GST से कैसे रुकेगी मुनाफाखोरी?

नई दिल्ली.जीएसटी लागू होने के बाद मुनाफाखोरी रोकना मुश्किल हो सकता है। इसके लिए बनने वाली अथॉरिटी के पास न तो पेनल्टी लगाने का हक होगा और न ही वह खुद किसी कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर सकेगी। वैसे, जीएसटी में कई वस्तुओं पर टैक्स रेट अभी की तुलना में घटेंगे। कंपनियों और कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट भी मिलेगा। कानूनन उन्हें यह फायदा कस्टमर्स को देना है। जीएसटी काउंसिल ने अथॉरिटी से जुड़े प्रमुख नियम मंजूर कर लिए हैं।
सेबी, आरबीआई जैसे रेग्युलेटर्स के पास पेनल्टी लगाने का हक नहीं…
– एक अफसर के मुताबिक, अगर कंपनी या ट्रेडर के खिलाफ लागत में कमी का फायदा कस्टमर तक नहीं पहुंचाने की शिकायत आई तो काउंसिल की परमानेंट कमेटी उस पर गौर करेगी। कमेटी के कहने पर ही अथॉरिटी जांच करेगी। पेनल्टी या दूसरी कार्रवाई का फैसला कमेटी या काउंसिल ही लेगी। अभी टेलिकॉम रेग्युलेटर ट्राई को छोड़कर सेबी और आरबीआई जैसे बाकी सभी रेग्युलेटर्स के पास पेनल्टी लगाने का हक है। जीएसटी अथॉरिटी फुलटाइम बॉडी होगी। वह कंपनी के टॉप मैनेजमेंट को भी तलब कर सकती है, लेकिन इसके लिए कंपनी के खिलाफ ठोस सबूत चाहिए।
– सेंट्रल जीएसटी कानून के सेक्शन 171 में अथॉरिटी के गठन का प्रोविजन है। काउंसिल की 3 जून की मीटिंग के बाद फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने बताया था कि केंद्र और राज्य के अफसरों की एक कमेटी मुनाफाखोरी की शिकायतों पर गौर करेगी।
मुनाफाखोरी की हर शिकायत की जांच भी नहीं
– मुनाफाखोरी की शिकायत पर जीएसटी काउंसिल की परमानेंट कमेटी गौर करेगी। कमेटी ही फैसला लेगी कि कंपनी या ट्रेडर की जांच होनी चाहिए या नहीं।
– कमेटी के कहने पर ही अथॉरिटी किसी केस में जांच शुरू कर सकती है। अथॉरिटी अपनी जांच रिपोर्ट भी कमेटी को ही भेजेगी। इसके आधार पर पेनल्टी का फैसला कमेटी या काउंसिल ही लेगी।
– मुनाफाखोरी की हर शिकायत की जांच नहीं होगी। इसके लिए कम से कम रकम की एक सीमा तय की जाएगी।
12% टैक्स के साथ जरूरी दवाएं 2.3% तक महंगी होंगी
– जीएसटी में ज्यादातर जरूरी दवाओं के दाम 2.29% तक बढ़ सकते हैं। अभी इन पर करीब 9% टैक्स है। जीएसटी में इसे बढ़ाकर 12% किया गया है। जरूरी दवाओं की सरकारी सूची में हिपेरिन, वारफेरिन, डिल्टियाजेम, डायजिपाम, आइबूप्रोफेन, प्रोप्रानोलोल जैसी दवाएं शामिल हैं।
– काउंसिल की 11 जुलाई की बैठक में इन्सुलिन पर टैक्स 12% से घटाकर 5% करने का फैसला किया गया। इसलिए इसकी कीमत कम होगी। ड्रग प्राइस रेग्युलेटर एनपीपीए के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह ने कहा जीएसटी के कारण देश में दवाओं की उपलब्धता कम नहीं होगी।
अढिया बोले: अफवाहों पर ध्यान न दें, 1 जुलाई से ही लागू होगा जीएसटी
– रेवन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा- “जीएसटी 1 जुलाई से ही लागू होगा। इसकी तारीख आगे बढ़ाने की चर्चा अफवाह है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने भी एक बयान में कहा कि 1 जुलाई से इसे लागू करने की तैयारियां जोरों पर हैं। रविवार को काउंसिल की बैठक के बाद अरुण जेटली ने कहा था, “आप चाहे जब शुरू करें, हमेशा कुछ लोग ऐसे होंगे जो तैयार नहीं होंगे।”
रिटेलर्स का अंदाजा: 2 से 20% तक सस्ते हो जाएंगे कंज्यूमर प्रोडक्ट्स
– जीएसटी में कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 2% से 20% तक सस्ते हो सकते हैं। यह बात फ्यूचर ग्रुप के सीईओ किशोर बियानी ने कही।
– ट्रंट हाइपर सिटी के एमडी जमशेद दाबू ने भी कहा कि जुलाई से रिटेलर्स दाम कम करेंगे। नई लेबलिंग में 1-2 माह लग सकते हैं। 12 रिटेल कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को मुंबई में बैठक की। इसमें नई व्यवस्था के बाद कीमत और मार्जिन पर भी चर्चा हुई।

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