RJD विधायक दल की मीटिंग शुरू, लालू परिवार पर छापों को लेकर हो सकती है चर्चा

पटना.लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआईआर के बाद बेटी मीसा के ठिकानों पर ईडी के छापों के बाद जेडीयू ने सोमवार को विधायक दल की मीटिंग शुरू हो गई है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस मीटिंग में इन कार्रवाईयों के बाद बने हालात पर चर्चा हो सकती है। साथ ही तेजस्वी यादव पर इस्तीफा देने के लिए बन रहे दबाव पर बातचीत हो सकती है। दूसरी ओर, सीएम नीतीश कुमार रविवार को राजगीर से पटना लौटे। लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव को हटाने पर कुछ नहीं कहा है। वहीं, नीतीश की पार्टी जेडीयू मंगलवार को मीटिंग करेगी। इस बीच, बीजेपी ने नीतीश से तेजस्वी को बर्खास्त करने की मांग की है।
मीटिंग में 27 अगस्त को होने वाली रैली को लेकर स्ट्रैटजी बनेगी…
– पार्टी के सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग का एजेंडा यादव फैमिली के खिलाफ की गई सीबीआई, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और ईडी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि पार्टी के सीनियर नेताओं को नई जिम्मेदारी देने पर चर्चा होगी। इसके अलावा, 27 अगस्त को होने वाली रैली को लेकर स्ट्रैटजी बनाई जाएगी।
– सूत्रों का कहना है कि अगर तेजस्वी यादव पर इस्तीफा देने का दवाब बढ़ा और तब किस नेता को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हो सकती है। यह भी तय हो सकता है कि लालू परिवार का दूसरा कोई मेंबर उनकी जगह नहीं लेगा। सीबीआई का मामला खत्म हो जाने के बाद फिर से तेजस्वी की वापसी कराई जाएगी।
आरजेडीविधायक जेडीयू के रवैया से नाराज
– लालू प्रसाद और उनके परिवार पर सीबीआई छापे के 60 घंटे बाद भी आरजेडी की तरफ से किसी भी तरह के बयान नहीं आने से राजद विधायक खफा हैं।
– लालू सीबीआई और ईडी के छापों से परेशान पहले से ही हैं। लेकिन, बड़ी दिक्कत ये है कि अब तक नीतीश और उनकी पार्टी ने लालू के समर्थन में एक भी शब्द नहीं कहा है। माना जा रहा है कि सुशासन बाबू की इमेज वाले नीतीश तेजस्वी पर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।
– हालांकि, कांग्रेस ने लालू का खुलकर बचाव और समर्थन करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार सीबीआई और ईडी का गलत इस्तेमाल कर रही है।
सीएम ने बुलाई बैठक
– नीतीश तीन दिनों तक राजगीर में रहने के बाद रविवार दोपहर पटना लौटे, लेकिन मीडिया से बात नहीं की। नीतीश कुमार ने 11 जुलाई को पार्टी के तमाम आला नेताओं की मीटिंग बुलाई है। माना जा रहा है कि इस मीटिंग के बाद कोई बड़ा एलान हो सकता है।
– बता दें कि बिहार में लालू की पार्टी आरजेडी के सबसे ज्यादा विधायक हैं। नीतीश की पार्टी दूसरे और कांग्रेस तीसरे नंबर पर है। तीनों ने मिलकर सरकार बनाई।
रेलवे टेंडर स्कैम मामले में फंसे लालू, 7 लोगों पर FIR
– सीबीआई ने शुक्रवार सुबह आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव से जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे थे। छापेमारी की यह कार्रवाई 7:30 बजे से पटना, रांची, भुवनेश्वर, दिल्ली और गुड़गांव के ठिकानों पर की गई थी। पटना में लालू-राबड़ी के घर की भी तलाशी ली गई। सीबीआई ने बताया कि लालू, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी-आपराधिक साजिश का केस दर्ज किया गया है।
– जांच एजेंसी के मुताबिक, 2006 में जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी में होटलों के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई। इस बीच, लालू ने छापेमारी को बदले की कार्रवाई कहा है। इससे पहले 1000 करोड़ की बेनामी प्रॉपर्टी के मामले में 16 मई को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू से जुड़े 22 रियल एस्टेट कारोबारियों के यहां छापेमारी की थी।
– सीबीआई के मुताबिक, ”जांच एजेंसी ने 5 जुलाई को लालू समेत 7 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप है कि लालू ने जमीन लेने के लिए रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया। इसके लिए मेसर्स सुजाता होटल्स और डिलाइट मार्केटिंग के साथ मिलकर धोखाधड़ी की और आपराधिक साजिश रची गई।
मीसा के तीन ठिकानों पर छापे, दामाद से हुई पूछताछ
– इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट ( ईडी) ने शनिवार को शनिवार को लालू की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेष से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे डाले थे। इनमें दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के नजदीक बिजवासन का फार्महाउस भी शामिल है। इसके अलावा सैनिक फार्म और घिटोरनी के ठिकाने भी हैं। इस दौरान शैलेष से करीब 9 घंटे पूछताछ की गई थी।
– ऐसा कहा गया कि ये ये सर्च ऑपरेशन जैन ब्रदर्स बीरेंद्र और सुरेंद्र कुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई।
मीसा के परिवार से इन जैन ब्रदर्स का क्या कनेक्शन है?
– ईडी को शक है कि कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन ने करीब 8000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की है। जैन ब्रदर्स ने ही मीसा को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए दिल्ली के बिजवासन में करीब डेढ़ करोड़ का फार्म हाउस दिलाया।
– मई में इसी मनी लॉन्ड्रिंग केस में भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीएम) राजेश अग्रवाल को एन्फोर्समेंट डिपार्टमेंट ने अरेस्ट कर किया था। इस मामले में शेल कंपनियों के कारोबारी बीरेंद्र जैन और सुरेंद्र कुमार जैन की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है। फिलहाल वो जेल में हैं। उन पर कई हाई-प्रोफाइल लोगों की ब्लैकमनी को व्हाइट करने का आरोप है।
जैन ब्रदर्स पर क्या है आरोप?
– जैन ब्रदर्स पर आरोप है कि उन्होंने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार की बंद पड़ी कंपनी मीशैल पैकर्स के 10 रुपए मूल्य के 1 लाख 20 हजार शेयर 90 रुपए प्रीमियम पर खरीदे। फिर इस पैसे का इस्तेमाल दिल्ली के बिजवासन में 1.41 करोड़ रुपए में 3 एकड़ का फार्म हाउस खरीदने में किया गया।
– ईडी के मुताबिक, जैन ब्रदर्स पर नेताओं और उनके परिवार वालों की ब्लैकमनी को शेल कंपनियों के जरिए लीगल करने के एवज में कमीशन लेने का आरोप है। ईडी ने इस फार्म हाउस को भी जब्त कर लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *