

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