नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 जनवरी को जेएनयू में हुई हिंसा पर सोमवार को सुनवाई की। तीन प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट से अपील की थी कि वह हिंसा के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दे। इस पर कोर्ट ने पुलिस, दिल्ली सरकार, वॉट्सऐप, एपल और गूगल से मंगलवार दोपहर 3 बजे तक जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा कि उसे अब तक जेएनयू प्रशासन से हिंसा की फुटेज सुरक्षित रखने पर जवाब नहीं मिला है। पुलिस ने यह भी बताया कि उसने वॉट्सऐप को हिंसा से जुड़े मैसेज चलाने वाले दो ग्रुप्स ‘यूनिटी अगेंस्ट लेफ्ट’ और ‘फ्रेंड्स ऑफ आरएसएस’ का डेटा सुरक्षित रखने के लिए कहा है।

हिंसा के एक हफ्ते बाद क्लासेज शुरू हुईं

इस बीच, जेएनयू में 5 जनवरी को हुई हिंसा के एक हफ्ते के बाद सोमवार से क्लासेस शुरू हुईं। हालांकि, छात्रसंघ हॉस्टल फीस वृद्धि और छात्रों के निलंबन के विरोध में प्रदर्शन जारी रखेगा। छात्रों की सुविधा के लिए सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 15 जनवरी तक बढ़ा दी गई है। छात्र लेट फीस दिए बिना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने रविवार को कहा कि रविवार शाम तक 4,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके थे। 

नकाबपोश छात्रा की पहचान हुई

हिंसा में शामिल दो नकाबपोश लोगों के साथ नजर आई महिला की पहचान दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा के रूप में कर ली गई है। हिंसा की जांच कर रही एसआईटी टीम सोमवार को छात्रा को नोटिस भेजेगी। साथ ही उसे जांच में शामिल होने और दो नकाबपोशों की पहचान करने के लिए कहेगी।

छात्रों-शिक्षकों को बेहतर वातावरण मिले यह सुनिश्चित किया जा रहा: वीसी

जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने शुक्रवार को कहा था कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रहा है कि छात्रों और शिक्षकों को पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण मिले। डीन और अध्यक्ष के साथ बैठक में यह फैसला लिया गया कि क्लासेज 13 जनवरी से शुरू होंगी। वीसी ने शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव अमित खरे से भी मुलाकात की थी। वीसी ने मंत्रालय को बताया कि जेएनयू ने बढ़ी हुई फीस और हॉस्टल चार्जेज का भार यूजीसी से वहन करने का आग्रह किया है।

बढ़ी हुई फीस का भुगतान यूजीसी करेगा

शुक्रवार को छात्रसंघ के नेताओं और कुलपति के बीच बैठक हुई थी। इसमें फैसला लिया गया कि अगले सेमेस्टर के लिए बढ़ी हुई फीस नहीं ली जाएगी। बढ़ी हुई फीस का भुगतान यूजीसी करेगा। अमित खरे ने शुक्रवार को छात्रों से हड़ताल खत्म कर कक्षाओं में लौटने का आग्रह किया था। जगदीश कुमार ने रविवार को कहा कि हॉस्टल की फीस बढ़ोतरी का फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया था। इसके लिए 2016 में समिति का गठन किया गया था।

दिल्ली की क्राइम ब्रांच हिंसा मामले की जांच कर रही

छात्र संघ ने आरोप लगाया था कि कुलपति ने फीस पेमेंट पोर्टल और ट्यूशन फीस पेमेंट को ब्लॉक कर दिया था। उन्होंने फर्जी तरीके से 300 छात्रों के रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगा दी थी। हालांकि, रजिस्ट्रार ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि वे झूठ बोल रहे हैं। हमने सभी छात्रों का प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। दिल्ली की क्राइम ब्रांच जेएनयू में हुए हिंसा मामले की जांच कर रही। पुलिस ने छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत 9 पर मामला दर्ज किया है।

फीस बढ़ोतरी के खिलाफ हिंसा हुई थी

जेएनयू में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 5 जनवरी को हिंसा हुई थी। नकाबपोशों ने छात्र-शिक्षकों को डंडे और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा। वे ढाई घंटे तक कैंपस में कोहराम मचाते रहे। हमले में छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई घायल हो गए। आइशी ने एबीवीपी पर हमले का आरोप लगाया और कहा कि नकाबपोश गुंडों ने मुझे बुरी तरह पीटा। करीब 35 लोग जख्मी हुए थे।

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