PAK को 8 F-16 फाइटर जेट बेचेगा US: भारत को एतराज, अमेरिकी एंबेसेडर तलब

वॉशिंगटन/नई दिल्ली. अमेरिकी डिफेंस हेडक्वार्टर्स पेंटागन ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 फाइटर जेट बेचने की डील पर मुहर लगा दी है। 70 करोड़ डॉलर की इस डील के तहत पाकिस्तान को लॉकहीड मार्टिन ग्रुप के बनाए इन प्लेन के अलावा राडार और बाकी इक्विपमेंट्स भी मिलेंगे। ये प्लेन हर तरह के मौसम में हमला करने की काबिलियत रखते हैं। ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के इस फैसले के बाद भारत ने दिल्ली में मौजूद अमेरिकी एंबेसेडर को तलब किया है। भारत ने कहा- पाकिस्तान का रिकॉर्ड खराब…
– विदेश मंत्रालय ने कहा- पाकिस्तान का रिकॉर्ड बताता है कि वह हथियार बेचे जाने लायक देश नहीं है। हम ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन के फैसले से निराश हैं।
– उधर, अमेरिका से दूसरे देशों को हथियार बेचने का काम देखने वाली पेंटागन की डिफेंस सिक्युरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने इस डील को मंजूरी दे दी है।
– एजेंसी ने कहा- हम ये फाइटर जेट्स इसलिए दे रहे हैं ताकि पाकिस्तान की खुद की हिफाजत करने की ताकत बढ़े। वह काउंटर टेररिज्म ऑपरेशंस को भी मजबूती से अंजाम दे सके।
एक सीनेटर को एतराज- इसलिए है भारत को अब भी इस डील के रुकने की उम्मीद
– दरअसल, पेंटागन से डील पर मुहर लगने के बाद अमेरिकी सांसदों के पास 30 दिन का वक्त होगा। इस दौरान वे पाकिस्तान को फाइटर्स बेचने के कदम पर रोक लगा सकते हैं।
– अगर अमेरिकी सांसदों ने ऐसा नहीं किया तो ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से नोटिफिकेशन जारी होगा और डील पर काम शुरू हो जाएगा।
– सीनेट की फॉरेन रिलेशंस कमेटी के चेयरमैन सीनेटर बॉब कोर्कर ने ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन से पहले कहा था कि वे पाकिस्तान को जेट्स बेचने के लिए अमेरिकी फंड का इस्तेमाल नहीं होने देंगे। पाकिस्तान अगर फाइटर्स चाहता है तो वह खुद के बूते खरीदे। अमेरिका इस डील की 46% कॉस्ट नहीं उठाएगा।
– बता दें कि पाकिस्तान के पास 8 एफ-16 में से चार फाइटर्स और राडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम खरीदने लायक भी फंड्स नहीं हैं।
– सीनेटर कोर्कर ने अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन कैरी को लेटर लिखकर कहा था कि पाकिस्तान के रिश्ते हक्कानी नेटवर्क से हैं। इस वजह से पाकिस्तान को कोई हथियार नहीं बेचा जाना चाहिए।