GST की चार कैटेगरी तय: 18% होगा सर्विस टैक्स, एक्सपर्ट बोले- बढ़ेगी महंगाई

नई दिल्ली. आखिरकार 15 दिन बाद जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) का रेट तय हो गया। इसकी चार कैटेगरी होंगी- 5%, 12%, 18% और 28%। जीएसटी काउंसिल ने गुरुवार की बैठक में यह फैसला किया। अरुण जेटली ने बताया कि महंगाई न बढ़े, इसलिए अनाज समेत जरूरी चीजें जीरो रेट के दायरे में रहेंगी। यानी टैक्स नहीं लगेगा। रिटेल इनफ्लेशन के बास्केट में करीब आधी चीजें यही हैं। सेक्रेटरीज तय करेंगे किस पर कितना टैक्स लगेगा…
– अभी सिर्फ टैक्स रेट तय हुआ है। अब सेक्रेटरीज की कमेटी तय करेगी कि किस सामान और सर्विसेज को किस टैक्स बैंड में रखें।
– रेवेन्यु सेक्रेटरी हंसमुख अधिया ने बताया कि सर्विस टैक्स 15% से बढ़कर 18% होगा। यानी लगभग हर सर्विस महंगी होगी।
– हालांकि, चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि नए टैक्स ढांचे से महंगाई कम होगी।
– जीएसटी के बाद भी दो सेस जारी रहेंगे; इनसे होने वाली इनकम से 5 साल तक राज्यों के नुकसान की भरपाई होगी।
आइए Q&A में जाने जीएसटी को…
सवाल: जीरो टैक्स से कितना फायदा होगा?
जवाब: यह इससे तय होगा कि इसमें कौन-सी चीजें शामिल हैं। अगर यह अनाज तक सीमित रहा तो खास फायदा नहीं होगा।
सवाल: एजुकेशन और हेल्थ पर कितना टैक्स देना होगा?
जवाब: यह सेक्रेटरीज की कमेटी तय करेगी। एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि एजुकेशन और स्वास्थ्य सर्विसेज पर 5% टैक्स लग सकता है।
सवाल: टैक्स स्लैब से राहत कहां और बोझ कहां?
जवाब: ज्यादातर सामान और सेवाओं पर 12% व 18% टैक्स लगेगा। सामान के मामले में राहत मिल सकती है, पर सर्विस टैक्स बढ़ने से सर्विस महंगी हो जाएंगी।
सवाल: 28% मैक्सिमम टैक्स का असर क्या?
जवाब: अभी एक्साइज ड्यूटी मैन्युफैक्चरिंग के अलग-अलग हिस्सों में लगती है। जीएसटी आखिरी स्टेज में लगेगा। यानी कैलकुलेशन ज्यादा मूल्य पर होगी। इससे कीमत बढ़ सकती है।
सवाल: क्या सेस जीएसटी के बाद भी जारी रहेगा?
जवाब: जेटली ने कहा कि मैक्सिमम टैक्स के दायरे में लग्जरी कार, तंबाकू, कोल्ड ड्रिंक्स जैसे डि-मेरिट गुड्स होंगे। इन पर सेस भी लगेगा। इस सेस और क्लीन एनर्जी सेस से एक फंड बनाया जाएगा। जीएसटी से जिन राज्यों की कमाई घटेगी उन्हें इसी फंड से भरपाई की जाएगी। 5 साल बाद यह सेस खत्म हो जाएगा।
सवाल: तो फिर यह सेस कितना लगेगा?
जवाब: यह सामान पर मौजूदा टैक्स रेट और 28% का अंतर होगा। मसलन, अभी तंबाकू पर 65% और कोल्ड ड्रिंक्स पर 40% टैक्स लगता है। तो तंबाकू पर सेस 37% और कोल्ड ड्रिंक्स पर 12% होगा।
सवाल: जीएसटी से राज्यों को कितना नुकसान?
जवाब: जेटली ने बताया कि पहले साल राज्यों का नुकसान पूरा करने के लिए 50,000 करोड़ रु. की जरूरत पड़ सकती है।
सवाल: जीएसटी एक जैसे टैक्स के लिए बना था, तो फिर टैक्स के चार स्लैब क्यों बनाए गए?
जवाब: एक्सपर्ट मान रहे हैं कि टैक्स के 4 स्लैब होने से जीएसटी का मकसद अधूरा रह जाएगा। दुनिया में जहां भी जीएसटी है वहां दो स्लैब ही हैं। इससे टैक्स अफसरों को भी अधिक दिक्कत होनेवाली है।
सवाल: अब आगे कितना काम बचा है?
जवाब: 11 लाख सर्विस टैक्स असेसी पर फैसला करना है कि ये किसके अंडर में आएंगे। कानून का मसौदे फाइनल हो रहा है, ताकि 16 नवंबर से शुरू हो रहे पार्लियामेंट सेशन में इसे रखा जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *