NSG के लिए US का भारत को सपोर्ट, तिलमिलाए पाक ने किया 3 देशों को फोन

इस्लामाबाद.न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (NSG) की मेंबरशिप के लिए US का भारत को सपोर्ट मिलने से पाकिस्तान तिलमिला गया है। आनन-फानन में पाक फॉरेन मिनिस्ट्री ने मेंबरशिप पर सपोर्ट के लिए NSG देशों के डिप्लोमैटिक मिशन को अपनी बात समझाने के लिए बुलाया। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में इन देशों से कहा कि भारत को NSG मेंबरशिप मिलना साउथ एशिया की स्ट्रैटजिक स्टैबिलिटी पर नेगेटिव असर डालेगा। इस बीच, पाकिस्तान पीएम के विदेशी मामलों के एडवाइजर सरताज अजीज ने 3 देशों के फॉरेन मिनिस्टर से बात कर एनएसजी मेंबरशिप के मुद्दे पर सपोर्ट की बात कही।
इन देशों में अजीज ने लगाया फोन…
– अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको के सपोर्ट के बाद माना जा रहा है कि भारत एनएसजी मेंबरशिप हासिल कर लेगा।
– पाक अखबार ‘द डॉन’ की खबर के मुताबिक, अजीज ने रूस, न्यूजीलैंड और साउथ कोरिया के फॉरेन मिनिस्टर से फोन पर बात की।
– अजीज ने तीनों देशों के विदेश मंत्रियों से एनएसजी मेंबरशिप के मुद्दे पर पाकिस्तान का सपोर्ट करने की बात कही।
– पाकिस्तान फॉरेन डिपार्टमेंट के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, “अजीज की तीन देशों से बातचीत को पाकिस्तान का डिप्लोमैटिक एफर्ट माना जा सकता है।”
– स्पोक्सपर्सन ने ये भी कहा, “अजीज ने मेंबरशिप के लिए पाकिस्तान के मजबूत दावे का जिक्र किया।”
पाक ने मीटिंग में क्या कहा?
– एनएसजी देशों के साथ ब्रीफिंग सेशन में पाक फॉरेन ऑफिस में यूएन डेस्क की हेड तस्नीम असलम ने कहा, “हमारे पास एक्सपर्टाइज के अलावा, मैन पावर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और एनएसजी मानकों के तहत कंट्रोल्ड एटॉमिक आइटम और सर्विस देने की क्षमता है।”
– “इतना ही नहीं, पाकिस्तान के पास शांति कार्यों के लिए पर्याप्त न्यूक्लियर सामान मौजूद है।”
– तस्नीम ने कहा, “मैं ब्रीफिंग में आए सभी डिप्लोमैट्स से अपील करती हूं कि वे एनएसजी मेंबरशिप के मुद्दे पर नॉन-एनपीटी मुल्कों का सपोर्ट करने के लिए भेदभाव न करें।”
चीन कर रहा लगातार विरोध
– बता दें कि चीन की आड़ लेकर पाकिस्तान भारत की एनएसजी में एंट्री का विरोध कर रहा है।
– पाक और चीन का तर्क है कि बिना नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (परमाणु अप्रसार संधि-NPT) पर साइन किए बिना भारत कैसे एनएसजी की मेंबरशिप हासिल कर सकता है?
– अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी हाल ही अपने एडिटोरियल में लिखा था, “भारत तब तक एनएसजी मेंबरशिप पाने का हकदार नहीं होगा, जब तक वह सभी मानकों पर खरा नहीं उतर जाता।”
चीन के सपोर्ट के बिना मिल सकती है एनएसजी मेंबरशिप
– 5 देशों के तूफानी दौरे के अंतिम पड़ाव पर मोदी मेक्सिको पहुंच चुके हैं।
– माना जा रहा है कि अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मेक्सिको के सपोर्ट के बाद भारत को एनएसजी की मेंबरशिप मिल सकती है।
– वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका के ज्वाइंट स्टेटमेंट मुताबिक, “दोनों लीडर भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) में एंट्री को बेहतरी के रूप में देखते हैं। प्रेसिडेंट ओबामा एनएसजी मेंबरशिप को लेकर भारत की एप्लिकेशन का वेलकम करते हैं।”
– “अमेरिका इस बात को दोबारा कन्फर्म करता है कि भारत मेंबरशिप के लिए तैयार है। हम दूसरे देशों से भी अपील करते है कि इस महीने होने वाली NSG प्लेनरी की मीटिंग में वे भारत को सपोर्ट करें।”
– बता दें कि चीन एनएसजी में भारत की एंट्री का विरोध कर रहा था।
– 34 देशों वाले MTCR में एंट्री के साथ भारत अमेरिका से ड्रोन जैसी टेक्नोलॉजी ले सकेगा।
– MTCR दुनिया भर में मिसाइल और स्पेस रिलेटेड टेक्नोलॉजी के ट्रांसफर पर कंट्रोल रखती है।
– बता दें कि इस ग्रुप में भी चीन शामिल नहीं है।
कार ड्राइव कर मोदी को खाना खिलाने ले गए मैक्सिकन प्रेसिडेंट
– चार देशों का दौरा पूरा करने के बाद नरेंद्र मोदी गुरुवार को मेक्सिको पहुंचे।
– मोदी के पहुंचने से पहले इंडियन कम्युनिटी के लोग एयरपोर्ट के बाहर जमा थे। उन्होंने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
– अमेरिका, स्विट्जरलैंड के बाद मोदी को मेक्सिको में भी कामयाबी मिली। प्रेसिडेंट एनरिक पेना नीटो ने कहा कि हम एनएसजी में भारत की दावेदारी का सपोर्ट करते हैं।
– दोनों देशों के बीच सिक्युरिटी, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और सोलर एनर्जी सेक्टर में एग्रीमेंट हुए।
– बाद में दोनों नेता डिनर के लिए निकले। प्रेसिडेंट एनरिक पेना नीटो खुद कार ड्राइव करके मोदी को रेस्टोरेंट ले गए। जहां दोनों ने डिनर किया।