PAK जेल में एक और भारतीय कैदी की मौत, सरबजीत की बहन ने बताया ‘मर्डर’

लाहौर. पाकिस्तानी जेल में 23 सालों से मौत की सजा का इंतजार कर रहे भारतीय कैदी कृपाल सिंह की सोमवार हार्ट अटैक से मौत हो गई। 55 साल के कृपाल को पाक सिक्युरिटी एजेंसी ने 1991 में अरेस्ट किया था। उस पर जासूसी और 1990 में फैसलाबाद रेलवे स्टेशन पर ब्लास्ट करने के आरोप लगे थे। वहीं, सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कृपाल की मौत को मर्डर बताया है।
1993 में मिली थी मौत की सजा…
– जेल अफसरों के मुताबिक, कृपाल सोमवार सुबह अपनी सेल में डेड मिला था। उसके बाद उसे जिन्ना हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
– कृपाल को मर्डर और प्रॉपर्टी डिस्ट्रॉय करने का दोषी माना गया था। 1993 को एंटी टेररिस्ट कोर्ट ने उसे मौत की सजाई।
– इसके बाद से वह लाहौर की कोट लखपत जेल में मौत की सजा का इंतजार कर रहा था।
– ये वही जेल है, जहां सरबजीत सिंह सजा काट रहा था।
सरबजीत सिंह ने बताया मर्डर
– उधर, सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कृपाल की मौत को मर्डर बताया है। उन्होंने कहा कि उसकी हत्या की गई है।
– दलबीर ने कहा, “कृपाल सिंह की हत्या हुई है। मौत नहीं। उसके साथ भी वैसा ही हुआ है, जैसा सरबजीत सिंह के साथ हुआ था।”
– उन्होंने भारत सरकार से हाईलेवल इनक्वायरी करने और मामले में एक कमेटी बनाकर पाकिस्तान भेजने की मांग की है।
– बता दें कि 2013 में सरबजीत की मौत भी कोट लखपत जेल में हुई थी। उस पर अन्य कैदियों ने हमलाकर बुरी तरह पीटा था।
– वहीं, कृपाल के भाई ने भारत सरकार ने उसकी डेड बॉडी दिलवाने की मांग की है।
लैटर्स में लिखा था पाक जेलों का हाल
– रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल फैमिली को कृपाल सिंह की ओर से दो लैटर्स मिले थे। ये उर्दू में लिखे थे।
– इससे पहले भी कृपाल सिंह अपने लैटर्स में पाकिस्तानी जेल का बुरा हाल और अन्य कैदियों की जानकारी देता रहा था।