RTI में मांगी गई जानकारी तो केजरीवाल सरकार ने कहा- नहीं पता खर्च का हिसाब

नई दिल्ली. दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी यानी ‘आप’ की सरकार ने अपना पहला पूर्ण बजट पेश कर दिया है। पार्टी ने इसे ‘स्वराज बजट’ नाम दिया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि केजरीवाल की सरकार के पास सीएम ऑफिस के खर्चों का हिसाब किताब नहीं है। एक आरटीआई में जब सीएम ऑफिस और विज्ञापनों पर होने वाले खर्च की जानकारी मांगी गई तो वहां से कहा गया कि इस तरह की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह है मामला
आरटीआई एक्टिविस्ट जतिन गोयल ‘सायबर सिपाही’ नाम के एक सोशल मीडिया ग्रुप के को-फाउंडर भी हैं। जतिन ने एक आरटीआई दायर करके दिल्ली सरकार से एंटी करप्शन हेल्पलाइन की रि-लॉन्चिंग के कार्यक्रम के दौरान हुए खर्च का ब्योरा मांगा था। इस आरटीआई में दिल्ली सरकार द्वारा टीवी चैनलों पर दिए गए एक विवादित विज्ञापन के अलावा भी कुछ और खर्चों की जानकारी मांगी गई थी।
सीएमओ से नहीं मिला जवाब
शुरुआत में यह आरटीआई डायरेक्टर ऑफ इनफॉर्मेशन एंड पब्लिसिटी में पब्लिक इंफॉर्मेशन ऑफिसर को भेजी गई थी जहां से इस आरटीआई को सीएमओ, (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन, विजिलेंस एंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स डिपार्टमेंट) को भेज को दिया गया। गोयल का कहना है कि यह हैरान करने वाली बात है कि सीएमओ ने जानकारी देने से मना किया क्योंकि सभी फाइलें सीएम केजरीवाल के ऑफिस से होकर गुजरती हैं। गोयल का कहना है, “यह निराशाजनक ही नहीं खतरनाक भी है, जो ‘आप’ सरकार दिल्लीवालों से इतने वादे कर सत्ता में आई है वह अपने खर्चों का ब्यौरा नहीं रखती।”
गोयल द्वारा दाखिल की गई आरटीआई में हेल्पलाइन नंबर के विज्ञापन पर (रेडियो, टेलीविजन और होर्डिंग्स विज्ञापनों सहित) होने वाले खर्च के बारे में भी पूछा गया था। इस सवाल के जवाब में भी सीएमओ की तरफ से यही कहा गया कि जानकारी उपलब्ध नहीं है।