MP में दो ट्रेन हादसे, 28 मरे, रेल राज्यमंत्री बोले- यह प्राकृतिक आपदा, हम बेबस

होशंगाबाद/भोपाल। मध्य प्रदेश के हरदा के करीब मंगलवार रात एक ही जगह पर कुछ वक्त के अंतराल में दो बड़े ट्रेन हादसे हुए। इटारसी-मुंबई रेलवे ट्रैक पर दो ट्रेनें पटरी से उतर गईं। मुंबई-वाराणसी कामायनी एक्सप्रेस के 6 डिब्बे, जबकि पटना से मुंबई जा रही जनता एक्सप्रेस के 4 डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए। इस हादसे में अभी तक 28 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। इनमें से 11 शव जनता एक्सप्रेस की एक ही बोगी से निकाले गए। सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। मौके पर एनडीआरएफ और सुरक्षाकर्मी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। रेस्क्यू टीम ने अब तक 300 लोगों को बचाया है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है। इसके आगे हम सभी बेबस हैं। > यूपीए सरकार में रेल मंत्री रह चुके मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि रेलवे को बारिश, जाड़े या बाढ़ के हालात से निपटने की तैयारी रखनी चाहिए। रेल मंत्रालय ने दूरदर्शिता क्यों नहीं दिखाई?
……………………………………
> मरने वालों की तादाद 28 पहुंची। रेल राज्यमंत्री के मुताबिक, हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं।
……………………………………
> सभी घायलों को घटनास्थल से हटाया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा, कोई छूट न जाए, इसलिए मौके पर आखिरी बार किया जा रहा सर्च।
……………………………………
>गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ट्वीट करके हादसे में मारे गए लोगों के लिए संवेदनाएं जाहिर की।
……………………………………
> मरने वालों में 11 महिलाएं, 11 पुरुष और पांच बच्चे। कुल 27 की अभी तक मौत।
……………………………………
> रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है। इसके आगे हम सभी बेबस हैं।
……………………………………
> रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कहा, ”कुछ देर पहले भी गुजरी थी ट्रेन। सब कुछ नॉर्मल था। ऐसा लगता है कि अचानक से आई बाढ़ की वजह से ट्रैक डिस्टर्ब हुए और डिरेलमेंट हो गया।”
……………………………………
> हादसे में मारे गए लोगों के घरवालों को 2 लाख, जबकि घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे का एलान।
……………………………………
>कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने रेलमंत्री सुरेश प्रभु के इस्तीफे की मांग की। दिग्विजय ने टि्वटर पर लिखा, ”ये क्या हो रहा है मिस्टर प्रभु, हम तो आपको एक अच्छे मंत्री के रूप में जान रहे थे। क्या मैं आपको याद दिला सकता हूं कि लाल बहादुर शास्त्री ने एक ट्रेन एक्सीडेंट के बाद अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।”
……………………………………
>इटारसी में रेल यात्रियों के फर्स्ट एड की व्यवस्था। कामायानी एक्सप्रेस रवाना, जनता एक्सप्रेस को डाइवर्टेड रूट से रवाना करने की कोशिश।
……………………………………
>रेलमंत्री ने किया मुआवजे का एलान, कमिश्नर (रेलवे सेफ्टी) से हादसे की जांच कराने का आदेश।
……………………………………
>पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके हर संभव मदद करने की बात कही।
……………………………………
>हादसे के कारण इटारसी रूट की 4 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 22 ट्रेनों के रूट बदले गए हैं।
……………………………………..
हेल्पलाइन नंबर: हरदा- 09752460088, वाराणसी- 05422504221 और 9794845312, भोपाल- 0755-4061609, इटारसी-07572241920, बीना-07580222052, मुंबई सीएसटी-022-22694040, मुंबई एलटीटी-022-25280005, ठाणे- 022-25334840, कल्याण- 0251-2311499, पटना-83288 & 06122206967.
रेल मंत्री ने एमपी के सीएम की बात
खिरकिया के भिरंगी और मसनगांव के बीच 668/10 पुलिया पर ट्रैक के नीचे की मिट्टी बह जाने की सूचना इटारसी स्टेशन पर मिलने के बाद रात 12 बजे मेडिकल यान रवाना हुआ। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने देर रात मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान से बात की। दोनों ने रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में बातचीत की। प्रभु ने रात 1.45 बजे ट्वीट कर बताया कि हरदा के पास माचक नदी के पुल पर हुई रेल दुर्घटना में मध्य प्रदेश सरकार का सहयोग लिया जा रहा है।
होशंगाबाद में अस्पताल में अलर्ट
हादसे की जानकारी मिलने के बाद होशंगाबाद अस्पताल प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया। कलेक्टर संकेत भोंडवे ने बताया कि इटारसी रेल प्रशासन से कुछ लोगों के घायल होने की सूचना मिली। इसलिए सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया है।
पहले भी कई बड़े हादसे
23 मई 2015 : असम के कोकराझार में चंपावती नदी में सिफुंग पैसेंजर के डिब्बे गिरे। करीब 38 लोग घायल।
29 जून 2005 : सिकंदराबाद पैसेंजर के कई डिब्बे आंध्र प्रदेश के नलगोंडा जिले में मूसी नदी में गिरे। 100 लोगों की मौत।
22 जून 2001 : मंगलोर-चेन्नई मेल के चार डिब्बे कडालुंडी नदी में गिरे। 57 यात्रियों की मौत।
14 सितंबर 1997 : बिलासपुर (अब छत्तीसगढ़) के पास अहमदबाद-हावड़ा एक्सप्रेस के कई डिब्बे नदी में गिरे। 81 यात्रियों की मौत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *