BJP को घेरने की तैयारी में कांग्रेस; गोवा,मणिपुर और मेघालय में पेश करेगी सरकार बनाने का दावा

कर्नाटक में सबसे बड़ा दल होने के कारण बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता मिलने पर अब कांग्रेस ने अपनी इस विरोधी पार्टी को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. कांग्रेस ने कहा है कि वो सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते गोवा, मणिपुर और मेघालय में राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. हालांकि, इन राज्यों में सरकार बनाने के सहयोगी दलों के दावे पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि गोवा और मणिपुर में चुनाव हुए एक साल से अधिक का समय हो चुका है. वहीं मेघालय में चुनाव हुए कई महीने हो चुके हैं. इन चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन वह सरकार नहीं बना पाई थी. माना जा रहा है कि कांग्रेस ये कदम बीजेपी को शर्मिंदगी महसूस कराने के इरादे से उठा रही है.

कर्नाटक में बीजेपी को मिला था सरकार बनाने का न्योता
कर्नाटक में बीजेपी 104 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी जिसे 16 मई को राज्यपाल वाजूभाई वाला ने सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया. हालांकि कांग्रेस और जेडीएस ने 117 विधायकों का समर्थन होने का जिक्र करते हुए अपनी सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने का मौका दिया और 15 दिन में बहुमत साबित करने को कहा. बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने 17 मई को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों में से 222 पर चुनाव हुए थे. बहुमत का आंकड़ा 112 है.

गोवा में कांग्रेस आज करेगी राज्यपाल से मुलाकात
गोवा कांग्रेस विधायक दल के प्रमुख चंद्रकांत कावलेकर ने कहा कि पार्टी अपने सभी 16 विधायकों के हस्ताक्षर वाला औपचारिक पत्र सौंपकर शुक्रवार 18 मई को राज्यपाल मृदुला सिन्हा के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. राज्यपाल ने कांग्रेस नेताओं को बैठक के लिए दोपहर 12 बजे का समय दिया है.

पिछले साल मार्च में 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस को 17 सीट मिली थीं, लेकिन पार्टी बहुमत से चार सीट दूर रही थी. बाद में इसके एक विधायक ने इस्तीफा दे दिया और वह बीजेपी में शामिल हो गया.

राज्य में बीजेपी को 14 सीट मिली थीं और उसने गोवा फॉरवर्ड पार्टी और एमजीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली थी. इन दोनों दलों को तीन-तीन सीटें मिली थीं. तीन निर्दलीय भी बीजेपी के पाले में चले गए थे.

गोवा विधानसभा में नेता विपक्ष कावलेकर ने कहा, ‘‘हमारे पास 16 विधायक हैं और इसके चलते विधानसभा (गोवा) में हम सबसे बड़ी पार्टी हैं. राज्यपाल को 12 मार्च 2017 की अपनी गलती को सुधारते हुए अपने कर्नाटक समकक्ष द्वारा स्थापित उदाहरण के अनुरूप गोवा में हमें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए.’’

कांग्रेस का दावा, साबित कर देंगे बहुमत
कांग्रेस द्वारा गोवा में सरकार बनाने का दावा पेश करने के दावे पर ये रेखांकित किए जाने पर कि सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए कम से कम 21 विधायकों का समर्थन चाहिए, कावलेकर ने कहा कि एक बार राज्यपाल कांग्रेस के मुख्यमंत्री को शपथ दिला दें तो फिर वह सदन में बहुमत साबित करने में सफल होंगे. हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी किस तरह बहुमत जुटाएगी.

राज्यपाल को दे रहे गलती सुधारने का मौका
गोवा कांग्रेस के प्रमुख गिरीश चूड़ांकर ने कहा कि राज्यपाल दो तरह के नियम नहीं रख सकते. उन्होंने कहा, ‘‘जब कर्नाटक के राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित किया है तो गोवा में भी वही नजीर दी जानी चाहिए.’’ चूडांकर ने कहा कि कांग्रेस, ‘‘गोवा की राज्यपाल को पिछले साल उनके द्वारा की गई गलती को सुधारने का मौका दे रही है.’’

गोवा में बीजेपी नीत सरकार के मुखिया मनोहर पर्रिकर हैं जो वर्तमान में पैंक्रिएटिक संबंधी बीमारी का उपचार कराने के लिए अमेरिका में हैं.

मणिपुर में भी पेश किया जाएगा सरकार बनाने का दावा
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता इबोबी सिंह ने भी कहा है कि वह सरकार गठन का दावा करने के लिए राज्यपाल से मिलने का समय मांगेंगे. मणिपुर में पिछले साल हुए चुनाव में कांग्रेस को 60 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीट मिली थीं. बीजेपी के खाते में 21 सीट आई थीं. बीजेपी ने क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था. तब राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने कांग्रेस के दावे को नजरअंदाज कर बीजेपी और क्षेत्रीय दलों के गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था.

माकपा प्रमुख सीताराम येचुरी ने कहा कि बीजेपी सरकार द्वारा नियुक्त राज्यपालों ने न तो गोवा में, न मणिपुर में और न ही मेघालय में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया व केंद्रीय मंत्रियों ने उनके समर्थन में दलीलें दीं. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अनुपालन के लिए उदाहरण है, सही? #कर्नाटक.’’

तेजस्वी यादव आज पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद उठे सियासी तूफान का असर अब बिहार में भी देखने को मिल रहा है. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव अपने विधायकों के साथ शुक्रवार (18 मई) को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे. बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, बिहार में राजद न केवल सबसे बड़ी पार्टी है बल्कि जद (यू) के बाहर चले जाने के बाद भी कांग्रेस और राजद का चुनाव से पहले का सबसे बड़ा गठबंधन है. उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद उन्हें सरकार बनाने के लिए क्यों नहीं बुलाया गया.

राजद को मिले सरकार बनाने का न्योता
कर्नाटक चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता दिए जाने की बात का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कर्नाटक में सबसे बड़े दल को सरकार बनाने का न्योता दिया गया, तो बिहार में उसी तर्ज पर सरकार बनाने का न्योता राजद को मिलना चाहिए. तेजस्वी ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का समय दिए जाने पर भी आपत्ति जताई.