BSF में 50 साल बाद पहली लेडी ऑफिसर, बीकानेर की तनुश्री को मिली कामयाबी

जोधपुर. दुनिया की सबसे बड़ी पैरामिलिट्री बॉर्डर गार्डिंग फोर्स बीएसएफ में 50 साल बाद ऑपरेशनल रोल में किसी महिला अफसर की एंट्री हो रही है। ये पहला ऐतिहासिक गौरव हासिल हुआ है, राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली तनुश्री पारीक को।
जिस तरह एयरफोर्स ने फाइटर प्लेन उड़ाने के लिए महिला पायलट को इजाजत दी हे, उसी तरह बीएसएफ में भी ग्राउंड पर यानी बॉर्डर पर ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए बतौर अफसर महिलाओं को कमान सौंपने का फैसला किया है। इसी कड़ी के तहत तनुश्री पारीक असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर बीएसएफ में चुनी गई हैं। वे अगले साल फरवरी में टेकनपुर स्थित बीएसएफ एकेडमी में ट्रेनिंग जॉइन करेंगी।
बॉर्डर मूवी की शूटिंग देखी और ठान लिया कि वर्दी वाली सर्विस में जाना है
– तनुश्री ने कहा कि जब वे चार साल की थीं, बीकानेर में बॉर्डर फिल्म की शूटिंग हो रही थी। इसमें बीएसएफ का अहम रोल था। फिल्म के कुछ सीन मेरे दिमाग में दर्ज हो गए। पापा डॉ. एसपी जोशी शूटिंग के फोटो दिखाकर इंस्पायर करते। बस वहीं से ठान लिया था कि वर्दी वाली सर्विस में ही जाना है और मैँने बंदूक उठाने का फैसला कर लिया था।
– तनुश्री कहती हैं कि वे बड़ी हुईं और बीकानेर में बीएसएफ के कामकाज के तरीके को देखा। तब समझ में आया कि आर्मी की तरह ये ऐसी फोर्स है जो 24 घंटे देश की बॉर्डर को महफूज रखती हैं। मैंने नौकरी के लिए नहीं पैशन के लिए बीएसएफ को चुना। वे कहती हैं कि मेरा फोर्स में जाना तभी मायने रखेगा, जब अन्य लड़कियां भी बीएसएफ ज्वाइन करना शुरू करेंगी।
15 सेकेंड में 100 मीटर पार कर लिया
– तनुश्री ने बताया कि स्कूल और कॉलेज के दौरान एनसीसी में टफ ट्रेनिंग ली। 2012 में बीई कर ली। सालभर बाद ही बीएसएफ में ऑपरेशनल ड्यूटी के लिए महिला ऑफिसर के पद को मंजूरी मिली।
– यूपीएससी से असिस्टेंट कमांडेंट के लिए फॉर्म भरा। अप्रैल, 2014 में फिजिकल टेस्ट के लिए दिल्ली बुलाया गया।
– मुझे 18 सेकेंड में 100 मीटर और ढाई मिनट में 400 मीटर दौड़ना था। 15 सेकेंड में ही 100 मीटर पार कर लिया।
– मेरा बीएसएफ में चयन हो गया। दादा भंवरलाल जोशी को जब यह पता चला कि मैं बीएसएफ में जाने वाली पहली महिला अफसर हूं, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था।
– हमारे घर दो दिन जश्न का माहौल रहा।
बीएसएफ में कैसी है महिलाओं की स्थिति?
– बीएसएफ पैरामिलिट्री फोर्स है। इसका देश की बॉर्डर पर रोल इसलिए ज्यादा अहम क्योंकि यह पाकिस्तान और बांग्लादेश बॉर्डर पर तैनात है।
– बीएसएफ ने सबसे पहले 2010 में जूनियर लीडरशिप में महिलाओं की भर्ती शुरू की थी। तब 15 महिला सब इंस्पेक्टरों की भर्ती की गई थी।
– अभी इस फोर्स में 42 महिला सब इंस्पेक्टर और 3280 महिला कांस्टेबल हैं।
– एक अनुमान के मुताबिक, बीएसएफ अब हर साल एक हजार महिलाओं की भर्ती कर रहा है लेकिन तनुश्री ऐसी पहली महिला अफसर होंगी जिन्हें बीएसएफ में ऑपरेशन रोल के लिए चुना गया है।
– वे फरवरी 2016 से ट्रेनिंग लेने वाली महिलाओं की बैच का हिस्सा होंगी।