3 विधानसभा क्षेत्रों से 3 दिग्गज कांग्रेस नेताओं को किया पराजित

 

 

 

 

  • हिन्दूवादी व तेजतर्रार छवि से प्रदेशभर में अलग पहचान

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। शिवराज मंत्रिमंडल के विस्तार में इन्दौर से महू विधायक उषा ठाकुर को मौका दिया गया है, उन्हे कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वे तीसरी बार की विधायक है और हर बार उनका निर्वाचन क्षेत्र अलग-अलग रहा है। वर्ष 2003 में विधानसभा 1, 2013 में विधानसभा 3 व 2018 में सुश्री ठाकुर महू विधानसभा से निर्वाचित हुई है। उन्होने हर बार कांग्रेस के दिग्गज नेताओं क्रमश: रामलाल यादव भल्लू, अश्विन जोशी व अंतर सिंह दरबार को पराजित किया है।

विधायक ठाकुर तेज तर्रार और हिन्दूवादी छबि की नेता है। वे पुर्व में राष्ट्र सेविका समिति से भी जुड़ी रही है, वे कई धार्मिक आयोजन भी करती है और ऐसे आयोजनों में उनकी सक्रियता भी रहती है। ऐसे आयोजनों में सुचिता व संस्कृति को लेकर वे कई बार मुखर भी हुई है और ये देशभर में सुर्खियां भी बनी है। मंत्री पद की दौड़ में ठाकुर पहले दिन से थी, लेकिन इन्दौर से और भी सीनियर विधायक होने के कारण उनका नाम फायनल नहीं हो पा रहा था। संगठन उन्हे पसंद करता है, वहीं दिल्ली-भोपाल में भी उनके शुभचिंतक है, इन सभी के प्रयासों से अंत में उन्हे शिवराज मंत्रिमंडल में स्थान मिल गया। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुध्दे ने भी उनके नाम की जमकर पैरवी की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व संगठन महामंत्री सुहास भगत को भी उनसे कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन इन्दौर से दावेदार अधिक होने के कारण अंत तक मशक्कत चलती रही। आखिरकार अंत: में उनके नाम पर सहमति बन ही गई। ठाकुर इन्दौर से पहली महिला विधायक रही है और अब पहली महिला मंत्री भी बनी है। मंत्री बनने के बाद इन्दौर के हितों को लेकर विधायक ठाकुर पर दोहरी जिम्मेदारी भी है, वे ग्रामीण क्षेत्र से निर्वाचित है, जबकि शहर से भी दो बार चुनी गई है।

■ मंत्री बनने से फिर चूके मेन्दोला
मंत्री पद के प्रबल दावेदार विधायक रमेश मेन्दोला एक बार फिर चुक गए। बुधवार शाम तक उनका नाम टाप पर था, सोशल मीडिया से शहरभर में इसकी सुर्खियां भी बन गई थी। कहा जा रहा था कि सूची तैयार हो गई है और मेन्दोला को शपथ लेने के लिए फोन भी आ गया है, लेकिन देर रात भोपाल में दिग्गज नेताओं की मैराथन बैठक की समाप्ति के बाद जो नाम सामने आए उसमे मेन्दोला का नाम गायब था। बताते है इस बैठक के दौरान ही राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को शीर्ष नेतृत्व की और से सूचना दी गई कि मेन्दोला को मंत्रिमंडल में नहीं लिया जा रहा है, इसके पीछे कुछ कारण भी बताए गए। तब पितृ पर्वत पर इस विषय पर मेन्दोला-विजयवर्गीय सहित संगठन मंत्री जयपाल सिंह चावड़ा, नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे व कुछ चुनिंदा समर्थकों की बैठक भी आयोजित हुई।

■ कार्यकर्ताओं में आक्रोश,आत्मदाह की कोशिश
मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिलने से विधायक मेन्दोला समर्थक खासे आक्रोशित है। ऐसे कई कार्यकर्ता उनके व विजयवर्गीय के घर पर जमा भी हुए, जबकि कई ने भाजपा कार्यालय पर भी आक्रोश जताया। सोशल मीडिया पर भी दिनभर कार्यकर्ता आक्रोश व्यक्त करते रहे, इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं भी चलती रही। शाम को सुमित हार्डिया नामक कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर आत्मदाह करने भी पहुंच गया, जिसे कार्यकर्ताओं व्दारा जैसे तैसे रोका गया। मेन्दोला सबसे अधिक मतों से जीतने वाले विधानसभा 2 से तीसरी बार के विधायक है। विधायक मेन्दोला सांवेर विधानसभा उपचुनाव के प्रभारी है, वे पिछले एक माह से सांवेर में लगातार सक्रिय भी है। उनको मंत्री नहीं बनाए जाने से अब सांवेर उपचुनाव के परिणाम भी अनुकूल नहीं आने की सुर्खियां है।

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