BJP पार्लियामेंट बोर्ड की मीटिंग आज, सुमित्रा का नाम सबसे आगे

नई दिल्ली. राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सोमवार को बीजेपी पार्लियामेंटरी बोर्ड की मीटिंग है। इस बीच राष्ट्रपति पद के लिए शिवसेना के कड़े रुख के बाद लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के नाम पर सहमति हो सकती है। इंदौर से लगातार 8 बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचीं सुमित्रा महाजन मूलत: महाराष्ट्र से हैं। इस वजह से मराठी माणूस के नाते शिवसेना और एनसीपी भी उनका समर्थन कर सकती हैं। ऐसे में एनडीए सुमित्रा महाजन के नाम पर एकराय बनाने की कोशिश कर सकता है।
25 विधायक दिल्ली रवाना…
– मध्य प्रदेश से रविवार को 25 विधायक दिल्ली रवाना हो गए। वे राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए कैंडिडेट के प्रपोजर्स (प्रस्तावक) होंगे। वहीं, 25 एमएलए का दल सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना होगा।
– इस तरह दो दिन में प्रपोजर के बतौर करीब 50 विधायक दिल्ली में बीजेपी सांसद राकेश सिंह के बंगले पर इकट्ठे होंगे।
– यहां केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की देखरेख में इन विधायकों से कोरे नॉमिनेशन फॉर्म पर प्रपोजर के रूप में साइन करवाए जाएंगे।
– बताया जाता है कि राष्ट्रपति पद के लिए सुषमा स्वराज का नाम भी उभरकर आया था, लेकिन उनके इनकार के बाद सुमित्रा महाजन ही इस पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं।
– इस बीच मध्य प्रदेश के ही सीनियर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत का नाम भी उभर कर सामने आया है। वे ग्रामीण पृष्ठभूमि के कद्दावर दलित नेता हैं। यही दो बातें उनके फेवर में जाती हैं।
23 जून के पहले बीजेपी जारी करेगी कैंडिडेट का नाम
– वेंकैया नायडू ने रविवार को कहा कि बीजेपी राष्ट्रपति पद के लिए कैंडिडेट का एलान 23 जून के पहले कर देगी।
– रविवार को ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके घर पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच राष्ट्रपति चुनाव को लेकर करीब 75 मिनट चर्चा हुई।
– सूत्रों की मानें तो शाह ने ठाकरे से कहा कि एनडीए का राष्ट्रपति पद का कैंडिडेट का नाम नरेंद्र मोदी तय करेंगे। इस पर ठाकरे ने कहा कि हम तभी सपोर्ट करेंगे जब बीजेपी नाम का खुलासा करेगी। बता दें कि शिवसेना ने राष्ट्रपति के लिए हरित क्रांति के जनक रहे एमएस स्वामीनाथन का नाम आगे किया था।
सोनिया से मिले थे बीजेपी नेता
– 16 जून को राजनाथ सिंह और वेंकैया नायडू ने सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। 10 जनपथ पर इन नेताओं के बीच करीब 30 मिनट चर्चा हुई।
– कांग्रेस ने कहा, “बीजेपी की तरफ से कोई नाम नहीं आया। जब तक नाम नहीं आता, चर्चा का सवाल ही पैदा नहीं होता।” बीजेपी के दोनों नेता इसके बाद सीपीएम के जनरल सेक्रेटरी सीताराम येचुरी से भी मिले। येचुरी ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को सपोर्ट करने के लिए एक शर्त रखी कि जिसे भी कैंडिडेट बनाएं, वह सेक्युलर सोच वाला होना चाहिए।
ऐसा होगा राष्ट्रपति चुनाव
# 4896 वोटर राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें 4120 MLAs और 776 MPs शामिल हैं।
# 20 AAP के विधायकों के खिलाफ हाउस ऑफ प्रॉफिट के मामले में केस चल रहा है, लेकिन इलेक्शन कमीशन का कहना है कि आज की बात करें तो ये लोग वोट डाल सकेंगे।
# 12 नॉमिनेटेड राज्यसभा मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे। इसके अलावा, लोकसभा में दो एंग्लो-इंडियन कम्युनिटी के नॉमिनेटेड मेंबर्स भी वोट नहीं डाल सकेंगे।
# 10 खाली सीटें हैं राज्यसभा की, जिनके लिए चुनाव की घोषणा राष्ट्रपति चुनाव के बाद ही की जाएगी।
कितने वोट जरूरी
– किसी भी दल को अपनी पसंद का प्रेसिडेंट बनाने के लिए 50% यानी 5,49, 442 वोटों की जरूरत है।
टोटल MLAs टोटल MPs MLAs की वोट वैल्यू MPs की वोट वैल्यू टोटल वोट वैल्यू
4114 776 5,49.474 5,48,408 10,98,882
पिछली बार के नतीजे
कैंडिडेट कुल वोट कौन जीता, कितने वोट मिले
2 10,29,750 प्रणब मुखर्जी (7,13,763)
NDA के पास कितने वोट?
– लोकसभा, राज्यसभा और स्टेट असेंबली को मिलाकर टोटल 5,2,371 वोट होते हैं। एनडीए का टोटल वोट पर्सेंटेज 48.10 फीसदी है।
UPA के पास कितने वोट?
– साझा कैंडिडेट उतारने की स्थिति में सभी अपोजिशन पार्टियां एक हो जाती हैं तो टोटल वोट 5,68,148 होंगे, यानी करीब 51.90%। ये प्रेसिडेंट बनाने के लिए काफी है।

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