J&K की पहली महिला सीएम बनीं महबूबा, कांग्रेस ने क्यों किया बायकॉट?

श्रीनगर.महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर की पहली महिला सीएम बन गई हैं। राज्यपाल एनएन वोहरा उन्हें 13th सीएम के तौर पर शपथ दिलवाई। पीडीपी-बीजेपी की इस सरकार में 22 एमएलए ने शपथ ली। बीजेपी विधायक दल के नेता डॉ. निर्मल सिंह डिप्टी सीएम बने। नरेंद्र मोदी ने भी महबूबा को बधाई दी है। कांग्रेस ने इस गठबंधन को ‘अपवित्र’ बताते हुए इसका बायकॉट किया।
सेंट्रल मिनिस्टर वेंकैया नायडू और जितेंद्र सिंह चीफ गेस्ट…
 – राजभवन में 11 बजे समारोह शुरू हुआ।
– शपथ समारोह में बीजेपी की ओर से सेंट्रल मिनिस्टर वेंकैया नायडू और जितेंद्र सिंह चीफ गेस्ट हैं।
– पीडीपी के मिनिस्टर की टीम वही है, जबकि बीजेपी ने एक बदलाव किया है।
– बीजेपी-पीडीपी की इस सरकार में 16 कैबिनेट और 8 राज्यमंत्री हैं।
– बीजेपी ने निर्दलीय पवन गुप्ता की जगह पार्टी के ही एमएलए को कैबिनेट में जगह दी है। इसके अलावा, तीन मंत्रियों के बदले जाने के कयास लगाए जा रहे हैं।
– बाद में मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।
– बता दें कि 7 जनवरी को पूर्व सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में गवर्नर रूल लगा दिया गया था।
कांग्रेस ने क्यों किया बायकॉट
– प्रदेश में पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन रविंदर शर्मा के मुताबिक, “हमने महबूबा मुफ्ती के शपथ ग्रहण समारोह से दूर रहने का फैसला किया है। पीडीपी-बीजेपी गठबंधन पहले भी सही नहीं था। एक बार फिर से गलत तरीके से दोनों पार्टियों ने गलत तरीके से गठबंधन किया है।”
– “बीजेपी-पीडीपी ने जम्मू-कश्मीर की जनता के वोट का सम्मान नहीं किया। दोनों ने एक-दूसरे की आइडियोलॉजी के खिलाफ चुनाव लड़ा और बाद में सत्ता के लिए हाथ मिला लिया।”
टॉप 20 महिलाओं को न्योता
– ओथ सेरेमनी में 600 लोगों को इनविटेशन दिया गया है। इनमें शीर्ष पदों पर बैठीं 20 महिलाओं को भी बुलाया गया है।
– कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी, तमिलनाडु की सीएम जे. जयललिता, प.बंगाल से ममता बनर्जी समेत सभी महिला मुख्यमंत्रियों को न्योता दिया गया है।
किन-किन ने ली शपथ?
पीडीपी एमएलए
– अब्दुल हक खान
– गुलाम नबी लोन
– सैयद बशारत अहमद बुखारी (कोशुर भाषा में ली शपथ)
– हसीब द्राबू
– सैयद नईम अख्तर अंद्राबी
– असिया नकाश
बीजेपी नेता
 – निर्मल सिंह
– बाली भगत
– चौधरी लाल सिंह (डोगरी भाषा में ली शपथ)
– अब्दुल गनी कोहली
– सुनील कुमार शर्मा
– प्रिया सेठी
 – पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन
– शेरिंग दोरजी
कैसे हुई बीजेपी-पीडीपी की डील?
– सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने कैबिनेट के इक्वल डिस्ट्रीब्यूशन की अपनी डिमांड छोड़ दी है।
– ऐसा कहा जा रहा है कि बीजेपी ने कुछ ज्यादा कैबिनेट बर्थ का पीडीपी का ऑफर मान लिया है।
– सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियों के बीच मंत्रालयों का बंटवारा पुराने फॉर्मूले के आधार पर होगा।
इससे पहले 10 महीने थी गठबंधन सरकार
– जम्मू-कश्मीर में बीजेपी और पीडीपी की गठबंधन सरकार मार्च 2015 से जनवरी 2016 तक रही।
– 7 जनवरी को सीएम मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद दोनों दलों के बीच दूरियां बढ़ गईं।
– लिहाजा, सरकार गठन को लेकर असमंजस के हालात बन गए।
– 9 जनवरी से स्टेट में गवर्नर रूल लागू है।
महबूबा का ऐसा रहा है पॉलिटिकल करियर
– 56 साल की महबूबा ने 1996 में कांग्रेस ज्वाइन की और मेन स्ट्रीम पॉलिटिक्स में आईं।
– पीडीपी को जमीनी स्तर पर पॉपुलैरिटी दिलाने में उनका बड़ा रोल रहा।
– दो बच्चों की मां महबूबा ने अपना पहला विधानसभा चुनाव बतौर कांग्रेस कैंडिडेट बिजबेहरा से जीता था।
– 1998 में मुफ्ती मोहम्मद सईद को बतौर कांग्रेस कैंडिडेट लोकसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनका बड़ा रोल रहा।
– 1999 में उन्होंने और सईद ने कांग्रेस छोड़कर पीडीपी बनाई।
– 2002 के विधानसभा चुनाव में महबूबा ने ही जमकर कैम्पेन चलाया और पीडीपी को 16 सीटें दिलाईं।
– कांग्रेस के सपोर्ट से सईद सीएम बने।
– 2004 में महबूबा पहली बार सांसद बनीं।
– अमरनाथ यात्रा के लिए जमीन दिए जाने के विरोध में पीडीपी ने कांग्रेस से समर्थन वापस ले लिया।
– 2008 के चुनाव में महबूबा शोपियां की वाची सीट से विधायक बनीं। पीडीपी के इस बार 21 विधायक चुनकर आए।
– वे अभी अनंतनाग से सांसद हैं।