PAK: 12 घंटे की घेराबंदी के बाद पकड़ा गया अजहर, रिश्तेदार के घर में छिपा था

इस्लामाबाद. पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर अरेस्ट हो चुका है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने दो दिन पहले इस्लामाबाद में सुबह तीन बजे से लेकर रात तीन बजे तक घेराबंदी के बाद उसे पकड़ा। अजहर वही आतंकी है, जिसे 16 साल पहले प्लेन हाइजैकिंग के बाद कंधार में छोड़ा गया था।

1. कहां पकड़ा गया?
– पाकिस्तानी अफसरों ने 11 जनवरी को इस्लामाबाद के सेक्टर- G 10/4 में छापा मारा था। यह घर अजहर के ब्रदर-इन-लॉ अशफाक अहमद का है।
– पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अजहर इसी घर में छिपा हुआ था। उसे पता था कि एजेंसियां उसे पेशावर, बहावलपुर और लाहौर में खोज रही हैं। इसलिए वह इस्लामाबाद में जा छिपा।
2. कैसे मारी गई रेड, किसने की पहचान?
– बताया जा रहा है कि पेशावर से मिले इनपुट के आधार पर रेड मारी गई।
– अजहर की पहचान के लिए उसकी फैमिली के कुछ लोगों को साथ लिया गया था।
3. अभी कहां है अजहर?
– पाकिस्तानी अखबार द न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक अजहर को किसी सीक्रेट लोकेशन पर ले जाया गया है।
– उससे पाकिस्तानी एजेंसियों के अफसर पूछताछ कर रहे हैं।
– पाकिस्तानी मीडिया का एक हिस्सा इसे प्रोएक्टिव कस्टडी भी बता रहा है।
4. एयरबेस हमले में क्या है अजहर का रोल?
– एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों ने पाकिस्तान के बहावलपुर में सैटेलाइट फोन के जरिए बातचीत की थी।
– एयरबेस अटैक के टेररिस्ट ने जिन नंबरों से बात की थी, वे पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं।
– यह भी खुफिया जानकारी मिली थी कि पिछले दिनों अजहर ने फोन के जरिए एक बड़ी रैली को एड्रेस किया था जिसमें उसने भारत के खिलाफ फिर से जिहाद शुरू करने का एलान किया था।
5. पाकिस्तान में कहां से ऑपरेट करता है अजहर?
– अजहर का अड्डा फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब प्रोविंस का बहावलपुर था। वह यहीं जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों को ट्रेनिंग देता है।
– 2014 में इंडियन इंटेलिजेंस अफसरों ने अलर्ट जारी किया था कि अजहर फिर से प्लेन हाईजैक की साजिश रच रहा है।
– इस दौरान लाखों पैसेंजर्स के लिए ट्रैवलिंग का जरिया दिल्ली मेट्रो को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया था।
6. क्या अजहर पर केस चलाएगा पाकिस्तान?
– ज्यादा उम्मीद नहीं क्योंकि मुंबई हमलों के बाद इंटरनेशनल प्रेशर के चलते पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जकीउर रहमान लखवी को तो पकड़ा था। लेकिन उस पर आज तक मजबूत केस ही नहीं चल पाया।
– मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज मोहम्मद सईद को भी पाकिस्तानी एजेंसियां ज्यादा दिन जेल में नहीं रख पाईं।
– 26/11 के केस में पाकिस्तान में बनी स्पेशल कोर्ट में जज बार-बार बदलते रहे। सुनवाई कई बार टलती रही।
7. जिस कमिटी में आईएसआई और पाक मिलिट्री के अफसर, क्या वह कर पाएगी जांच?
– नवाज शरीफ ने एक जांच कमिटी बनाई है जो पठानकोट हमले को लेकर सबूतों और आरोपों की जांच करेगी।
– कमेटी में टॉप सिविल और मिलिट्री सिक्युरिटी अफसर, जैसे काउन्टर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के आईजी, एडिशनल आईजी (सीटीडी), खैबर पख्तूनवा, आईबी के डायरेक्टर, फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) के डायरेक्टर, आईएसआई से बिग्रेडियर नोमान सईद और मिलिट्री इंटिलेजेंस से ले. कर्नल इरफान मिर्जा हैं।
– इस कमेटी से कार्रवाई की ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। क्योंकि आईएसआई भारत के खिलाफ आतंकियों की मदद करती रही है।
– पाक मिलिट्री के भी कुछ अफसरों पर आतंकियों की मदद के आरोप लगते रहे हैं।
– अफगानिस्तान में इंडियन मिशंस पर बीते 10 दिनों में हुए तीन हमलों में पाकिस्तानी मिलिट्री के अफसरों का हाथ माना जा रहा है।
8. क्या था कंधार हाईजैक केस और भारत ने कितने आतंकी छोड़े थे?
– 24 दिसंबर, 1999 को पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने 178 पैसेंजरों के साथ इंडियन एयरलाइन्स के आईसी-814 प्लेन को काठमांडू से हाईजैक किया था।
– प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया था।
– दुबई में कुछ पैसेंजरों को छोड़ दिया गया।
– 25 साल के भारतीय नागरिक रूपिन कत्याल की लाश को आतंकियों ने प्लेन से बाहर फेंक दिया था।
– आतंकियों ने भारत सरकार से 178 पैसेंजरों को छोड़ने के बदले तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया।
– उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया।
– भारत की जेलों में बंद आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को कंधार ले जाया गया था।
– इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था।
9. रिहाई के बाद अजहर ने क्या किया?
– रिहाई के बाद अजहर तालिबान की मदद से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान पहुंचा। उसने कश्मीर में इंडियन फोर्स से लड़ने के लिए जैश-ए-मोहम्मद बनाया।
– यह भी आरोप लगता रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश के आकाओं की मदद करती है।
– 2001 में पार्लियामेंट में हुए आतंकी हमले में अजहर प्राइम सस्पेक्ट था।
– उस वक्त पाकिस्तान ने अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे भारत को सौंपने से इनकार कर दिया था।
– खुफिया एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तानी मिलिट्री अजहर जैसे आतंकियों को कोल्ड स्टोरेज में रखती हैं जो उन्हें भारत के खिलाफ लड़ाई में मदद करते हैं। मिलिट्री उन्हें कट्टरपंथी के रूप में पेश करती हैं ताकि उन पर कार्रवाई न करनी पड़े।
10. नवाज के ऑफिस की तरफ से जारी स्टेटमेंट में क्या कहा गया है?
– नवाज शरीफ ने पाकिस्तान के सुरक्षा हालात को लेकर बीते बुधवार रात मीटिंग बुलाई। इसमें नवाज सरकार के मंत्री, पंजाब सूबे के मुख्यमंत्री, विदेशी मामलों के एडवाइजर, आईएसआई के डायरेक्टर जनरल, लाहौर कॉर्प्स कमांडर, डीजी इंटेलिजेंस और मिलिट्री-पुलिस के दूसरे बड़े अफसर मौजूद थे।
– मीटिंग में पाकिस्तान से आतंकवाद के खात्मे और पठानकोट अटैक से जुड़े लोगों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
– जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ मिले सबूतों के आधार पर ऑर्गेनाइजेशन के कई ऑफिस सील किए गए। आगे की कार्रवाई जारी है।
– पाकिस्तान सरकार एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पठानकोट भेजेगी, जो जांच में भारत की मदद करेगी।
– पठानकोट आतंकी हमले के खिलाफ कार्रवाई में पाकिस्तान पूरी तरह से भारत के साथ है।

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