PM ने कहा-कब्जे में 90000 पाकिस्तानी थे, चाहते तो कुछ भी हो सकता था

ढाका: बांग्लादेश दौरे के दूसरे और आखिरी दिन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढाका यूनिवर्सिटी में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। मोदी ने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा, ‘तब हमारे कब्जे में 90 हजार पाकिस्तानी फौजी थे। अगर हमारी विकृत मानसिकता होती, तो कुछ भी हो सकता था। लेकिन हम बांग्लादेश की धरती को रक्तरंजित नहीं करना चाहते थे। हमने पाकिस्तानी फौजियों को वापस कर दिया। फिर भी शांति के लिए संयुक्त राष्ट्र के सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट हमें नही मिली है।’ इस भाषण के साथ ही नरेेंद्र मोदी का बांग्लादेश का दो दिनों का दौरा खत्म हो गया और अब वे भारत लौट चुके हैं।
इससे पहले, मेजबान देश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद ने बंगभवन में पीएम मोदी के सम्मान में भोज रखा। जिसमें मोदी को मिष्टी दोई (मीठी दही) भी परोसा गया। इस दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी मौजूद थीं। इससे पहले मोदी अपने होटल में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और विपक्ष की नेता बेगम रौशन इरशाद सहित बांग्लादेश के कारोबारियों से मुलाकात की।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को ‘फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वॉर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। चूंकि, वाजपेयी का स्वास्थ्य सही नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी ओर से यह सम्मान हासिल किया। बांग्लादेश के आजाद होने के वक्त अटल ने पत्र लिखकर देश के मुक्ति संग्राम के लिए सेना भेजने की बात कही थी।
रविवार की सुबह मोदी ढाका स्थित 800 साल पुराने ढाकेश्वरी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने देवी के दर्शन किए, जिसके बाद उन्हें एक मूर्ति भेंट की गई। इसके बाद वह रामकृष्ण आश्रम गए। यहां उन्होंने संन्यासियों के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाई और साथ में वैदिक मंत्रोच्चारण भी किया। मोदी ने इसके बाद, इंडियन हाई कमिशन के नए दफ्तर की नींव रखी और कुछ नए प्रोजेक्ट्स का भी उद्घाटन किया। अब से कुछ देर बाद बांग्लादेश के राष्ट्रपति से मिलेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *