PAK ने देख लिया कि भारत की सेना में कितना दम है, सर्जिकल स्ट्राइक कर हमने अपनी ताकत बताई

बठिंडा. नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर पाकिस्तान को ललकारा है। यहां शुक्रवार को एक प्रोग्राम में पहुंचे मोदी ने कहा, ”पाकिस्तान यहां से दूर नहीं है। सीमा पर रहने वाले, सीमा पार से होने वाले जुल्म सहते रहते हैं। अब पाकिस्तान ने देख लिया है कि भारत की सेना में दम कितना है, हमारे फौजियों की ताकत कितनी है, ये परिचय हमने करवा दिया है।” इससे पहले मोदी ने यहां एम्स की नींव रखी। मोदी ने और क्या कहा…
– मोदी ने कहा, ”भाइयो-बहनो! हमारी सेना की ताकत देखिए।”
– ”250 किमी लंबे पट्टे पर जब हमारे सेना के बहादुर जवानों ने सर्जिकल स्ट्राइक किया, सीमा पार बड़ा हड़कंप मच गया। अभी भी उनका मामला ठिकाने नहीं लग रहा। लेकिन मैं पाकिस्तान के आज पड़ोस में खड़ा हूं, सीमा पर खड़ा हूं, तब पाकिस्तान के आवाम से सीधी बात करना चाहता हूं।”
– ”उन्हें कहना चाहता हूं कि ये हिंदुस्तान है। जब पेशावर में बच्चों को मार दिया जाता है तो यहां के सवा सौ करोड़ देशवासियों की आंखों में आंसू होते हैं।”
– पाकिस्तान के लोग अपने हुक्मरान से जवाब मांगें। लड़ना है ताे भ्रष्टाचार से लड़ो, कालेधन के खिलाफ लड़ो।”
– ”लड़ना है तो गरीबी के खिलाफ लड़ो। भारत के साथ लड़कर खुद को भी तबाह कर रहे हो और बेकसूरों की मौत के गुनहगहार भी बन रहे हो। पाकिस्तान की अावाम भी गरीबी से मुक्ति चाहती है।”
सिंधु जल समझौते पर क्या कहा?
पीएम ने कहा,” इंडस वॉटर ट्रीटी, सतलुज-ब्यास-रवि। इन तीन नदियों का पानी, उसमें जो हिंदुस्तान के हक का पानी है, वह मेरे किसान भाइयों के हक का पानी है। वह आपके खेत में नहीं आ रहा।”
– ”पाकिस्तान के जरिए समंदर में बह जा रहा है। न पाकिस्तान उसे इस्तेमाल करता है, न हमारे किसानों के नसीब में आता है।”
– ”मैंने टास्क फोर्स बनाया है। इंडस वॉटर ट्रीटी, जिसमें हिंदुस्तान के हक का पानी जाे पाकिस्तान में बह जाता है, उस बूंद-बूंद पानी को रोककर पंजाब के किसानों के लिए लाने के लिए मैं कृत-संकल्पित हूं।”
– ”हमारे हक का भी इस्तेमाल न करें और मेरा किसान पानी के लिए तरसता रहे? आपके खेतों को पानी से लबालब करने का इरादा करके मैं चल रहा हूं।”
किसान को पराली नहीं जलाने की दी सलाह
– मोदी ने कहा, ” मैं आज किसानों से बात आग्रह से करना चाहता हूं। कोई ये कह सकता है कि मोदी को राजनीति आती नहीं है क्योंकि किसानों को वह ऐसी सलाह देता है। मेरे किसान भाइयो-बहनो! मुझे चुनाव के गणित से कोई लेना-देना नहीं है। मुझे तो मेरे किसान का भला हो, यही मेरा हिसाब-किताब है।”
– ”आप मुझे बताइए कि आज से पहले हमें ज्ञान नहीं था तो फसल कटने के बाद बचा हिस्सा जला देते थे। अब विज्ञान ने सिद्ध कर दिया है कि जिस खेत में जो फसल होती है उसके बाद जो वेस्टेज बचता है, वह उस खेत की धरती की उत्तम खुराक होती है।”
– ”उसी को मशीन में घुमाकर खेतों में डाल दें तो मिट्टी को खुराक मिल जाती है। पराली उसके पेट में डाल दोगे तो धरती मां आपको आशीर्वाद देगी।”
– ”इसलिए इसे जलाओ मत, ये आपकी संपत्ति है। अरबों-खरबों की संपत्ति है। मैं सिर्फ पर्यावरण की बात नहीं कर रहा, किसान की भलाई की बात कर रहा हूं।”
– ”इसमें से इथेनॉल बनने की संभावना साफ नजर आ रही है। भारत सरकार तेजी से काम कर रही है। आने वाले दिनों में किसानों काे उनका लाभ मिलेगा और पराली से भी पैसा आएगा। आज से संकल्प करो कि हमारी धरती माता के हक का खाना हम जलाएंगे नहीं, जमीन में गाड़ देंगे।”