ISIS से लौटी पहली ब्रिटिश महिला दोषी करार, 14 महीने के बच्चे को ले गई थी साथ

बर्मिंघम। 14 महीने के बच्चे समेत सीरिया जाने वाली ब्रिटिश महिला को आईएसआईएस में शामिल होने का दोषी पाया गया है। बर्मिंघम की 26 वर्षीय तरीना शकील आतंकियों के गढ़ से लौटने वाली पहली ब्रिटिश महिला है। दो हफ्तों के कोर्ट ट्रायल में उसे टेरेरिज्म एक्टिविटीज को बढ़ावा देने का भी दोषी पाया गया है। हालांकि, उसने इन चार्जेस से इनकार किया है। सोमवार को उसे सजा सुनाई जाएगी।
क्या है मामला
– तरीना अक्टूबर 2014 में सीरिया के लिए निकली थी। हालांकि, उसने अपने पति को बताया था कि वो तुर्की में ‘बीच हॉलिडे’ मनाने जा रही है।
– लेकिन, वो आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए इस्लामिक स्टेट की राजधानी रक्का चली गई।
– जांच में उसके फोन में कई तस्वीरें रिकवर की गईं, जिन्हें डिलीट कर दिया गया था। एक तस्वीर में वो बुर्का पहने और एके-47 असॉल्ट राइफल के साथ दिख रही है।
– वो रक्का में दो महीने तक अलग-अलग देशों की लड़कियों के साथ एक घर में रही। यहां से आईएसआईएस लड़ाकें अपनी पसंद की लड़कियां ले जाते थे।
– शकील का कहना है कि शादी के बाद वो मानसिक तौर पर परेशान थी। इसी दौरान आईएसआईएस रिक्रूटर्स का उससे कॉन्टेक्ट बना और वो सीरिया चली गई।
– ‘जिहादी ब्राइड’ बनने से इनकार करने बाद वो आतंकियों के गढ़ से भाग निकली।
– पिछले साल जनवरी में ब्रिटेन लौटते हुए हीथ्रो एयरपोर्ट पर वेस्ट मिडलैंड काउंटर टेरेरिज्म यूनिट ने इंटेलिजेंस एजेंसी एमआई5 की मदद से उसे अरेस्ट कर लिया।
– जांच में सामने आया कि सीरिया जाने से पहले 2014 में उसने टि्वटर पर आईएस को प्रमोट भी किया था।
– सोशल मीडिया अकाउंट पर उसने कई तस्वीरों के साथ पोस्ट किया था कि वो शहीद होना चाहती है।