56 महीनों में सबसे महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, बढ़ती कीमतों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

नई दिल्ली: 

कर्नाटक चुनाव के खत्म होते ही सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में वृद्धि दर्ज की गई है। पेट्रोल 17 पैसे और डीजल 21 पैसे महंगा हो गया है। कर्नाटक चुनाव को देखते हुए 19 दिन पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की गई थी जिसके बाद यह कीमत स्थिर थी।

कर्नाटक में मतदान खत्म होने के दूसरे दिन ही पेट्रोल -डीजल महंगा हो गया है।

दिल्ली में पेट्रोल का दाम 74.63 रु से बढ़कर 74.80 रु हो गया है वहीं डीजल 65.93 रु की जगह 66.14 रु में मिल रहा है।

पेट्रोल-डीजल के दाम में इस इजाफे के बाद यह 56 महीने के रिकॉर्डतम स्तर पर पहुंच गया है।

गौरतलब है कि सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले साल जून महीने से तेल की कीमतों को रोजाना स्तर पर तय करना शुरू किया था।

अंतर्राष्ट्रीय तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी की वजह से देश में पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में इजाफा हो रहा है।

बता दें कि दक्षिण एशियाई देशों के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमत सबसे ज्यादा है क्योंकि एक्साइज ड्यूटी और वैट के कारण कीमत इतनी बढ़ी हुई रहती है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ रहे दामों से बचाने के लिए इसी साल पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने को कहा था लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी के बजट में इस नकार दिया था।

अगर अभी सरकार पेट्रोल की कीमत को जीएसटी के सबसे ऊंचे दर वाले स्लैब (18 फीसदी) में भी रखती है तो कीमत करीब 50 रुपये लीटर हो जाएगी।

वहीं सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी को बताया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच अंतर्राष्ट्रीय तेल की कीमतों में कमी के बावजूद एक्साइज ड्यूटी को नौगुणा बढ़ा दिया था लेकिन अक्टूबर 2017 में 2 रुपये प्रति लीटर टैक्स घटा दिया था।

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