IRCTC scam case: लालू, राबड़ी देवी व तेजस्वी को बड़ी राहत, दिल्ली की कोर्ट ने दी रेगुलर बेल

टेंडर से जुड़े भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (IRCTC) घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने तीनों को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत दे दी है। इस मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

सोमवार को हुई सुनवाई में पटियाला हाउस कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के साथ पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव को भी नियमित जमानत मिल गई है। जमानत मिलने के बाद भी लालू प्रसाद यादव जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि चारा घोटाले के कई मामलों में सजा पाने के बाद वह जेल में हैं।

जानिए क्या है रेलवे टेंडर घोटाला मामला
वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल के रखरखाव आदि के लिए आईआरसीटीसी को स्थानांतरित किया था। सीबीआई के मुताबिक, नियम-कानून को ताक पर रखते हुए रेलवे का यह टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दे दिये गये थे।

आरोप के मुताबिक, टेंडर दिये जाने के बदले 25 फरवरी, 2005 को कोचर बंधुओं ने पटना के बेली रोड स्थित तीन एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड को बेच दी, जबकि बाजार में उसकी कीमत ज्यादा थी।

जानकारी के मुताबिक, इस जमीन को कृषि जमीन बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेच कर स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी की गयी थी और बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी संपत्ति लालू प्रसाद की पारिवारिक कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपये में ही दे दी गयी, जबकि उस समय बाजार में इसकी कीमत करीब 94 करोड़ रुपये थी।

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