Category Archives: राष्ट्रीय

एकात्म_मानववाद

            मेरी किशोरावस्था मे एक बड़ा सुंदर संयोग हुआ, एक ओर शाखा जाना होता था और दूजी ओर रूस का कम्युनिस्ट साहित्य पढ़ा करता था मैं। दो विरोधी ध्रुवों पर एक साथ प्रवास होता था

खुदरा व्यवसायी या पूंजीपतियों के स्टोर्स-निर्णय आपका

          प्रवीण मैशेरी,रायपुर। देश आज कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है कोरोना संकट ने देश की अर्थव्यवस्था को जड़ से हिला दिया है लोगों का रोजगार संकट बहुत गहरा गया है निजी कम्पनियों से कर्मचारियों की

देश को चेतावनी

            मुद्दा MSP नहीं कॉरपोरेट शिकंजा हैं। प्रवीण मैशेरी,रायपुर।  तीसरा कृषि सुधार विधेयक से अनाज दाल  किराना आलू प्याज जैसी आवश्यक जीवन जरूरी वस्तुओं को सरकार ने “गैर जरूरी बता दिया” मतलब अब आप इसके

निवेदन: मेरी इस पोस्ट को वही पढ़े जिनको वास्तविकता जानने में रूचि हो जो असलियत जानना ही नहीं चाहते भ्रम पाल कर रखना चाहतें हैं कृपया पोस्ट न ही पढ़े ऊपरी तौर से पढ़ने से वास्तविकता समझ नहीं पड़ेगी अतः ध्यान लगाकर हर बात को समझते हए अंत तक पढ़ने से ही सच्चाई समझ आएगी।

            प्रवीण मैशेरी,रायपुर। केंद्र सरकार नया कृषी बिल लेकर आई वह बहुमत से पास भी हो गया जैसे ही बिल पास हुआ वैसे ही सोसियल मीडिया पर बधाइयां बरसने लगी लोग यह दावा करने लगे

वो यात्रा जो सफलता से अधिक संघर्ष बयाँ करती है।

डॉ नीलम महेंद्र। आज भारत विश्व में अपनी नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। वो भारत जो कल तक गाँधी का भारत था जिसकी पहचान उसकी सहनशीलता थी, आज मोदी का भारत है जो खुद पहल करता नहीं,

नया कृषि उपज कानून

प्रवीण मैशेरी,रायपुर। किसी ने ठीक से पढ़ा क्या ?या यूं ही किसान वोट की राजनीति के लिये किसानों के साथ ही धोखा करने उन्हें भड़का रहें हो?खैर राहुल ओर कोंग्रेस वामपंथियों समाजवादीओं से तो यही अपेक्षा थी कि वे बिना जानकारी

राजनीति को शर्मसार करती महाराष्ट्र की घटनाएं

            डॉ नीलम महेंद्र। महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। जिस प्रकार से बीएमसी ने अवैध बताते हुए नोटिस देने के 24 घंटो के भीतर ही एक अभिनेत्री के दफ्तर पर

महाराष्ट्र BJP-शिवसेना दोस्ती क्यों हुई खंडित

प्रवीण मैशेरी, रायपुर। शिवसेना-BJP की दोस्ती सबसे पुरानी थी जब तक हिंदूहृदय सम्राट बाला साहेब जीवित थे कोंग्रेस विरोधी रही शिवसेना जैसे ही अपरिपक्व उध्दव ठाकरे के हाथों चली गई संजय राऊत जैसे दूसरी पंक्ति के नेता के हाथों की

हिन्दी की राष्ट्रव्यापी स्वीकार्यता चाहिये।

              विजय कुमार जैन राघौगढ़ म.प्र.। सर्वविदित है 14 सितंबर 1949 को हिन्दी भारत की राजभाषा घोषित की गई थी। और राजकाज के लिये पन्द्रह वर्ष तक अंग्रेजी को संपर्क भाषा के रूप में

टक्कर वाले प्रांतों में 20 लाख हिंदू होंगे निर्णायक, ट्रंप ने बिडेन के मास्क पहनने के तरीके का उड़ाया मजाक

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में कांटे के मुकाबले वाले प्रांतों (स्विंग स्टेट्स) में 20 लाख हिंदू मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने समुदाय के साथी सदस्यों से कहा है