8वें दिन भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की मार, रिकॉर्ड स्तर पर

नई दिल्ली.कर्नाटक चुनाव के बाद से लगातार 8वें दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गई हैं। सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल 76.57 रुपए हो गया है वहीं डीजल का भाव 67.82 रुपए पहुंच गया है। 13 मई के बाद से अब तक दिल्ली में पेट्रोल 1.94 रुपए प्रति लीटर रुपए महंगा हो चुका है। यहां रविवार को पेट्रोल की कीमत सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गईं और बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। इससे पहले 14 सितंबर 2013 को दिल्ली में पेट्रोल 76.06 रुपए था। यहां डीजल पहले से ही लाइफटाइम हाई पर बना हुआ है और हर रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। इस बीच, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधानने माना कि आम जनता को परेशानी हो रही है।

तेल कीमतों पर जल्द लगाम लगेगी: प्रधान

– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, ”मैं स्वीकार करता हूं कि तेल कीमतों में बढ़ोतरी से देश की जनता और खास तौर से मिडिल क्लास को काफी परेशानी हो रही है। इसके पीछे वजह तेल कंपनियों के प्रोडक्शन में कमी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी है। भारत सरकार जल्द ही इसका समाधान ढूंढ़ लेगी।”

– दूसरी ओर, दिल्ली में बढ़ती तेल कीमतों पर लोगों ने कहा कि सरकार को महंगाई पर लगाम लगाने के लिए एक्साइज ड्यूटी घटनी चाहिए। मुंबई के उपभोक्ताओं ने कहा कि मुंबई में दिल्ली और गुजरात की तुलना में पेट्रोल इतना महंगा क्यों है? लोगों को रोजाना करीब 120 रुपए तक पेट्रोल पर खर्च करने पड़ रहे हैं।

एक्साइड ड्यूटी में कटौती के संकेत नहीं
– कर्नाटक चुनाव के दो हफ्ते पहले से ही पेट्रोल और डीजल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए लेकिन इस दौरान हर बार सरकार की ओर से बयान आया कि एक्साइड ड्यूटी नहीं घटाई जाएगी। रविवार को भी पेट्रोलियम मंत्री ने ऐसे ही संकेत दिए।

महानगरों में पेट्रोल के दाम

शहर सोमवार के भाव (रु./लीटर) बढ़ोतरी (14 मई से 21 मई तक)
दिल्ली 76.57 1.94 रुपए
मुंबई 84.40 1.92 रुपए
कोलकाता 79.24 1.92 रुपए
चेन्नई 79.47 2.04 रुपए

गुजरात चुनाव के बाद भी ऐसा हुआ था

– पिछले साल गुजरात चुनाव से पहले इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसी सरकारी कंपनियों ने वहां लगातार 15 दिन तक पेट्रोल के दाम में 1 से 3 पैसे की कटौती की थी। गुजरात में 14 दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए थे। वहां भी वोटिंग के बाद तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए।

कीमतों में बढ़ोतरी की 5 वजह
1) पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने प्रोडक्शन घटाया
2) अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल के बेंचमार्क रेट 84.97 डॉलर प्रति बैरल हुए
3) क्रूड का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा
4) कर्नाटक चुनाव से पहले दाम स्थिर रखने से तेल कंपनियों को 500 करोड़ के घाटे का अनुमान
5) डॉलर के मुकाबले रुपया 68 के पार पहुंचा, जिससे इंपोर्ट महंगा हुआ

8 रुपए लीटर तक बढ़ सकते हैं दाम

– मॉर्गन स्टेनले के मुताबिक, विदेशी बाजार में कच्चे तेल की कीमत में उछाल आने से घरेलू बाजार में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेजी रहने की संभावना है। पेट्रोल-डीजल के दाम अभी 6 से 8 रुपए तक बढ़ सकते हैं।

– कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने भी पेट्रोल के दाम में 4 रुपए प्रति लीटर तक उछाल आने की संभावना जताई है।

दो साल में 90 डॉलर/बैरल हो सकता है कच्चे तेल का दाम

– मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में दो साल तक उछाल आने का अनुमान है। 2020 तक यह 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। इससे पहले अक्टूबर 2014 में यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचा था।

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