9 दिसंबर को अजय करेंगे नई पार्टी का एलान, कहा- छोटे भाई अभय को दी INLD और चश्मा

जींद के एतिहासिक मैदान पर जनता को संबोधित करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि मैं 5 तारीख को जेल से बाहर आया था. बाहर आते ही सबसे पहले मैंने चौधरी देवीलाल के चरणों में पुष्प अर्पित किए. उसके बाद मैंने युवाओं की भावनाओं का जनने का काम किया. युवाओं की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मैंने ये बैठक कर बड़ा फैसला किया है.

ऐतिहासिक मैदान पर फिर बना इतिहास
अजय चौटाला ने कहा कि बैठक में मौजूद कार्यकारिणी के सभी सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इनलो से इस्तीफा दिया है. मैं 20 तारीख को वापिस जेल जाऊंगा और जेल जाकर ये सारे इस्तीफे चौधरी ओम प्रकाश चौटाला को सौंपूंगा और फिर उन्हें बताऊंगा कि पार्टी किसे कहते हैं.

अजय चौटाला ने दूसरी पार्टी बनाने का किया एलान
अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग चंडीगढ़ में बैठकर पत्रकारों के बीच फोटो खींचवाकर, विधायकों को बंधनक बनाकर, षडयंत्र रचकर सुर्खियां बटोरते हैं. उन्होंने पार्टी को जोड़ने का नहीं बल्कि तोड़ने का काम किया है. इसलिए मैंने ये चश्मा और आईएनएलडी बिल्लू यानी अभय चौटाला को सौंप दी है. अभय चौटाला इसे संभाल कर रखें.

9 दिसंबर को करेंगे अधिकारिक घोषणा
इस दौरान दूसरी पार्टी का एलान करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि 9 दिसंबर को समस्त हरियाणा सम्मेलन करेंगे. इस दौरान पार्टी के नाम की अधिकारिक घोषणा की जाएगी. इनेलो ने पिछले दिनों में जो फैसले किए. दिग्विजय और दुष्यंत की पार्टी सदस्यता खत्म कर दी. फिर उन्हें पार्टी से निष्कासित कर बाहर निकाल दिया और ये कहा गया कि पार्टी में कुछ कांग्रेसी लोग है.

अभय चौटाला पर साधा निशाना
अजय ने कहा कि जब अभय चौटाला ने कांग्रेसी लोगों को पहचान लिया था तो फिर दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला दोषी कैसे? अपने निष्कासन पर सफाई देते हुए अजय ने कहा कि मैंने तो कोई पार्टी विरोधी काम नहीं किया. फिर भी कुछ लोगों ने षड़यंत्र रचकर मुझे पार्टी से बाहर निकालने का काम किया. अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चार लोग चंडीगढ़ में बैठक फर्जीवाड़ा कर रहे हैं.

दुष्यंत को सीएम बनाने की अपील
उन्होंने कहा कि मैंने तो इस पार्टी को खून पसीने सींचा है. ना कोई एफआईआर, ना कोई गवाही, ना कोई नाम फिर भी सजा काट रहा हूं. ये मैंने मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं बल्कि आपके लिए किया. मुख्यमंत्री तो वो बनेगा जिसे आप चाहेंगे. कार्यकर्ताओं को अजय चौटाला ने कहा कि मेरी वजह से कई साथियों को अपमानित होना पड़ा. मैं उनसे माफी चाहता हूं. जिस किसी ने आपके रास्ते में कांटे बिछाएं हैं उन्हें अपनी पलकों से उठाऊंगा. ताकि आपको कोई तकलीफ ना हो.

अजय चौटाला ने अभय चौटाला के उस बयान का भी पलटवार किया जिसमें अभय ने कहा था कि मैंने अजय को राजनीतिक विरासत दी है. अजय से पहले मैं राजनीति में सक्रीय रहा हूं वो तो राजस्थान जाकर चुनाव प्रचार करते थे. इस बयान पर पलटवार करते हुए अजय चौटाला ने कहा कि मैं ये पूछता हूं की जो ठेकेदार बनें बैठे हैं वो कभी राजस्थान जाते हैं क्या?

जनता से सहयोग की अपील
अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए अजय ने कहा कि वो अपने साले के वोट मांगने जाते हैं और बीजेपी के लिए वोट मांगते हैं. मैंने कभी बीजेपी के लिए वोट नहीं मांगे. अजय चौटाला ने कहा कि फैसला आपको करना है. मैं तो आपको दुष्यंत सौंप कर जा रहा हूं. अब आपको दुष्यंत को संभाल कर रखना है. उन्होंने कहा कि चौधरी देवीलाल की विचारधारा को मैं जनजन तक पहुंचाने का काम मरते दम तक करूंगा.

अजय चौटाला ने भाषण के अंत में अभय चौटाला पर निशाना साधते हुए कहा कि

  • जा दुर्योधन, अब हम जाते हैं
  • अंतिम संक्लप सुनाते हैं
  • अब याचना नहीं रण होगा
  • जीवन नहीं मरण होगा.
  • दुर्योधन तू धराशाही होगा
  • हिंसा का उतरदायी होगा.

‘किसी की इनसो के भंग करने की हैसियत नहीं’

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इस्तीफा दिया है उन्हें हम नई पार्टी बनाकर ज्वाइन कराएंगे. 9 तारीख को विधिवित रूप से नई पार्टी की घोषणा करेंगे. ओपी चौटाला के इनसो को भंग करने के फैसले पर अजय चौटाला ने कहा कि इनसो को कोई भंग नहीं कर सकता क्योंकि वो एक प्राइवेट स्टूडेंस ऑर्गेनाइजेशन हैं वो संस्था मेरे द्वारा रजिस्टर है. इसलिए ना तो कोई इसे भंग कर सकता है और ना ही किसी की हैसियत.
दुष्यंत ने साधा अभय पर निशाना
इससे पहले दुष्यंत चौटाला ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अगर गलती हमारी है तो सबूत दिखा दो, कौन सी अनुशासनहीनता है चलो ये तो बता दो. हम जनता के बीच में रहते हैं, जनता के दुलारे हैं, अगर प्रिय होना गलती है तो जो चाहे सजा दे दो.
फिर छलका दुष्यंत का दर्द
दुष्ंयत ने कहा कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने 13 नवंबर को मेरे और दिग्विजय के निष्कासन का पत्र अशोक अरोड़ा के जरिए हमें सौंपा. उन्होंने हमें इनेलो की प्राथमिक सदयस्ता के पद से हटा दिया. पार्टी से बाहर कर दिया. वो मेरे दादा जी हैं. दादा जी थे और दादाजी रहेंगे. मैं उनकों अपना आदर्श मानकर संघर्ष करता रहूंगा.
संघर्ष करने का वक्त- दुष्ंयत
सांसद ने कहा कि राम ने लव कुश को घर से निकाला, भगवान राम को भी वनवास मिला. पांडूओ को भी घर से बाहर निकाला गया. वो मैदान में रहे संघर्ष किया. बाकि की कहानी आपको पता है. मैं तो एक चीज बोलना चाहूंगा कि मेरी इच्छा है कि जिस पार्टी के चुनींदा लोगों ने हमें बाहर निकालने का काम किया है उसमें वापिस लौटना जहन नहीं माना.
लेकिन अब इतनी मेहनत करके दिखाएंगे कि अजय चौटाला फिर आपके साथ खड़े होंगे. ओपी चौटाला को भी इस मंच पर खड़ा करेंगे और दिखाएंगे कि जो लोग हमें कमजोर करने का काम कर रहे थे वो अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए.
लोकदल के लिए पैदा हुआ हूं- दुष्ंयत
दुष्यंत ने कहा कि मेरा जन्म 1998 का है 1987 में लोकरदल की सरकार आई थी. मैं लोकदल में पैदा हुआ हूं और मरते दम तक लोकदल में रहूंगा. बिना नोटिस के आप सभी इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे आपका धन्यवाद. इशारों ही इशारों में उन्होंने अभय चौटाला पर निशाना साधा और कहा कि जो लोग कार्यकर्ताओं को कांग्रेसी बताते हैं वो इस भीड़ को देख लें
दुष्ंयत ने कहा कि

  • हम जोड़ते रहे, वो तोड़ते
  • हम मिलते रहे, वो धमकाते रहे
  • वक्त आ गया है पूरा हिसाब करने का
बैठक में लोग रहे मौजूद
इससे पहले जींद के दीप पैलेस में अजय चौटाला ने पदाधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में सांसद दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला और नैना चौटाला मौजूद रहीं. नैना चौटाला के साथ तीन विधायक भी बैठक में मौजूद रहें. उकलाना से अनूप ढानक, चरखी दादरी से राजदीप फौगाट और खुद नैना चौटाला डबवाली से विधायक तीनों ही बैठक में मौजूद रहे.
कार्यकर्ताओं को बांटे गए इस्तीफें के फॉर्म
बैठक में कार्यकारिणी के सभी सदस्यों को इनेलो से इस्तीफा देने के लिए फॉर्म बांटे गए. बैठक में मौजूद सभी पदाधिकारियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिया गया. साथ ही अभय चौटाला ने नई पार्टी बनाने का भी एलान किया. बैठक की अध्यक्षता अनंतराम तंवर ने की. अनंतराम तंवर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष होने के साथ-साथ इनेलो के सबसे वरिष्ठ  सदस्य रहे हैं.

वहीं इनेलो की दिल्ली इकाई ने भी इनेलो से इस्तीफा दे दिया है. अजय चौटाला का समर्थन करते हुए दिल्ली की इनेलो इकाई ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया. दिनेश डागर प्रवक्ता ने इनेलो छोडने की घोषणा की है.

ये रहा दिनभर का हाल

दोपहर 1.40 बजे

  • सांसद दुष्यंत चौटाला, अजय चौटाला, और विधायक नैना चौटाला दीप होटल पहुंचे.
  • आया आया सीएम आया के नारों के साथ दुष्यंत चौटाला का स्वागत.
  • समर्थकों ने फूल मालाओं के साथ अजय चौटाला और नैना चौटाला का किया गया स्वागत

दोपहर 12.25 बजे

  • दिग्विजय चौटाला होटल दीप पहुंचे
  • कार्यकर्ताओं ने अजय चौटाला, दिग्विजय चौटाला और दुष्यंत चौटाला के समर्थन में लगाए नारे.
  • फूल मालाओं के साथ किया गया दिग्विजय चौटाला का स्वागत.
  • अलग पार्टी बनाने के सवाल पर दिग्विजय ने कहा कि झंडे का रंग हरा ही रहेगा.
  • दिग्विजय ने कहा कि जो भी बैठक में फैसला किया जाएगा सर्वमान्य होगा.
  • उन्होंने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से बैठक के बाद होगा बड़ा फैसला.
  • दिग्विजय ने कहा कि आज का दिन एतिहासिक है.
  • बंद कमरे के अंदर नहीं होगा फैसला.
  • जो फैसला होगा मीडिया के सामने होगा.
  • अजय चौटाला जो फैसला करेंगे हम उसी का ही अनुसरण करेंगे.

सुबह 11.50 बजे

  • पूर्व डिप्टी स्पीकर सतबीर कादियान होटल दीप पहुंचे.
  • सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं का होटल के बाहर जमावड़ा
  • अजय और दुष्ंयत चौटाला के समर्थन में लगाए गए नारे.

सुबह 11.20 बजे

  • सिरसा से जींद के लिए रवाना हुए अजय चौटाला.
  • अजय समर्थकों ने बैठक स्थल पर पहुंचना शुरू कर दिया है.
  • कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के विशेष पत्र दिया जा रहा है.
  • वॉलेंटियर को जननायक सेवा दल का पहचान पत्र दिया जा रहा है.

इससे पहले जींद में पोस्टरों से इनेलो शब्द ही गायब दिखा. दीप पैलेस में जहां अजय सिंह चौटाला ने मीटिंग बुलाई थी वहां पोस्टर पर लिखा था “आप सभी का प्रदेश कार्यकारिणी मीटिंग में स्वागत है”. इस बैनर में इनेलो शब्द का प्रयोग नहीं किया गया था. जहां जनसभा का आयोजन हुआ वहां भी जो पोस्टर लगे हैं उनसे इनेलो शब्द गायब मिला.

इनेलो में मचे घमासान के बीच अजय चौटाला ने जींद में शक्ति प्रदर्शन किया. जनसभा से पहले जींद के दीप पैलेस में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई. अजय चौटाला, दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह चौटाला ने मंच को संभाला.

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